बूंदाबांदी के बाद अासमान से अाेले नहीं किसानाें के लिए अाफत बरसी है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरसों, अरहर, मटर और चना की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। इनमें लगे फूल और फल जमींदोज हो गए। गेहूं की फसल भी गिर गई। बड़ोखर बुजुर्ग के किसान राम त्रिपाठी ने बताया कि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सूखे से जूझ रहे किसानों पर अब ओलावृष्टि की मार पड़ी है। कई स्थानों पर ओलों की मार से बिजली के तार और पेड़ों की डालें टूट गईं।
तिंदवारा, बड़ोखर बुजुर्ग, खुरहंड व अतर्रा क्षेत्र में जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई। तेज बारिश से अधिकांश खेतों में पानी भर गया। यह फसल के लिए नुकसानदेह बताया गया है। सोमवार को दूसरे दिन भी चित्रकूटधाम मंडल में बादल और बूंदाबांदी का सिलसिला चलता रहा। बीते 24 घंटे में 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आ गई।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे भी मौसम का रुख ऐसा ही रहेगा। बुधवार से मौसम खुलने का पूर्वानुमान है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रहा। पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक जम्मू-पाक सीमा के आसपास दो-तीन दिनों से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में यह परिवर्तन आया है।