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Farrukhabad: रोक के बाद भी फर्रुखाबाद-बदायू मार्ग पर चित्रकूट डिप पर भरे पानी से गुजर रहे वाहन
Wed, 05 Aug 2026 07:13 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 05 Aug 2026 07:13 PM IST
सार
एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने चार स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए हैं। शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर गांव गुटैटी दक्षिण के पास एक फीट पानी बह रहा।
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भरे गंगा के पानी से गुजरते वाहन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फर्रुखाबाद-बदायूं पर प्रवेश पर रोक के बाद भी चित्रकूट डिप पर करीब फीट पानी बहने के बाद भी बुधवार को वाहन गुजरते रहे। जबकि वाहनों को रोकने के लिए चार स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए जाने के साथ सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। गंगा जलस्तर तीसरे दिन भी 136.95 मीटर पर स्थिर रहा। नरौरा बांध से 1,11969 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। चेतावनी बिंदु 136.60 व खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
गंगा में आई बाढ़ के चलते सोमवार रात से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग गांव चित्रकूट के पास डिप तेज गति से पानी बहना शुरू हो गया था। मंगलवार शाम को एसडीएम अमृतपुर के आदेश पर पुलिस ने फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए फर्रुखाबाद की ओर से जाने वाले वाहनों को रोकने के लिए जमापुर मोड़ पर बैरीकेड्स लगवा दिए थे। उधर बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों को रोकने के लिए राजेपुर में बैरिकेड्स लगाए गए थे। इसके लिए डिप के दोनों ओर भी बैरिकेडिंग किए जाने के साथ सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए गए थे। पर बुधवार सुबह तक यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई। यहां रोक के बाद भी दोपहिया, कारें व रोडवेज बसों सहित अन्य वाहन गुजरते रहे।
इसके अलावा यहां शहर से भी लोग बाढ़ की स्थिति का जाएजा लेने पहुंते रहे। चित्रकूट, अबंरपुर, उदयपुर, बमियारी, कुड़री सांरगपुर, करपुर घाट, मंझा में पानी भरा है। इसके चलते चित्रकूट के रामनिवास महाविद्यालय में बनाए शरणालय में पहुंच रहे हैं। वहां करीब 60 लोगों के शरण ले ने की जानकारी दी गई है। उधर शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर गांव गुटैटी दक्षिण के पास एक फीट पानी बह रहा है। वहां भीलोग जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। पुलिस ने इसी मार्ग पर ग्राम जैतपुर के पास खतरे के संकेत का बोर्ड लगाकर मार्ग सावधानी बरतने को कहा है। साथ ही आवागमन करने वाले लोगों को सावधानी बरतने हिदायत दी जा रही है। राजेपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने बताया कि पानी का बहाव कुछ कम है। स्थानीय लोग निकल रहे हैं। लोगों को परेशानी न हो इसके लिए सख्ती नहीं की जा रही है। पानी बढ़ने पर सख्ती से आदेश का पालन कराया जाएगा।
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गंगा में आई बाढ़ के चलते सोमवार रात से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग गांव चित्रकूट के पास डिप तेज गति से पानी बहना शुरू हो गया था। मंगलवार शाम को एसडीएम अमृतपुर के आदेश पर पुलिस ने फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए फर्रुखाबाद की ओर से जाने वाले वाहनों को रोकने के लिए जमापुर मोड़ पर बैरीकेड्स लगवा दिए थे। उधर बदायूं की ओर से आने वाले वाहनों को रोकने के लिए राजेपुर में बैरिकेड्स लगाए गए थे। इसके लिए डिप के दोनों ओर भी बैरिकेडिंग किए जाने के साथ सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए गए थे। पर बुधवार सुबह तक यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई। यहां रोक के बाद भी दोपहिया, कारें व रोडवेज बसों सहित अन्य वाहन गुजरते रहे।
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इसके अलावा यहां शहर से भी लोग बाढ़ की स्थिति का जाएजा लेने पहुंते रहे। चित्रकूट, अबंरपुर, उदयपुर, बमियारी, कुड़री सांरगपुर, करपुर घाट, मंझा में पानी भरा है। इसके चलते चित्रकूट के रामनिवास महाविद्यालय में बनाए शरणालय में पहुंच रहे हैं। वहां करीब 60 लोगों के शरण ले ने की जानकारी दी गई है। उधर शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर गांव गुटैटी दक्षिण के पास एक फीट पानी बह रहा है। वहां भीलोग जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। पुलिस ने इसी मार्ग पर ग्राम जैतपुर के पास खतरे के संकेत का बोर्ड लगाकर मार्ग सावधानी बरतने को कहा है। साथ ही आवागमन करने वाले लोगों को सावधानी बरतने हिदायत दी जा रही है। राजेपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने बताया कि पानी का बहाव कुछ कम है। स्थानीय लोग निकल रहे हैं। लोगों को परेशानी न हो इसके लिए सख्ती नहीं की जा रही है। पानी बढ़ने पर सख्ती से आदेश का पालन कराया जाएगा।
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समैचीपुर चितार के 10 से अधिक ग्रामीण पॉलीथिन तान कर रहने को मजबूर
ढाई घाट की गंगा कटरी क्षेत्र में 20 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांव के रास्ते बंद हो गए हैं। शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर ढाई घाट पुल के उस पार सड़क पर गांव समैचीपुर चितान के लिए 10 से अधिक परिवार पॉलीथिन तान कर जीवन यापन कर रहे। लेखपाल ने उनसे बाढ़ शरणालय में जाने को कहा पर उन्होंने जाने से माना कर दिया।(संवाद)
ढाई घाट की गंगा कटरी क्षेत्र में 20 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांव के रास्ते बंद हो गए हैं। शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर ढाई घाट पुल के उस पार सड़क पर गांव समैचीपुर चितान के लिए 10 से अधिक परिवार पॉलीथिन तान कर जीवन यापन कर रहे। लेखपाल ने उनसे बाढ़ शरणालय में जाने को कहा पर उन्होंने जाने से माना कर दिया।(संवाद)
बाढ़ से 4,855 परिवार प्रभावित, शरणालयों में पहुंच रहे लोग
बाढ़ से जनपद में 50 से अधिक गांव प्रभावित हैं। 40 विद्यालय बंद किए जा चुके हैं। सतर्कता के चले 111 गांवों की बिजली का दी गई है। वहीं प्रशासन का दावा है कि तहसील सदर के 9, तहसील कायमगंज के 12 तथा तहसील अमृतपुर के 12 गांव ही प्रभावित हैं। इस प्रकार जनपद के कुल 33 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन प्रभावित गांवों में कुल 23,367 की आबादी तथा 4,855 परिवार शामिल हैं। जनपद में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में मंडी समिति रामसवाईद एवं रहमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में संचालित शरणालयों में अब तक 240 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। उनके भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी बनी हैं।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तहसील सदर, कायमगंज एवं अमृतपुर के प्रभावित क्षेत्रों में कुल 50 नावें एवं 5 मोटरबोट तैनात की गई हैं। साथ ही एक टीम एनडीआरएफ तथा एक कंपनी पीएसी फ्लड यूनिट आवश्यक उपकरणों सहित तैनात है। आवश्यकता पड़ने पर 53 स्वयंसेवी गोताखोरों की सेवाएं भी ली जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 35 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। इनमें अब तक 536 लोगों का उपचार किया जा चुका है। पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 79 पशुओं का उपचार तथा 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
बाढ़ से जनपद में 50 से अधिक गांव प्रभावित हैं। 40 विद्यालय बंद किए जा चुके हैं। सतर्कता के चले 111 गांवों की बिजली का दी गई है। वहीं प्रशासन का दावा है कि तहसील सदर के 9, तहसील कायमगंज के 12 तथा तहसील अमृतपुर के 12 गांव ही प्रभावित हैं। इस प्रकार जनपद के कुल 33 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन प्रभावित गांवों में कुल 23,367 की आबादी तथा 4,855 परिवार शामिल हैं। जनपद में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में मंडी समिति रामसवाईद एवं रहमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में संचालित शरणालयों में अब तक 240 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। उनके भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी बनी हैं।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तहसील सदर, कायमगंज एवं अमृतपुर के प्रभावित क्षेत्रों में कुल 50 नावें एवं 5 मोटरबोट तैनात की गई हैं। साथ ही एक टीम एनडीआरएफ तथा एक कंपनी पीएसी फ्लड यूनिट आवश्यक उपकरणों सहित तैनात है। आवश्यकता पड़ने पर 53 स्वयंसेवी गोताखोरों की सेवाएं भी ली जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 35 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। इनमें अब तक 536 लोगों का उपचार किया जा चुका है। पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 79 पशुओं का उपचार तथा 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।