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बूंदाबांदी के बाद अासमान से अाेले नहीं किसानाें के लिए अाफत बरसी है

Tue, 13 Feb 2018 09:29 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 13 Feb 2018 09:29 AM IST
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Uttar Pradesh witnessed extremely good rains
डेमो पिक
प्रदेश में माैसम का म‌िजाज पल-पल बदल रहा है। सुबह बूंदाबांदी अाैर शाम काे असमान से अाेला वृष्ट‌ि ने क‌िसानाें के चेहरे से हवाईयां उड़ा दी हैं। खेत से लेकर सड़क तक बर्फ की सफेद चादर से पट गए। दो दिन से हो रही रिमझिम बारिश से खुश हुए किसानों के चेहरों पर फ‌िर से मायूसी ला दी है।

 

 

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सरसों, अरहर, मटर और चना की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। इनमें लगे फूल और फल जमींदोज हो गए। गेहूं की फसल भी गिर गई। बड़ोखर बुजुर्ग के किसान राम त्रिपाठी ने बताया कि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सूखे से जूझ रहे किसानों पर अब ओलावृष्टि की मार पड़ी है। कई स्थानों पर ओलों की मार से बिजली के तार और पेड़ों की डालें टूट गईं।

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तिंदवारा, बड़ोखर बुजुर्ग, खुरहंड व अतर्रा क्षेत्र में जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई। तेज बारिश से अधिकांश खेतों में पानी भर गया। यह फसल के लिए नुकसानदेह बताया गया है। सोमवार को दूसरे दिन भी चित्रकूटधाम मंडल में बादल और बूंदाबांदी का सिलसिला चलता रहा। बीते 24 घंटे में 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आ गई।

 

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मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे भी मौसम का रुख ऐसा ही रहेगा। बुधवार से मौसम खुलने का पूर्वानुमान है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रहा। पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक जम्मू-पाक सीमा के आसपास दो-तीन दिनों से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में यह परिवर्तन आया है।

 

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मंगलवार को भी बूंदाबांदी व कहीं तेज बारिश की संभावना है। सोमवार को 8 किलोमीटर की रफ्तार से चल रहे पछुआ हवाओं के झोंके से ठंड में इजाफा हुआ है। जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने बताया कि मसूर, सरसों व गेहूं की फसलों में माहू का प्रकोप हो सकता है। हल्का पीला रंग लिए हुए यह कीट पौधों के तनों, पत्तियों व फूलों व नई फलियों का रस चूस कर कमजोर कर देते हैं।
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