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Kaushambi News: टाट पर बैठकर पढ़ने को मजबूर बच्चे, सुविधाओं का टोटा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 28 Apr 2026 01:03 AM IST
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भीषण गर्मी के बीच जिले के प्राथमिक विद्यालयों की हकीकत चौंकाने वाली है। सोमवार को पड़ताल में सामने आया कि कई स्कूलों में बच्चों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल, बिजली और पंखे जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। कहीं बच्चे टाट बिछाकर पढ़ाई कर रहे हैं तो कहीं उन्हें गर्म पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
गौरा डेरा विद्यालय में खराब हैंडपंप और बिजली की कमी बड़ी समस्या
ओसा चौराहा स्थित प्राथमिक विद्यालय गौरा डेरा में बच्चों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए पंखे लगाए गए हैं, लेकिन अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण अधिकांश समय वे बंद रहते हैं। विद्यालय में बिजली का कोई वैकल्पिक साधन भी उपलब्ध नहीं है। वहीं परिसर का हैंडपंप भी खराब है, जिससे बच्चों को टंकी में भरा गर्म पानी पीना पड़ रहा है।
पाता विद्यालय में कूलर लगा, लेकिन बिजली का संकट
विकास खंड मंझनपुर के प्राथमिक विद्यालय पाता में बच्चों की सुविधा के लिए कूलर लगाया गया है, लेकिन बिजली की समस्या यहां भी बनी हुई है। प्रधानाध्यापक के अनुसार कृषि मंडी से जुड़े कनेक्शन के चलते कभी-कभी बिजली मिल जाती है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
कोर्रो-द्वितीय विद्यालय में टाट पर बैठकर पढ़ने को मजबूर
कोर्रो क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कोर्रो-द्वितीय में टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) के माध्यम से कक्षाओं को आकर्षक बनाया गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई में मदद मिल रही है। हालांकि यहां भी बच्चों के बैठने के लिए टाट की व्यवस्था है। बच्चे तपती फर्श पर टाट बिछाकर बैठने को मजबूर हैं, जिससे गर्मी के मौसम में उन्हें भारी असुविधा हो रही है।
जिन विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है, उसे गंभीरता से लिया जाएगा है। ज्यादातर विद्यालयों में पेयजल की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां पर हैंडपंप खराब है वहां सबमर्सिबल लगाया गया है। अभी प्राथमिक विद्यालयों में कुछ जगहों पर टाट पर ही बैठने की व्यवस्था है, इस पर काम चल रहा है। वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया हैं। -कमलेंद्र कुशवाहा, बीएसए
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गौरा डेरा विद्यालय में खराब हैंडपंप और बिजली की कमी बड़ी समस्या
ओसा चौराहा स्थित प्राथमिक विद्यालय गौरा डेरा में बच्चों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए पंखे लगाए गए हैं, लेकिन अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण अधिकांश समय वे बंद रहते हैं। विद्यालय में बिजली का कोई वैकल्पिक साधन भी उपलब्ध नहीं है। वहीं परिसर का हैंडपंप भी खराब है, जिससे बच्चों को टंकी में भरा गर्म पानी पीना पड़ रहा है।
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पाता विद्यालय में कूलर लगा, लेकिन बिजली का संकट
विकास खंड मंझनपुर के प्राथमिक विद्यालय पाता में बच्चों की सुविधा के लिए कूलर लगाया गया है, लेकिन बिजली की समस्या यहां भी बनी हुई है। प्रधानाध्यापक के अनुसार कृषि मंडी से जुड़े कनेक्शन के चलते कभी-कभी बिजली मिल जाती है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
कोर्रो-द्वितीय विद्यालय में टाट पर बैठकर पढ़ने को मजबूर
कोर्रो क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कोर्रो-द्वितीय में टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) के माध्यम से कक्षाओं को आकर्षक बनाया गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई में मदद मिल रही है। हालांकि यहां भी बच्चों के बैठने के लिए टाट की व्यवस्था है। बच्चे तपती फर्श पर टाट बिछाकर बैठने को मजबूर हैं, जिससे गर्मी के मौसम में उन्हें भारी असुविधा हो रही है।
जिन विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है, उसे गंभीरता से लिया जाएगा है। ज्यादातर विद्यालयों में पेयजल की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां पर हैंडपंप खराब है वहां सबमर्सिबल लगाया गया है। अभी प्राथमिक विद्यालयों में कुछ जगहों पर टाट पर ही बैठने की व्यवस्था है, इस पर काम चल रहा है। वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया हैं। -कमलेंद्र कुशवाहा, बीएसए

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