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Kaushambi News: भीषण गर्मी में डार्क जोन की जद में दोबारा आए चायल और मूरतगंज विकासखंड
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 23 Apr 2026 12:51 AM IST
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जलस्तर घटने से मूरतगंज ब्लॉक के सैयद सरांवा गांव के अलग-अलग तीन जगहों सूखे हैंडपंप। संवाद
- फोटो : टूंडला के सुभाष चौराहे पर राहुल गांधी का प्रतीकात्म पुतला दहन करते भाजपाई संवाद
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भीषण गर्मी के बीच जिले में जल संकट दिन प्रतिदिन विकराल रूप लेता जा रहा है। जनपद के दो विकासखंड चायल और मूरतगंज दोबारा डार्क जोन की जद में आ गए हैं। लगातार गिरते भूजल स्तर ने हालात को चिंताजनक बना दिया है। इन इलाकों में जल स्तर सामान्य से 30 से 40 फीट तक नीचे चला गया है।
जल विशेषज्ञों के मुताबिक जिले का सामान्य जलस्तर 80 से 100 फीट के बीच रहता है, जो गर्मी में 100 से 120 फीट तक पहुंच जाता है। सामान्य परिस्थितियों में 10 से 15 फीट के बीच जल उपलब्धता सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन वर्तमान में अधिकांश क्षेत्रों में यह 20 फीट से नीचे जा चुका है।
विकासखंड वार स्थिति पर नजर डालें तो चायल में सामान्य से 30-40 फीट तक जलस्तर गिरने से आधे से अधिक हैंडपंप बंद हो चुके हैं। वहीं मूरतगंज में 30-38 फीट तक गिरावट दर्ज की गई है, जहां ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। मंझनपुर, सिराथू, कड़ा, नेवादा, सरसवां और कौशाम्बी ब्लॉकों में भी जलस्तर लगातार गिर रहा है, जिससे पेयजल और सिंचाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
डार्क जोन का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। चायल और मूरतगंज पहले से ही इस श्रेणी में हैं, जबकि मंझनपुर, सिराथू और कड़ा भी उसी दिशा में बढ़ते नजर आ रहे हैं। अनियंत्रित बोरिंग ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।
सबसे अधिक प्रभावित गांवों में चायल क्षेत्र के तिल्हापुर, बरई, पुरखास और मल्हीपुर शामिल हैं, जहां कई हैंडपंप सूख चुके हैं। मूरतगंज के बलिहावां, काजू, लोहरा और सिकंदरपुर बजहा में भी जल संकट गहराया हुआ है। कई जगहों पर लोग टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं।
चायल के तिल्हापुर निवासी रामसजीवन का कहना है कि पहले 110-115 फीट पर पानी मिल जाता था, अब 135 फीट तक भी नहीं मिल रहा। वहीं मूरतगंज की फूलमती देवी बताती हैं कि रोज दूर से पानी लाना पड़ता है। सिराथू के किसान राजकुमार के अनुसार सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा, जिससे फसल प्रभावित हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 20 फीट से नीचे लगातार गिरता भूजल स्तर ‘अतिदोहन’ की स्थिति को दर्शाता है, जबकि सामान्य से 30 फीट से अधिक गिरावट वाले क्षेत्र गंभीर श्रेणी में आते हैं, जो डार्क जोन का संकेत है। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ सकते हैं।
चायल और मूरतगंज पहले से ही डार्क जोन में हैं। अब मंझनपुर, सिराथू और कड़ा भी उसी दिशा में बढ़ रहे हैं। यदि भूजल दोहन पर नियंत्रण और वर्षा जल संचयन के उपाय नहीं किए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। -संतोष सोनी, जिला प्रभारी, जल जीवन मिशन
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विकासखंड वार स्थिति पर नजर डालें तो चायल में सामान्य से 30-40 फीट तक जलस्तर गिरने से आधे से अधिक हैंडपंप बंद हो चुके हैं। वहीं मूरतगंज में 30-38 फीट तक गिरावट दर्ज की गई है, जहां ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। मंझनपुर, सिराथू, कड़ा, नेवादा, सरसवां और कौशाम्बी ब्लॉकों में भी जलस्तर लगातार गिर रहा है, जिससे पेयजल और सिंचाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
डार्क जोन का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। चायल और मूरतगंज पहले से ही इस श्रेणी में हैं, जबकि मंझनपुर, सिराथू और कड़ा भी उसी दिशा में बढ़ते नजर आ रहे हैं। अनियंत्रित बोरिंग ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।
सबसे अधिक प्रभावित गांवों में चायल क्षेत्र के तिल्हापुर, बरई, पुरखास और मल्हीपुर शामिल हैं, जहां कई हैंडपंप सूख चुके हैं। मूरतगंज के बलिहावां, काजू, लोहरा और सिकंदरपुर बजहा में भी जल संकट गहराया हुआ है। कई जगहों पर लोग टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं।
चायल के तिल्हापुर निवासी रामसजीवन का कहना है कि पहले 110-115 फीट पर पानी मिल जाता था, अब 135 फीट तक भी नहीं मिल रहा। वहीं मूरतगंज की फूलमती देवी बताती हैं कि रोज दूर से पानी लाना पड़ता है। सिराथू के किसान राजकुमार के अनुसार सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा, जिससे फसल प्रभावित हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 20 फीट से नीचे लगातार गिरता भूजल स्तर ‘अतिदोहन’ की स्थिति को दर्शाता है, जबकि सामान्य से 30 फीट से अधिक गिरावट वाले क्षेत्र गंभीर श्रेणी में आते हैं, जो डार्क जोन का संकेत है। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ सकते हैं।
चायल और मूरतगंज पहले से ही डार्क जोन में हैं। अब मंझनपुर, सिराथू और कड़ा भी उसी दिशा में बढ़ रहे हैं। यदि भूजल दोहन पर नियंत्रण और वर्षा जल संचयन के उपाय नहीं किए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। -संतोष सोनी, जिला प्रभारी, जल जीवन मिशन

जलस्तर घटने से मूरतगंज ब्लॉक के सैयद सरांवा गांव के अलग-अलग तीन जगहों सूखे हैंडपंप। संवाद- फोटो : टूंडला के सुभाष चौराहे पर राहुल गांधी का प्रतीकात्म पुतला दहन करते भाजपाई संवाद

जलस्तर घटने से मूरतगंज ब्लॉक के सैयद सरांवा गांव के अलग-अलग तीन जगहों सूखे हैंडपंप। संवाद- फोटो : टूंडला के सुभाष चौराहे पर राहुल गांधी का प्रतीकात्म पुतला दहन करते भाजपाई संवाद

जलस्तर घटने से मूरतगंज ब्लॉक के सैयद सरांवा गांव के अलग-अलग तीन जगहों सूखे हैंडपंप। संवाद- फोटो : टूंडला के सुभाष चौराहे पर राहुल गांधी का प्रतीकात्म पुतला दहन करते भाजपाई संवाद

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