{"_id":"6a6d04b50636725f88062e17","slug":"crowds-of-devotees-thronged-shiva-temples-on-the-first-friday-of-sawan-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-164890-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: सावन के पहले शुक्रवार को शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: सावन के पहले शुक्रवार को शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
विज्ञापन
रामकोला धर्मसमधा देवी मंदिर परिसर में जलाभिषेक करते भक्त ।संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। सावन के पहले शुक्रवार को सुबह से ही जिले के सभी शिवमंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। घंटाध्वनि, शंख और श्रद्धालुओं के हर-हर महादेव के जयघोष से सभी शिवालय गूंजते रहे। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने धूप, अगरबत्ती, दूध, दुर्बा, अक्षत, बेलपत्र, भांग, धतूर आदि शिवलिंग को अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
श्रावण मास के पहले शुक्रवार को नगर के भारतीय शिवाला मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर स्थित शिव मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर परिसर में स्थापित शिवमंदिर, लमुहा स्थित शिवमंदिर, छावनी स्थित भन्नुनाथ एवं महादेव शिवमंदिर, करहियां शिवमंदिर, बालखंडी स्थित शिवमंदिर समेत पडरौना नगर समेत आसपास के सभी शिवालयों में ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हुआ तो यह क्रम देर शाम तक चलता रहा। जिले के प्रमुख शिवालय में शामिल पडरौना के सिद्धनाथ बाबा मंदिर में सुबह से भक्तों के पहुंचने का क्रम शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालु सुबह बेलपत्र, भांग, धतूरा, मंदार, दूर्वा, शम्मी पत्र, गुड़, चावल, गंगाजल, दुग्ध, घृत, चंदन, रोरी, अबीर पूजन सामग्रियों से देवाधिदेव का पूजन अर्चन कर जलाभिषेक किया। मंदिर समिति ने भक्तों को मंदिर में प्रवेश कराई। भक्त पूजन अर्चन कर मन्नतें मांगी तथा बच्चों व महिलाओं ने पूजन अर्चन किया। इस दौरान मंदिर के महंत योगेश्वर नाथ त्रिपाठी, पीठाधीश्वर राज त्रिपाठी, सहयोगी सत्येंद्र कुमार, शैलेश कुमार मिश्रा, अजीत कुमार भगत, पुरोहित मारकंडे पांडेय, पवन तिवारी, परमानंद आदि मौजूद रहे।
वहीं प्राचीन कुबेरस्थान शिवमंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए ब्रह्ममुहूर्त से ही शिवभक्त मंदिर आने लगे। श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया था। श्रद्धालु भक्ति भावना के साथ बेलपत्र, गंगा जल, गाय का दूध, दुर्बा, कनेर पुष्प, मदार पुष्प, गुड़, घी, अक्षत, शहद, रोड़ी, गुलाल आदि पूजन सामग्री के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। महिलाएं व्रत रखकर मांगलिक गीत गाते हुए ब्रह्मबेला से ही मंदिर में पहुंचकर पूजा कीं। शिवभक्तों की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने भोर में ही मंदिर के कपाट को खोल दिया था।
विज्ञापन
उजारनाथ संवाद के अनुसार सावन के पहले शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के सेंदुरिया, जवार भैंसहा, भेलया सहित विभिन्न गांवों के शिव मंदिरों में शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प एवं अक्षत अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
रामकोला संवाद के अनुसार सावन के पहले शुक्रवार को कस्बा स्थित धर्म समधा देवी मंदिर के महादेव मंदिर में पूरे दिन हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। महिला, युवाओं और बच्चों में जलाभिषेक को लेकर खासा उत्साह रहा। कई श्रद्धालु कांवड़ लेकर मंदिर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन किया।
विज्ञापन
श्रावण मास के पहले शुक्रवार को नगर के भारतीय शिवाला मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर स्थित शिव मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर परिसर में स्थापित शिवमंदिर, लमुहा स्थित शिवमंदिर, छावनी स्थित भन्नुनाथ एवं महादेव शिवमंदिर, करहियां शिवमंदिर, बालखंडी स्थित शिवमंदिर समेत पडरौना नगर समेत आसपास के सभी शिवालयों में ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हुआ तो यह क्रम देर शाम तक चलता रहा। जिले के प्रमुख शिवालय में शामिल पडरौना के सिद्धनाथ बाबा मंदिर में सुबह से भक्तों के पहुंचने का क्रम शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालु सुबह बेलपत्र, भांग, धतूरा, मंदार, दूर्वा, शम्मी पत्र, गुड़, चावल, गंगाजल, दुग्ध, घृत, चंदन, रोरी, अबीर पूजन सामग्रियों से देवाधिदेव का पूजन अर्चन कर जलाभिषेक किया। मंदिर समिति ने भक्तों को मंदिर में प्रवेश कराई। भक्त पूजन अर्चन कर मन्नतें मांगी तथा बच्चों व महिलाओं ने पूजन अर्चन किया। इस दौरान मंदिर के महंत योगेश्वर नाथ त्रिपाठी, पीठाधीश्वर राज त्रिपाठी, सहयोगी सत्येंद्र कुमार, शैलेश कुमार मिश्रा, अजीत कुमार भगत, पुरोहित मारकंडे पांडेय, पवन तिवारी, परमानंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वहीं प्राचीन कुबेरस्थान शिवमंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए ब्रह्ममुहूर्त से ही शिवभक्त मंदिर आने लगे। श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया था। श्रद्धालु भक्ति भावना के साथ बेलपत्र, गंगा जल, गाय का दूध, दुर्बा, कनेर पुष्प, मदार पुष्प, गुड़, घी, अक्षत, शहद, रोड़ी, गुलाल आदि पूजन सामग्री के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। महिलाएं व्रत रखकर मांगलिक गीत गाते हुए ब्रह्मबेला से ही मंदिर में पहुंचकर पूजा कीं। शिवभक्तों की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने भोर में ही मंदिर के कपाट को खोल दिया था।
विज्ञापन
उजारनाथ संवाद के अनुसार सावन के पहले शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के सेंदुरिया, जवार भैंसहा, भेलया सहित विभिन्न गांवों के शिव मंदिरों में शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प एवं अक्षत अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
रामकोला संवाद के अनुसार सावन के पहले शुक्रवार को कस्बा स्थित धर्म समधा देवी मंदिर के महादेव मंदिर में पूरे दिन हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। महिला, युवाओं और बच्चों में जलाभिषेक को लेकर खासा उत्साह रहा। कई श्रद्धालु कांवड़ लेकर मंदिर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन किया।