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Kushinagar News: नाले की खोदाई से दो मंजिला मकान गिरा, मलबे में दबकर बुजुर्ग महिला की मौत
Sat, 01 Aug 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:29 AM IST
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हाटा के पटनी में गिरा मकान,पीड़ित परिवार और मृतक मुनक्का देवी का फाइल फोटो
- फोटो : Archive
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हाटा। नगर के पटनी मोहल्ले में दो मंजिला पक्का मकान भरभराकर गिर गया। उसमें पड़ोस की बुजुर्ग महिला दब गई। शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन पर आरोप लगाया कि नींव से सटकर नाले की खोदाई से मकान गिरा है।
पटनी मोहल्ला निवासी गृहस्वामी सुग्रीव सैनी अपनी पत्नी के साथ बृहस्पतिवार को दोपहर में खेत में काम करने गए थे। उनके चारों बच्चे स्कूल में थे। मकान में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। दोपहर करीब तीन बजे उनका मकान गिर गया। उसके मलबे में पड़ोस की 70 वर्षीय मुनक्का देवी दब गईं। वह उस समय बर्तन धो रही थीं। मकान गिरने की आवाज सुनकर लोग जुट गए। लोगों ने मलबे में दबी बुजुर्ग महिला को निकाला और एंबुलेंस से हाटा सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद डाॅक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मुनक्का देवी की मौत हो गई।
मोहल्ले के लोगों और गृहस्वामी सुग्रीव सैनी का कहना है कि मकान 14 साल पुराना है। आरोप लगाया कि नगर पालिका की ओर से नींव के पास नाले की खोदाई कराने से मकान गिरा है। बरसात के मौसम में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के नाले की खोदाई से मकान की नींव कमजोर हो गई और पूरा मकान भरभराकर गिर गया। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि खोदाई के दौरान कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को संभावित खतरे से अवगत कराया गया था लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
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लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो बुजुर्ग महिला की जान नहीं जाती और एक परिवार बेघर नहीं होता। मकान गिरने से सुग्रीव सैनी की वर्षों की मेहनत से बनाया गया आशियाना मलबे में तब्दील हो गया है। घर में रखा घरेलू सामान, फर्नीचर, कपड़े और जरूरी दस्तावेज भी मलबे में दब गए। हादसे के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है। सूचना मिलते ही तहसील और नगर पालिका के अधिकारी पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
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पटनी मोहल्ला निवासी गृहस्वामी सुग्रीव सैनी अपनी पत्नी के साथ बृहस्पतिवार को दोपहर में खेत में काम करने गए थे। उनके चारों बच्चे स्कूल में थे। मकान में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। दोपहर करीब तीन बजे उनका मकान गिर गया। उसके मलबे में पड़ोस की 70 वर्षीय मुनक्का देवी दब गईं। वह उस समय बर्तन धो रही थीं। मकान गिरने की आवाज सुनकर लोग जुट गए। लोगों ने मलबे में दबी बुजुर्ग महिला को निकाला और एंबुलेंस से हाटा सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद डाॅक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मुनक्का देवी की मौत हो गई।
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मोहल्ले के लोगों और गृहस्वामी सुग्रीव सैनी का कहना है कि मकान 14 साल पुराना है। आरोप लगाया कि नगर पालिका की ओर से नींव के पास नाले की खोदाई कराने से मकान गिरा है। बरसात के मौसम में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के नाले की खोदाई से मकान की नींव कमजोर हो गई और पूरा मकान भरभराकर गिर गया। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि खोदाई के दौरान कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को संभावित खतरे से अवगत कराया गया था लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
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लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो बुजुर्ग महिला की जान नहीं जाती और एक परिवार बेघर नहीं होता। मकान गिरने से सुग्रीव सैनी की वर्षों की मेहनत से बनाया गया आशियाना मलबे में तब्दील हो गया है। घर में रखा घरेलू सामान, फर्नीचर, कपड़े और जरूरी दस्तावेज भी मलबे में दब गए। हादसे के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है। सूचना मिलते ही तहसील और नगर पालिका के अधिकारी पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।