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Kushinagar News: बांसी नदी के धोकरहा घाट पर लगाया गया चेतावनी बोर्ड
Fri, 26 Jun 2026 02:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 26 Jun 2026 02:48 AM IST
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बांसी नदी के धोकरहा घाट पर मगरमच्छ से बचने के लिए लगाया गया चेतवानी बोर्ड ।संवाद
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दुदही। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बांसी नदी के धोकरहा घाट पर मगरमच्छ की हमले से 13 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद वन विभाग हरकत में आया है। नदी के किनारे बोर्ड लगा दिया है। इसके अलावे गांव के लोगों को जागरूक किया है। वन विभाग के तरफ से बांसी नदी के धोकरहा घाट पर चेतावनी बोर्ड लगाया है। वन दरोगा धीरेंद्र दीक्षित ने बताया कि वन क्षेत्राधिकारी रणविजय सिंह के निर्देश पर बोर्ड लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि नदियों में मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। यह लोगों को मगरमच्छ के हमलों से बचाने और पानी में न उतरने के लिए जागरूक करने का महत्वपूर्ण कदम है। यदि आपके आस-पास या किसी विशेष इलाके में मगरमच्छ दिखने की घटना हुई है, तो स्थिति से निपटने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाते है। चेतावनी बोर्ड लगाना: घाटों या जल स्रोतों के पास बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं, जिन पर सचित्र जानकारी (मगरमच्छ के चित्र) के माध्यम से लोगों को पानी में न जाने की हिदायत दी जाती है।सुरक्षा निर्देश: बोर्ड पर यह लिखा होता है कि पानी में न उतरें, कपड़े न धोएं, नाव चलाते समय हाथ-पैर बाहर न रखें और कोई भी खाद्य सामग्री पानी में न फेंकें।वन विभाग की गस्त स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम निगरानी या कांबिंग (खोजबीन) की जाती है।
13 जून को बांसगांव बिंद टोला निवासी पियूष निषाद (12) पुत्र पप्पू निषाद 12 अपने साथी यश के साथ रात्रि तकरीबन 7 बजे के आस पास बांसी नदी में मछली पकड़ने के लिए जाल लगा रहा था। इसी दौरान मगरमच्छ के हमले से पीयूष की जान चली गई थी।
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उन्होंने बताया कि नदियों में मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। यह लोगों को मगरमच्छ के हमलों से बचाने और पानी में न उतरने के लिए जागरूक करने का महत्वपूर्ण कदम है। यदि आपके आस-पास या किसी विशेष इलाके में मगरमच्छ दिखने की घटना हुई है, तो स्थिति से निपटने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाते है। चेतावनी बोर्ड लगाना: घाटों या जल स्रोतों के पास बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं, जिन पर सचित्र जानकारी (मगरमच्छ के चित्र) के माध्यम से लोगों को पानी में न जाने की हिदायत दी जाती है।सुरक्षा निर्देश: बोर्ड पर यह लिखा होता है कि पानी में न उतरें, कपड़े न धोएं, नाव चलाते समय हाथ-पैर बाहर न रखें और कोई भी खाद्य सामग्री पानी में न फेंकें।वन विभाग की गस्त स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम निगरानी या कांबिंग (खोजबीन) की जाती है।
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13 जून को बांसगांव बिंद टोला निवासी पियूष निषाद (12) पुत्र पप्पू निषाद 12 अपने साथी यश के साथ रात्रि तकरीबन 7 बजे के आस पास बांसी नदी में मछली पकड़ने के लिए जाल लगा रहा था। इसी दौरान मगरमच्छ के हमले से पीयूष की जान चली गई थी।
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