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Kushinagar News: एसओसी के आवास पर मिलीं पत्रावलियां, कोर्ट सील
Sat, 01 Aug 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:34 AM IST
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बंदोबस्त अधिकारी के कोर्ट में जांच करती तीन सदस्यी टीम।स्रोत-सूचना विभाग
- फोटो : Archive
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कुशीनगर। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (एसओसी) न्यायालय की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। डीएम के आदेश पर शुक्रवार को तीन सदस्यीय टीम ने एसओसी के सरकारी आवास से 26 पत्रावलियां बरामद हुईं। इनमें 15 पत्रावलियां ऑनलाइन प्रबंधन प्रणाली में दर्ज ही नहीं थीं। एसओसी कोर्ट को टीम ने सील करा दिया और पत्रावलियों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने और नियमों की अनदेखी के आरोप में एसओसी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
डीएम के निर्देश पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) वैभव मिश्रा, एसडीएम (न्यायिक) पडरौना डॉ. संतराज तथा एसडीएम (न्यायिक) हाटा विवेकशील यादव की टीम ने एसओसी न्यायालय की औचक जांच की। जांच के दौरान कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली में आदेश के लिए सुरक्षित 50 पत्रावलियां प्रदर्शित थीं लेकिन न्यायालय में पेशकार केवल 14 पत्रावलियां ही उपलब्ध करा सके। इसके बाद जांच टीम ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी संतोष कुमार के सरकारी आवास की जांच की। वहां से 26 अतिरिक्त पत्रावलियां बरामद कर न्यायालय लाई गईं।
इनमें 15 पत्रावलियां ऐसी थीं, जिनका पोर्टल पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। जांच में पता चला कि कई मामलों में महीनों पहले बहस पूरी हो चुकी थी लेकिन अब तक आदेश पारित नहीं किए गए। वहीं, आदेश निर्धारित बारकोडयुक्त फर्दकाम के बजाय साधारण कागजों पर लिखे पाए गए। जांच समिति की ओर से डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पीठासीन अधिकारी की ओर से पत्रावलियों का समय से निस्तारण न कर उन्हें अपने सरकारी आवास पर रखकर अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया। इससे अनुचित लाभ की आशंका है। समिति ने विस्तृत जांच रिपोर्ट में एसओसी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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डीएम के निर्देश पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) वैभव मिश्रा, एसडीएम (न्यायिक) पडरौना डॉ. संतराज तथा एसडीएम (न्यायिक) हाटा विवेकशील यादव की टीम ने एसओसी न्यायालय की औचक जांच की। जांच के दौरान कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली में आदेश के लिए सुरक्षित 50 पत्रावलियां प्रदर्शित थीं लेकिन न्यायालय में पेशकार केवल 14 पत्रावलियां ही उपलब्ध करा सके। इसके बाद जांच टीम ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी संतोष कुमार के सरकारी आवास की जांच की। वहां से 26 अतिरिक्त पत्रावलियां बरामद कर न्यायालय लाई गईं।
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इनमें 15 पत्रावलियां ऐसी थीं, जिनका पोर्टल पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। जांच में पता चला कि कई मामलों में महीनों पहले बहस पूरी हो चुकी थी लेकिन अब तक आदेश पारित नहीं किए गए। वहीं, आदेश निर्धारित बारकोडयुक्त फर्दकाम के बजाय साधारण कागजों पर लिखे पाए गए। जांच समिति की ओर से डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पीठासीन अधिकारी की ओर से पत्रावलियों का समय से निस्तारण न कर उन्हें अपने सरकारी आवास पर रखकर अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया। इससे अनुचित लाभ की आशंका है। समिति ने विस्तृत जांच रिपोर्ट में एसओसी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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