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Kanpur News: मिठाई के डिब्बे, लिफाफे बनाना सीख रहीं महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 04 May 2026 12:29 AM IST
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कानपुर देहात। समूह की 29 महिलाएं मिठाई के डिब्बे, लिफाफे, फाइल फोल्डर सहित दोना पत्तल आदि बनाने की हुनर सीख रही हैं। प्रशिक्षण पूरा होने पर यह खुद का कारोबार कर सकेंगी और अन्य को भी रोजगार उपलब्ध कराएंगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं खुद का कारोबार कर आत्मनिर्भर बन रही है। एनआरएलएम विभाग की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को समूह का गठन कर उससे जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही जुड़ने वाली महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी के तहत रनियां के रायपुर सहित आस पास के गांव की 29 महिलाओं को दोना पत्तल आदि बनाने का काम सिखाया जा रहा है।
आरसेटी प्रशिक्षक पंकज कुमार ने बताया कि पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की महिलाओं को समूह से जोड़ने के साथ रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन महिलाओं का प्रशिक्षण पूरा होने पर स्टार्ट अप मनी के तौर पर 2.5 हजार रुपये स्टेशनरी की खरीद के लिए दिए जाएंगे। इसके तीन महीने बाद आरएफ (रिवॉल्विंग फंड) के तहत 30 हजार रुपये व छह महीने बाद सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के तहत 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इन रुपयों से यह स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आमदनी कर सकेंगी। जो महिलाएं काम को बड़े स्तर पर करना चाहेंगी, उन्हें सीएम युवा उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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वर्जन.......
समूह की 29 महिलाओं को दोना पत्तल, मिठाई का डिब्बा, लिफाफे आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने पर इन्हें कारोबार शुरू करने के लिए योजना के तहत धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे यह स्वयं का काम शुरू कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगी। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल करना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम
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आरसेटी प्रशिक्षक पंकज कुमार ने बताया कि पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की महिलाओं को समूह से जोड़ने के साथ रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन महिलाओं का प्रशिक्षण पूरा होने पर स्टार्ट अप मनी के तौर पर 2.5 हजार रुपये स्टेशनरी की खरीद के लिए दिए जाएंगे। इसके तीन महीने बाद आरएफ (रिवॉल्विंग फंड) के तहत 30 हजार रुपये व छह महीने बाद सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के तहत 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इन रुपयों से यह स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आमदनी कर सकेंगी। जो महिलाएं काम को बड़े स्तर पर करना चाहेंगी, उन्हें सीएम युवा उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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समूह की 29 महिलाओं को दोना पत्तल, मिठाई का डिब्बा, लिफाफे आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने पर इन्हें कारोबार शुरू करने के लिए योजना के तहत धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे यह स्वयं का काम शुरू कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगी। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल करना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम
