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Kasganj News: स्कूल चलो अभियान से शिक्षा की रोशनी फैलेगी हर घर तक
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फोटो26जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय। संवाद
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कासगंज। जिले में स्कूल चलो अभियान से शिक्षा की रोशनी हर घर तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। एक अप्रैल से अभियान शुरू किया जाएगा। इस पहल में बच्चों को समय पर स्कूल भेजने और नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी और शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों और अभिभावकों को स्कूल आने के लिए जागरूक करेंगे।
जिले में कुल 1,263 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जबकि एक हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्री-प्राइमरी शिक्षा की सुविधा दी जाती है। नए शिक्षा सत्र के साथ ही इस अभियान के जरिए बच्चों को स्कूल और आंगनबाड़ी से जोड़ा जाएगा। अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ स्पेशल एजुकेटर भी शामिल होंगे। टीम घर-घर जाकर सर्वे करेगी और उन बच्चों की पहचान करेगी जो स्कूल नहीं जा रहे हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। तीन वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों का आंगनबाड़ी या बालवाटिका में दाखिला कराया जाएगा, वहीं छह वर्ष के बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश दिलाने पर विशेष जोर रहेगा।
ड्रॉपआउट और विशेष बच्चों पर विशेष ध्यान
सात से 14 वर्ष आयु वर्ग के ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का नामांकन भी सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बच्चे को जन्म प्रमाणपत्र या आधार कार्ड न होने पर प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों से जोड़ा जाएगा।
वर्जन
नए सत्र में स्कूल चलो अभियान चलाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। एक अप्रैल से अभियान शुरू होगा- सूर्य प्रताप सिंह, बीएसए
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जिले में कुल 1,263 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जबकि एक हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्री-प्राइमरी शिक्षा की सुविधा दी जाती है। नए शिक्षा सत्र के साथ ही इस अभियान के जरिए बच्चों को स्कूल और आंगनबाड़ी से जोड़ा जाएगा। अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ स्पेशल एजुकेटर भी शामिल होंगे। टीम घर-घर जाकर सर्वे करेगी और उन बच्चों की पहचान करेगी जो स्कूल नहीं जा रहे हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। तीन वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों का आंगनबाड़ी या बालवाटिका में दाखिला कराया जाएगा, वहीं छह वर्ष के बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश दिलाने पर विशेष जोर रहेगा।
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ड्रॉपआउट और विशेष बच्चों पर विशेष ध्यान
सात से 14 वर्ष आयु वर्ग के ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का नामांकन भी सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बच्चे को जन्म प्रमाणपत्र या आधार कार्ड न होने पर प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों से जोड़ा जाएगा।
वर्जन
नए सत्र में स्कूल चलो अभियान चलाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। एक अप्रैल से अभियान शुरू होगा- सूर्य प्रताप सिंह, बीएसए