{"_id":"6a6f9af08dbebcb803000cb7","slug":"emphasis-on-the-preservation-and-promotion-of-the-sanskrit-language-kushinagar-news-c-205-1-ksh1030-164961-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन पर जोर
Mon, 03 Aug 2026 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 03 Aug 2026 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुकरौली। विश्व संस्कृत दिवस पर संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। आचार्यों ने भारतीय संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान-विज्ञान की आधारशिला मानी जाने वाली संस्कृत आधुनिकता की दौड़ में धीरे-धीरे आम जनजीवन से दूर होने पर चिंता जताई है।
आचार्य श्रीराम तिवारी ने कहा कि संस्कृत का महत्व केवल धार्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इसके साहित्य में विज्ञान, चिकित्सा, पर्यावरण, दर्शन और जीवन प्रबंधन का अमूल्य ज्ञान उपलब्ध है। सरकार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान चलाना चाहिए, तभी यह भाषा फिर से जनजीवन में अपनी प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकेगी।
ज्योतिषाचार्य अनमोल चंद उपाध्याय का कहना है कि संस्कृत हमारी संस्कृति, सभ्यता और आध्यात्मिक चेतना की मूल भाषा है। वेद, उपनिषद, आयुर्वेद और योग का मूल ज्ञान इसी में निहित है। नई पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ना केवल भाषा का संरक्षण नहीं, बल्कि भारतीय संस्कारों और जीवन मूल्यों को सुरक्षित रखने का भी माध्यम है।
विज्ञापन
विद्वानों का कहना है कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में भी इस भाषा के प्रति विद्यार्थियों की रुचि पहले की तुलना में कम हुई है। संस्कृत केवल धार्मिक अनुष्ठानों की भाषा नहीं, बल्कि वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, आयुर्वेद, योग, ज्योतिष, दर्शन और प्राचीन भारतीय विज्ञान का मूल आधार है। भारतीय भाषाओं के विकास में भी संस्कृत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यही कारण है कि इसे भारतीय संस्कृति की आत्मा कहा जाता है।
विद्वानों का कहना है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप संस्कृत अध्ययन को बढ़ावा देने, विद्यालयों में संस्कृत प्रतियोगिताएं आयोजित करने, बोलचाल में इसके सरल प्रयोग को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं को इसके वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक महत्व से परिचित कराने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि संस्कृत का संरक्षण केवल एक भाषा को बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान, नैतिक मूल्यों और ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने का दायित्व भी है। विश्व संस्कृत दिवस इस दिशा में समाज को जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
विज्ञापन
आचार्य श्रीराम तिवारी ने कहा कि संस्कृत का महत्व केवल धार्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इसके साहित्य में विज्ञान, चिकित्सा, पर्यावरण, दर्शन और जीवन प्रबंधन का अमूल्य ज्ञान उपलब्ध है। सरकार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान चलाना चाहिए, तभी यह भाषा फिर से जनजीवन में अपनी प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकेगी।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य अनमोल चंद उपाध्याय का कहना है कि संस्कृत हमारी संस्कृति, सभ्यता और आध्यात्मिक चेतना की मूल भाषा है। वेद, उपनिषद, आयुर्वेद और योग का मूल ज्ञान इसी में निहित है। नई पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ना केवल भाषा का संरक्षण नहीं, बल्कि भारतीय संस्कारों और जीवन मूल्यों को सुरक्षित रखने का भी माध्यम है।
विज्ञापन
विद्वानों का कहना है कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में भी इस भाषा के प्रति विद्यार्थियों की रुचि पहले की तुलना में कम हुई है। संस्कृत केवल धार्मिक अनुष्ठानों की भाषा नहीं, बल्कि वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, आयुर्वेद, योग, ज्योतिष, दर्शन और प्राचीन भारतीय विज्ञान का मूल आधार है। भारतीय भाषाओं के विकास में भी संस्कृत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यही कारण है कि इसे भारतीय संस्कृति की आत्मा कहा जाता है।
विद्वानों का कहना है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप संस्कृत अध्ययन को बढ़ावा देने, विद्यालयों में संस्कृत प्रतियोगिताएं आयोजित करने, बोलचाल में इसके सरल प्रयोग को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं को इसके वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक महत्व से परिचित कराने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि संस्कृत का संरक्षण केवल एक भाषा को बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान, नैतिक मूल्यों और ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने का दायित्व भी है। विश्व संस्कृत दिवस इस दिशा में समाज को जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है।