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Kaushambi News: लो-वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती से जूझ रहा पश्चिमशरीरा
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अशोक कुमार, किसान
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पश्चिमशरीरा विद्युत उपखंड में बीते करीब दो महीनों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अघोषित कटौती, लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग से 121 राजस्व गांवों के करीब 3.5 लाख ग्रामीण परेशान हैं।
इसका सबसे अधिक असर 2200 निजी ट्यूबवेल कनेक्शन वाले किसानों पर पड़ा है। पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने से सबमर्सिबल मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे धान की रोपाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उमस भरी गर्मी में ग्रामीणों की रातें बिना बिजली के कट रही हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद हालात में सुधार नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
पश्चिमशरीरा उपखंड के अंतर्गत महेवाघाट (शाहपुर), भरसंवा, पश्चिमशरीरा और वैसकांटी विद्युत उपकेंद्रों से 121 राजस्व गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। यहां करीब 30 हजार घरेलू और 2200 निजी ट्यूबवेल उपभोक्ता हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली आपूर्ति का अब कोई निश्चित समय नहीं रह गया है। सबसे अधिक परेशानी पश्चिमशरीरा पावर हाउस के बैरमपुर फीडर से जुड़े गांवों में है। मौजूदा समय में लो वोल्टेज के कारण पूरे उपखंड में सिंचाई व्यवस्था लगभग ठप हो गई है।
विभाग की लापरवाही किसानों पर बहुत भारी पड़ रही है। तमाम सरकारी निर्देश पावर हाउस में बेअसर साबित हो रहे हैं।
- देवनारायण मिश्रा, किसान
बिजली के आने और जाने का कोई समय निश्चित नहीं है। जब आती है तो लो वोल्टेज से सबमर्सिबल नहीं चल पाते हैं।
- अशोक कुमार, किसान
बीते 15 दिन से दो बीघे खेत में धान की रोपाई के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसकी वजह से फसल बर्बाद हो रही है।
- चंद्रभान, किसान
इलाके में यदि एक सप्ताह के भीतर सुचारू ढंग से बिजली आपूर्ति नहीं की जाती है तो किसान आंदोलन की राह पकड़ेंगे
- पुष्पराज सिंह, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन
पश्चिम शरीरा पावर हाउस क्षेत्र में ओवरलोडिंग की समस्या है। भगवतपुर कटरी में नए पावर हाउस की मंजूरी मिल चुकी है। महेवाघाट पावर हाउस के लिए टेंवा पारेषण उपकेंद्र से 33 केवी लाइन अभी तक नहीं बन सकी है, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है। दोनों कार्य पूरे होने के बाद समस्या से निजात मिल जाएगी।
- आदर्श केसरवानी, एसडीओ, पश्चिम शरीरा विद्युत उपखंड।
पश्चिम शरीरा विद्युत उपखंड एक नजर
विद्युत उपकेंद्र: चार (महेवाघाट/शाहपुर, भरसंवा, पश्चिम शरीरा, वैसकांटी)
तैनात अवर अभियंता: तीन
राजस्व गांव: 121
घरेलू बत्ती-पंखा उपभोक्ता: लगभग 30,000
निजी ट्यूबवेल (पीटीडब्ल्यू) उपभोक्ता: 2,200
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इसका सबसे अधिक असर 2200 निजी ट्यूबवेल कनेक्शन वाले किसानों पर पड़ा है। पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने से सबमर्सिबल मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे धान की रोपाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उमस भरी गर्मी में ग्रामीणों की रातें बिना बिजली के कट रही हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद हालात में सुधार नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
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पश्चिमशरीरा उपखंड के अंतर्गत महेवाघाट (शाहपुर), भरसंवा, पश्चिमशरीरा और वैसकांटी विद्युत उपकेंद्रों से 121 राजस्व गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। यहां करीब 30 हजार घरेलू और 2200 निजी ट्यूबवेल उपभोक्ता हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली आपूर्ति का अब कोई निश्चित समय नहीं रह गया है। सबसे अधिक परेशानी पश्चिमशरीरा पावर हाउस के बैरमपुर फीडर से जुड़े गांवों में है। मौजूदा समय में लो वोल्टेज के कारण पूरे उपखंड में सिंचाई व्यवस्था लगभग ठप हो गई है।
विभाग की लापरवाही किसानों पर बहुत भारी पड़ रही है। तमाम सरकारी निर्देश पावर हाउस में बेअसर साबित हो रहे हैं।
- देवनारायण मिश्रा, किसान
बिजली के आने और जाने का कोई समय निश्चित नहीं है। जब आती है तो लो वोल्टेज से सबमर्सिबल नहीं चल पाते हैं।
- अशोक कुमार, किसान
बीते 15 दिन से दो बीघे खेत में धान की रोपाई के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसकी वजह से फसल बर्बाद हो रही है।
- चंद्रभान, किसान
इलाके में यदि एक सप्ताह के भीतर सुचारू ढंग से बिजली आपूर्ति नहीं की जाती है तो किसान आंदोलन की राह पकड़ेंगे
- पुष्पराज सिंह, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन
पश्चिम शरीरा पावर हाउस क्षेत्र में ओवरलोडिंग की समस्या है। भगवतपुर कटरी में नए पावर हाउस की मंजूरी मिल चुकी है। महेवाघाट पावर हाउस के लिए टेंवा पारेषण उपकेंद्र से 33 केवी लाइन अभी तक नहीं बन सकी है, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है। दोनों कार्य पूरे होने के बाद समस्या से निजात मिल जाएगी।
- आदर्श केसरवानी, एसडीओ, पश्चिम शरीरा विद्युत उपखंड।
पश्चिम शरीरा विद्युत उपखंड एक नजर
विद्युत उपकेंद्र: चार (महेवाघाट/शाहपुर, भरसंवा, पश्चिम शरीरा, वैसकांटी)
तैनात अवर अभियंता: तीन
राजस्व गांव: 121
घरेलू बत्ती-पंखा उपभोक्ता: लगभग 30,000
निजी ट्यूबवेल (पीटीडब्ल्यू) उपभोक्ता: 2,200

अशोक कुमार, किसान

अशोक कुमार, किसान

अशोक कुमार, किसान