फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   No bridge, only boats to rely on... farmers risk their lives daily for farming.

Kushinagar News: पुल नहीं, नाव ही सहारा...खेती के लिए रोज जान जोखिम में डाल रहे किसान

Sun, 09 Aug 2026 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 09 Aug 2026 02:20 AM IST
विज्ञापन
No bridge, only boats to rely on... farmers risk their lives daily for farming.
जवही दयाल में खेतीबाड़ी के नाव से नदी पार जाते किसान व मजदूर।संवाद - फोटो : Archive
तमकुहीरोड। एपी बांध के किनारे बसे गांवों के सैकड़ों किसानों की रोजमर्रा की जिंदगी नारायणी (गंडक) नदी की धारा के बीच अटकी है। नदी के उस पार खेत हैं और इस पार घर। नदी पर पुल नहीं होने से हर सफर के साथ हादसे का खतरा भी बना रहता है।
विज्ञापन

नरवाजोत से अहिरौलीदान तक करीब साढ़े 17 किलोमीटर क्षेत्र में बहने वाली गंडक नदी पर पुल नहीं होने से नरवाजोत, पिपराघाट, जंगलीपट्टी, बिनटोली, घघवा जगदीश, जवही दयाल, गौराहा, विरवट कोन्हवलिया, बाकखास, बाघाचौर, नोनिया पट्टी आदि गांवों के किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए नाव से नदी पार करनी पड़ती है। इस समय नदी के उस पार सैकड़ों हेक्टेयर में गन्ने और धान की फसल खड़ी है।
विज्ञापन

जलस्तर कुछ कम होने पर किसान निराई-गुड़ाई के लिए नदी पार करना पड़ता है। रोजाना किसान-मजदूर नाव से नदी पार करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed