{"_id":"6a3d9aaf82717c5fb1081f6a","slug":"advocates-protest-against-e-registry-and-privatization-kushinagar-news-c-205-1-ksh1006-162494-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: ई-रजिस्ट्री और निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: ई-रजिस्ट्री और निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
Fri, 26 Jun 2026 02:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 26 Jun 2026 02:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कसया। ई-रजिस्ट्री और रजिस्ट्री प्रक्रिया के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को रजिस्ट्री कार्यालय के सामने अधिवक्ता एसोसिएशन, मुंशी संघ एवं स्टांप वेंडरों ने धरना-प्रदर्शन किया गया। सरकार की नई व्यवस्था को जनहित और रोजगार के लिए नुकसानदायक बताया और इसको वापस लेने की मांग की। सपा नेताओं ने भी पहुंचकर समर्थन दिया।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष विनोद शंकर मिश्र ने कहा कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं, मुंशियों, स्टांप वेंडरों और आम लोगों को विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री प्रक्रिया के निजीकरण से पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित होगी और इससे हजारों लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा हो सकता है। धरना-प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के नेता राजेश प्रताप राव भी शामिल हुए। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि सरकार को अधिवक्ताओं और रजिस्ट्री कार्य से जुड़े लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनहित और रोजगार से जुड़े मामलों में किसी भी निर्णय से पहले संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।धरनारत संगठनों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी बात रखी जाएगी।
विज्ञापन
धरने में अधिवक्ता एसोसिएशन एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारियों सहित संजय कुमार वर्मा, अब्बुल हसन सिद्दीकी, राजेंद्र तिवारी, शिकंदर प्रसाद वर्मा, विजय प्रताप सिंह, प्रमोद कुमार, विजय कुमार सिंह, विकास श्रीवास्तव, बृजनंदन शर्मा, गिरजा सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष विनोद शंकर मिश्र ने कहा कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं, मुंशियों, स्टांप वेंडरों और आम लोगों को विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री प्रक्रिया के निजीकरण से पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित होगी और इससे हजारों लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा हो सकता है। धरना-प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के नेता राजेश प्रताप राव भी शामिल हुए। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि सरकार को अधिवक्ताओं और रजिस्ट्री कार्य से जुड़े लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जनहित और रोजगार से जुड़े मामलों में किसी भी निर्णय से पहले संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।धरनारत संगठनों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी बात रखी जाएगी।
विज्ञापन
धरने में अधिवक्ता एसोसिएशन एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारियों सहित संजय कुमार वर्मा, अब्बुल हसन सिद्दीकी, राजेंद्र तिवारी, शिकंदर प्रसाद वर्मा, विजय प्रताप सिंह, प्रमोद कुमार, विजय कुमार सिंह, विकास श्रीवास्तव, बृजनंदन शर्मा, गिरजा सिंह आदि मौजूद रहे।