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Kushinagar News: पशु तस्करों के 12 जमानतदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 15 Apr 2026 01:55 AM IST
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पडरौना (कुशीनगर)। पशु तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने अब उन लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो कोर्ट में फर्जी दस्तावेज के आधार पर पशु तस्करों को जेल से बाहर निकालने का रास्ता बनाते थे। कसया थाना क्षेत्र में ऐसे 12 बड़े जमानतदारों को चिह्नित कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिन्होंने बार-बार तस्करों की जमानत ली। पुलिस की जांच में यह मामला सामने आया है कि इन जमानतदारों का पशु तस्करों से कोई पारिवारिक व सामाजिक रिश्ता नहीं था। ये लोग केवल तस्करी को बढ़ावा देने और आर्थिक लाभ के लिए हलफनामा व कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर रहे थे। जमानत की शर्तों का उल्लंघन होने के कारण पुलिस की कार्रवाई कमजोर पड़ रही थी और तस्कर आसानी से बाहर आकर फिर से तस्करी के अवैध धंधे में संलिप्त हो जा रहे थे।
पुलिए अब उन सभी फाइलों को खंगाल रही है, जिसमें एक ही व्यक्ति ने बार-बार अलग-अलग आरोपियों की जमानत ली है।
कोट:-
इन जमानतदारों ने कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर पशु तस्करी जैसे अपराध को बढ़ावा दिया है। सत्यापन का कार्य जारी है और जो भी अन्य लोग इस तरह के कृत्यों में शामिल पाए जाएंगे,उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -केशव कुमार, एसपी, कुशीनगर
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लंबे समय से चल रहा जमानत का खेल
पशु तस्करों की जमानत लेने में फर्जीवाड़े का खेल काफी दिनों से चल रहा है। वर्ष 2022 में मेरठ के रहने वाले चार जालसाजों ने फर्जी पते पर जमानत ले ली। एसपी ने सत्यापन कराया तो मामला पकड़ में आया। जिसमे दरोगा की तहरीर पर चारों जालसाजों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। जमानत के लिए कौन से कागजात दाखिल किए गए हैं, कोर्ट में पुलिस इसकी भी जांच कराएगी। इससे पशु तस्करों के जमानतदारों और इस खेल में शामिल लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
बता दें कि कसया पुलिस ने 2022 में हाईवे से गुजर रहे वाहन से पशुओं को बरामद किया था। गोवध पशु क्रूरता अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज कर मेरठ जिले के कस्बा लावड़ निवासी रिजवान, मेरठ के लिसाड़ीगेट निवासी मोहम्मद परवेज को गिरफ्तार किया था। दोनों पशु तस्करों की जमानत रहीसुद्दीन पुत्र बुधु, यालसन पुत्र बुधु, सलीम पुत्र बुधु निवासी नई बस्ती थाना मेडिकल, मेरठ तथा सामुद्दीन पुत्र सुर्जुद्दीन निवासी अगवानपुर परीक्षितगढ़, मेरठ ने ली थी।
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सत्यापन में दर्ज पते का कोई नहीं मिला
एसपी के आदेश पर पशु तस्करों के जमानतदारों का सत्यापन कराया जा रहा है। कसया पुलिस ने मेरठ के रहने वाले चारों जमानतदारों का सत्यापन मेरठ पुलिस की मदद से कराई। पता चला कि जमानत पेपर पर दर्ज पते पर इस नाम का कोई भी व्यक्ति नहीं रहता है। इसके बाद कसया थाने में तैनात दरोगा विवेक सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में चारों जालसाजों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जमानत लेने में प्रयुक्त कागजात की जांच के लिए पुलिस कोर्ट में प्रार्थना पत्र देगी और उसका भी सत्यापन कराएगी, ताकि जालसाजी के इस खेल में शामिल लोग बेनकाब हो सकें।
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इन जमानतदारों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
कसया थाना क्षेत्र के रितेश (वार्ड नंबर चार) ने सबसे अधिक 39 बार तस्करों की जमानत ली। इसी तरह सबया निवासी मुकेश ने 32 बार, दहारी ने 30 बार और राजेंद्र सिंह ने 24 बार जमानत ली है। अन्य आरोपियों में जवाहर नगर के खदेरू (28 बार), वार्ड नंबर 13 के अवधेश (23 बार), बरवा जंगल के जनार्दन (13 बार), सिरसिया खोहियां के सुरेश कुशवाहा (12 बार), सिरसिया खोहिया के श्रीकृष्ण (12 बार), सबया के जगरूप (10 बार), सपहा के महेंद्र (10 बार) और सबया के ही कमलेश पर (9 बार) जमानत लेने का मामला सामने आया है।पुलिस ने इन सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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पुलिए अब उन सभी फाइलों को खंगाल रही है, जिसमें एक ही व्यक्ति ने बार-बार अलग-अलग आरोपियों की जमानत ली है।
कोट:-
इन जमानतदारों ने कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर पशु तस्करी जैसे अपराध को बढ़ावा दिया है। सत्यापन का कार्य जारी है और जो भी अन्य लोग इस तरह के कृत्यों में शामिल पाए जाएंगे,उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -केशव कुमार, एसपी, कुशीनगर
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लंबे समय से चल रहा जमानत का खेल
पशु तस्करों की जमानत लेने में फर्जीवाड़े का खेल काफी दिनों से चल रहा है। वर्ष 2022 में मेरठ के रहने वाले चार जालसाजों ने फर्जी पते पर जमानत ले ली। एसपी ने सत्यापन कराया तो मामला पकड़ में आया। जिसमे दरोगा की तहरीर पर चारों जालसाजों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। जमानत के लिए कौन से कागजात दाखिल किए गए हैं, कोर्ट में पुलिस इसकी भी जांच कराएगी। इससे पशु तस्करों के जमानतदारों और इस खेल में शामिल लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
बता दें कि कसया पुलिस ने 2022 में हाईवे से गुजर रहे वाहन से पशुओं को बरामद किया था। गोवध पशु क्रूरता अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज कर मेरठ जिले के कस्बा लावड़ निवासी रिजवान, मेरठ के लिसाड़ीगेट निवासी मोहम्मद परवेज को गिरफ्तार किया था। दोनों पशु तस्करों की जमानत रहीसुद्दीन पुत्र बुधु, यालसन पुत्र बुधु, सलीम पुत्र बुधु निवासी नई बस्ती थाना मेडिकल, मेरठ तथा सामुद्दीन पुत्र सुर्जुद्दीन निवासी अगवानपुर परीक्षितगढ़, मेरठ ने ली थी।
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सत्यापन में दर्ज पते का कोई नहीं मिला
एसपी के आदेश पर पशु तस्करों के जमानतदारों का सत्यापन कराया जा रहा है। कसया पुलिस ने मेरठ के रहने वाले चारों जमानतदारों का सत्यापन मेरठ पुलिस की मदद से कराई। पता चला कि जमानत पेपर पर दर्ज पते पर इस नाम का कोई भी व्यक्ति नहीं रहता है। इसके बाद कसया थाने में तैनात दरोगा विवेक सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में चारों जालसाजों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जमानत लेने में प्रयुक्त कागजात की जांच के लिए पुलिस कोर्ट में प्रार्थना पत्र देगी और उसका भी सत्यापन कराएगी, ताकि जालसाजी के इस खेल में शामिल लोग बेनकाब हो सकें।
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इन जमानतदारों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
कसया थाना क्षेत्र के रितेश (वार्ड नंबर चार) ने सबसे अधिक 39 बार तस्करों की जमानत ली। इसी तरह सबया निवासी मुकेश ने 32 बार, दहारी ने 30 बार और राजेंद्र सिंह ने 24 बार जमानत ली है। अन्य आरोपियों में जवाहर नगर के खदेरू (28 बार), वार्ड नंबर 13 के अवधेश (23 बार), बरवा जंगल के जनार्दन (13 बार), सिरसिया खोहियां के सुरेश कुशवाहा (12 बार), सिरसिया खोहिया के श्रीकृष्ण (12 बार), सबया के जगरूप (10 बार), सपहा के महेंद्र (10 बार) और सबया के ही कमलेश पर (9 बार) जमानत लेने का मामला सामने आया है।पुलिस ने इन सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
