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Kushinagar News: गंडक नदी में पानी घटते ही नरवाजोत में बाढ़ बचाव कार्य तेज
Sat, 01 Aug 2026 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 01:30 AM IST
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नरवाजोत में परियोजना कार्य को पूरा कराने मे जुटा बाढ़ खंड विभाग।संवाद
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तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज कई दिनों से 80 हजार क्यूसेक से नीचे चल रहा है। नरवाजोत बांध पर बाढ़ बचाव कार्यस्थल पर पानी कम होने के साथ ही बाढ़ खंड के अभियंताओं ने कार्य को तेज कर दिया है। यहां ठोकर के नोज भाग में ट्रांजिट एप्रन का कार्य पूरा कर लिया गया है। अप और डाउन स्ट्रीम में स्लोप निर्माण का काम तेज हो गया है।
गौरतलब है कि यह ठोकर तीन वर्षों से नदी के निशाने पर रहा। जिससे कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसलिए इस वर्ष 11 करोड़ 32 लाख की लागत से ठोकर पुनर्स्थापना, ट्रांजिट एप्रन, किमी 1.950 से 2.100 व 0.000 से 0.100 के बीच रिवेटमेंट और तीन पंक्तियों में परक्यूपाइन का निर्माण कराया जा रहा है।
नदी के तटवर्ती गांवों के रहने वाले पुजारी सिंह, ध्रुव निषाद, प्रताप, रामप्रसाद सिंह, प्रभुनाथ यादव ने बताया कि इस ठोकर से नरवाजोत, मोतीराय टोला, दहारी टोला, भंगी टोला व तवकल टोला की सुरक्षा होती है। जलस्तर बढ़ने से पहले कार्य पूरा नहीं हुआ तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
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कोट:-
ठोकर को सुरक्षित करने का काम अब अंतिम चरण में है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए बांध के सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। -दीप रतन सिंह, एसडीओ बाढ़ खंड सेवरही
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गौरतलब है कि यह ठोकर तीन वर्षों से नदी के निशाने पर रहा। जिससे कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसलिए इस वर्ष 11 करोड़ 32 लाख की लागत से ठोकर पुनर्स्थापना, ट्रांजिट एप्रन, किमी 1.950 से 2.100 व 0.000 से 0.100 के बीच रिवेटमेंट और तीन पंक्तियों में परक्यूपाइन का निर्माण कराया जा रहा है।
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नदी के तटवर्ती गांवों के रहने वाले पुजारी सिंह, ध्रुव निषाद, प्रताप, रामप्रसाद सिंह, प्रभुनाथ यादव ने बताया कि इस ठोकर से नरवाजोत, मोतीराय टोला, दहारी टोला, भंगी टोला व तवकल टोला की सुरक्षा होती है। जलस्तर बढ़ने से पहले कार्य पूरा नहीं हुआ तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
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कोट:-
ठोकर को सुरक्षित करने का काम अब अंतिम चरण में है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए बांध के सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। -दीप रतन सिंह, एसडीओ बाढ़ खंड सेवरही