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Kaushambi News: घरेलू विवादों को पहले सुलह समझौते से निपटाएं अफसर
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सिराथू तहसील सभागार में आयोजित विधिक साक्षरता व जागरूकता शिविर में जानकारी देते एसडीएम संवाद
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मंगलवार को तहसील सभागार सिराथू में वैवाहिक विवादों में मुकदमे से पहले सुलह-समझौते के विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर लगा।
प्राधिकरण की सचिव आस्था मिश्रा ने कहा कि पारिवारिक और घरेलू विवादों में मुकदमे से पहले मध्यस्थता जरूरी है। उसी से पहले हल निकालना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से भी समझौते के लिए अपील की जा सकती है।
जिला प्रोबेशन विभाग की पूनम पाल व मंजू द्विवेदी ने कन्या सुमंगला योजना, बाल सेवा योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी। उप जिलाधिकारी योगेश कुमार गौड़ ने कहा कि पारिवारिक विवादों के निपटारे का सबसे अच्छा माध्यम मध्यस्थता केंद्र है। इसमें अधिवक्ता की फीस या किसी प्रकार के जटिल कागजी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती है।
नायब तहसीलदार विनय कुमार सिंह ने कहा कि जरूरत के अनुसार अधिकारी दोनों पक्षों से बातचीत कर समझौते के जरिये विवाद का समाधान कराने का प्रयास करते हैं। इस मौके पर अधिवक्ता अतुल कुमार श्रीवास्तव, ज्योत्सना सोनकर, सतीश सिंह मौजूद रहे।
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प्राधिकरण की सचिव आस्था मिश्रा ने कहा कि पारिवारिक और घरेलू विवादों में मुकदमे से पहले मध्यस्थता जरूरी है। उसी से पहले हल निकालना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से भी समझौते के लिए अपील की जा सकती है।
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जिला प्रोबेशन विभाग की पूनम पाल व मंजू द्विवेदी ने कन्या सुमंगला योजना, बाल सेवा योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी। उप जिलाधिकारी योगेश कुमार गौड़ ने कहा कि पारिवारिक विवादों के निपटारे का सबसे अच्छा माध्यम मध्यस्थता केंद्र है। इसमें अधिवक्ता की फीस या किसी प्रकार के जटिल कागजी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती है।
नायब तहसीलदार विनय कुमार सिंह ने कहा कि जरूरत के अनुसार अधिकारी दोनों पक्षों से बातचीत कर समझौते के जरिये विवाद का समाधान कराने का प्रयास करते हैं। इस मौके पर अधिवक्ता अतुल कुमार श्रीवास्तव, ज्योत्सना सोनकर, सतीश सिंह मौजूद रहे।