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Kushinagar News: सीसीटीवी और मोबाइल की टाइमलाइन ने खोली हत्या की गुत्थी
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कुशीनगर। आदर्श हत्याकांड के पर्दाफाश में पुलिस ने जल्दबाजी के बजाय साक्ष्यों को आधार बनाया। नामजद आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल की टाइमलाइन, घटना स्थल के पास चाय की दुकान पर ऑनलाइन भुगतान समेत अन्य साक्ष्यों की गहनता से जांच की। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों से इतर कहानी निकली। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर वास्तविक आरोपियों की भूमिका स्पष्ट को गई है।
तमकुहीराज थाना क्षेत्र के चखनी गांव के आदर्श की हत्या के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश था। दो अगस्त को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो लोग कार्रवाई समेत पांच मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। देर रात एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने परिजनों की बात सुनने के बाद कार्रवाई का भरोसा देकर दाह संस्कार के लिए राजी किया। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस पर भी तेजी से कार्रवाई का दबाव था।
पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने आदर्श को चाकू मारे जाने के बाद घटनास्थल पर पहुंचने की बात कही। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ अन्य तथ्यों का मिलान शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की टाइमलाइन की जांच में आरोपियों के बताए घटनाक्रम की पुष्टि के बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी। जांच में सेवरही के मिश्रौली निवासी अंगद पासवान और उसके साथियों के बीच मारपीट व गुटबाजी से जुड़े तथ्य भी सामने आए। इसके बाद पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने पर आदर्श हत्याकांड में अंगद पासवान और उसके साथियों की भूमिका सामने आई है।
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तीन राज्यों में संभावित ठिकानों पर दबिश
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने कुशीनगर के अलावा देवरिया और गोरखपुर में भी दबिश दी। बिहार के गोपालगंज, सिवान, छपरा और पटना में भी संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमें पहुंचीं। शुक्रवार को पुलिस ने हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित परिजनों और आरोपियों का आमना-सामना कराया गया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्याकांड की वजह और घटनाक्रम को स्पष्ट करने का दावा किया है।
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एसपी की निगरानी, सीओ को सक्रियता के निर्देश
पूरे मामले की मॉनिटरिंग एसपी केशव कुमार स्वयं कर रहे थे। सीओ तमकुहीराज जयंत कुमार को भी अतिरिक्त सक्रियता बरतने और जांच पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस की जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अगर जल्दबाजी दिखाई होती तो निर्दोष आरोपी जेल चले गए होते। कहानी में झोल के कारण एक दिन प्रेसवार्ता टल गई।
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तमकुहीराज थाना क्षेत्र के चखनी गांव के आदर्श की हत्या के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश था। दो अगस्त को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो लोग कार्रवाई समेत पांच मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। देर रात एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने परिजनों की बात सुनने के बाद कार्रवाई का भरोसा देकर दाह संस्कार के लिए राजी किया। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस पर भी तेजी से कार्रवाई का दबाव था।
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पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने आदर्श को चाकू मारे जाने के बाद घटनास्थल पर पहुंचने की बात कही। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ अन्य तथ्यों का मिलान शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की टाइमलाइन की जांच में आरोपियों के बताए घटनाक्रम की पुष्टि के बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी। जांच में सेवरही के मिश्रौली निवासी अंगद पासवान और उसके साथियों के बीच मारपीट व गुटबाजी से जुड़े तथ्य भी सामने आए। इसके बाद पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने पर आदर्श हत्याकांड में अंगद पासवान और उसके साथियों की भूमिका सामने आई है।
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तीन राज्यों में संभावित ठिकानों पर दबिश
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने कुशीनगर के अलावा देवरिया और गोरखपुर में भी दबिश दी। बिहार के गोपालगंज, सिवान, छपरा और पटना में भी संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमें पहुंचीं। शुक्रवार को पुलिस ने हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित परिजनों और आरोपियों का आमना-सामना कराया गया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्याकांड की वजह और घटनाक्रम को स्पष्ट करने का दावा किया है।
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एसपी की निगरानी, सीओ को सक्रियता के निर्देश
पूरे मामले की मॉनिटरिंग एसपी केशव कुमार स्वयं कर रहे थे। सीओ तमकुहीराज जयंत कुमार को भी अतिरिक्त सक्रियता बरतने और जांच पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस की जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अगर जल्दबाजी दिखाई होती तो निर्दोष आरोपी जेल चले गए होते। कहानी में झोल के कारण एक दिन प्रेसवार्ता टल गई।