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Kaushambi : अमरूद व दूध से मिलेगी पहचान, कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर से मिलेगा नया बाजार
सत्येंद्र पटेल, कौशांंबी
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 04 Feb 2026 12:40 PM IST
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सार
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत जिले में स्थापित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर अब जिले के किसानों को अमरूद, दूध और महिला शक्ति के माध्यम से नई पहचान मिलेगी।
दुग्ध प्रसंस्करण लाइन।
- फोटो : संवाद।
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विस्तार
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत जिले में स्थापित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर अब जिले के किसानों को अमरूद, दूध और महिला शक्ति के माध्यम से नई पहचान मिलेगी। यह केंद्र स्थानीय किसानों, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार व आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बनेगा। यहां उत्पादों का केवल निर्माण ही नहीं बल्कि प्रशिक्षण, गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और मार्केटिंग तक की पूरी व्यवस्था की गई है।रविवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय परिसर में 339.10 लाख रुपये की लागत से निर्मित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया।
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उन्होंने कहा कि इससे जिले की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर की प्रोजेक्ट मैनेजर स्वर्णिमा ने बताया कि केंद्र पर खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए यहां तीन अलग-अलग प्रसंस्करण लाइनें स्थापित की गई हैं।पहली, दुग्ध प्रसंस्करण लाइन की क्षमता एक से दो मीट्रिक टन प्रतिदिन है। इस यूनिट में जिले के दुग्ध उत्पादक किसानों से दूध लेकर पनीर, दही, खोवा, बर्फी और रबड़ी जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे दूध उत्पादक किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार मिलेगा।
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दूसरी, लाइन बेकरी एवं कन्फेक्शनरी की है, जिसकी क्षमता 250 किलो प्रति घंटा उत्पादन की है। इसमें बिस्किट, ब्रेड, पास्ता और मैकरॉनी जैसे उत्पाद बनाए जाएंगे। इस लाइन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बेकरी उत्पादों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।तीसरी, जूस एवं अमरूद प्रसंस्करण लाइन की क्षमता 100 किलो प्रति घंटा है। इस यूनिट में अमरूद सहित किसी भी फल से आधुनिक प्रोसेसिंग मशीन के माध्यम से जूस तैयार किया जाएगा। जिले में प्रचुर मात्रा में होने वाले अमरूद को इससे नई पहचान मिलेगी।
