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Kushinagar News: तकनीक को नैतिक मूल्यों से नहीं जोड़ा तो विनाशकारी होने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 30 Mar 2026 02:09 AM IST
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भगवान बुद्ध की निर्वाणस्थली कुशीनगर में विश्व शांति संवाद कार्यक्रम में उपस्थित विश्व छात्र व
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-कुशीनगर में आयोजित ‘विश्व शांति संवाद’ में शामिल हुए भारत में पढ़ने वाले 26 देशों के 180 विद्यार्थी
-‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भारतीय दर्शन ही वर्तमान वैश्विक समस्याओं का समाधान : उच्च शिक्षा मंत्री
कसया(कुशीनगर)। तथागत गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली में रविवार को ‘विश्व शांति संवाद (ग्लोबल पीस डायलॉग)’ का आयोजन हुआ। विश्व छात्र एवं युवा संगठन डब्लूओएसवाई और मेटा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भारत के विभिन्न शिक्षण संस्थानाें में अध्ययनरत 26 देशों के 180 छात्र प्रतिनिधियों ने भाग लिया। छात्र प्रतिनिधियों ने विश्व शांति, तकनीक और नैतिक मूल्यों पर विचार-विमर्श किया।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भारतीय दर्शन ही वर्तमान वैश्विक समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संकट, गरीबी, कुपोषण, आतंकवाद और युद्ध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की सोच जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डिजिटल टेक्नोलॉजी, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से विकसित हो रहे हैं, लेकिन यदि इन्हें नैतिक मूल्यों से नहीं जोड़ा गया तो यह विनाशकारी साबित हो सकते हैं। विकास को मानवीय मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
डब्लूओएसवाई और मेटा की पहल पर यह अंतरराष्ट्रीय छात्र समूह पिछले दो दिनों से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित ‘ग्लोबल एआई कॉन्क्लेव’ में प्रतिभाग कर रहा था। इसके बाद छात्र कुशीनगर पहुंचे और यहां शांति संवाद में शामिल होने के साथ बौद्ध स्थलों का भ्रमण किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि कुशीनगर करुणा और प्रज्ञा की धरती है। यहां से विश्व को शांति का संदेश मिलता है। तकनीकी युग में बुद्ध का धम्म मानवता को सही दिशा देता है।
वहीं, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अश्वनी महापात्रा ने कहा कि यह संवाद वैश्विक वैचारिक परिवर्तन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सूचना के इस युग में विवेक का संतुलन जरूरी है। भगवान बुद्ध का संदेश आंतरिक शांति के माध्यम से विश्व शांति का मार्ग दिखाता है। कार्यक्रम की शुरुआत डब्लूओएसवाई के अध्यक्ष नितिन शर्मा ने की, जबकि महासचिव शुभम गोयल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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स्वागत से अभिभूत हुआ विदेशी युवा प्रतिनिधि मंडल
भारत के विभिन्न शिक्षण संस्थानाें में पढ़ने वाले 26 देशों के युवा प्रतिनिधि मंडल के कुशीनगर पहुंचने पर उनका भाजपा नेताओं ने पुष्प अर्पित कर स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत विदेशी युवा देसी कलाकारों के साथ ढांक तासा पर जमकर थिरके और उसका आनंद लिया। उसके बाद विश्व शांति संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। वहां से महापरिर्वाण स्थली का भ्रमण कर यहां की ऐतिहासिकता की जानकारी ली। कार्यक्रम के माध्यम से कुशीनगर से फिर विश्व को शांति, सह-अस्तित्व और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया गया।
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कसया(कुशीनगर)। तथागत गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली में रविवार को ‘विश्व शांति संवाद (ग्लोबल पीस डायलॉग)’ का आयोजन हुआ। विश्व छात्र एवं युवा संगठन डब्लूओएसवाई और मेटा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भारत के विभिन्न शिक्षण संस्थानाें में अध्ययनरत 26 देशों के 180 छात्र प्रतिनिधियों ने भाग लिया। छात्र प्रतिनिधियों ने विश्व शांति, तकनीक और नैतिक मूल्यों पर विचार-विमर्श किया।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भारतीय दर्शन ही वर्तमान वैश्विक समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संकट, गरीबी, कुपोषण, आतंकवाद और युद्ध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की सोच जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डिजिटल टेक्नोलॉजी, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से विकसित हो रहे हैं, लेकिन यदि इन्हें नैतिक मूल्यों से नहीं जोड़ा गया तो यह विनाशकारी साबित हो सकते हैं। विकास को मानवीय मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
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डब्लूओएसवाई और मेटा की पहल पर यह अंतरराष्ट्रीय छात्र समूह पिछले दो दिनों से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित ‘ग्लोबल एआई कॉन्क्लेव’ में प्रतिभाग कर रहा था। इसके बाद छात्र कुशीनगर पहुंचे और यहां शांति संवाद में शामिल होने के साथ बौद्ध स्थलों का भ्रमण किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि कुशीनगर करुणा और प्रज्ञा की धरती है। यहां से विश्व को शांति का संदेश मिलता है। तकनीकी युग में बुद्ध का धम्म मानवता को सही दिशा देता है।
वहीं, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अश्वनी महापात्रा ने कहा कि यह संवाद वैश्विक वैचारिक परिवर्तन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सूचना के इस युग में विवेक का संतुलन जरूरी है। भगवान बुद्ध का संदेश आंतरिक शांति के माध्यम से विश्व शांति का मार्ग दिखाता है। कार्यक्रम की शुरुआत डब्लूओएसवाई के अध्यक्ष नितिन शर्मा ने की, जबकि महासचिव शुभम गोयल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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स्वागत से अभिभूत हुआ विदेशी युवा प्रतिनिधि मंडल
भारत के विभिन्न शिक्षण संस्थानाें में पढ़ने वाले 26 देशों के युवा प्रतिनिधि मंडल के कुशीनगर पहुंचने पर उनका भाजपा नेताओं ने पुष्प अर्पित कर स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत विदेशी युवा देसी कलाकारों के साथ ढांक तासा पर जमकर थिरके और उसका आनंद लिया। उसके बाद विश्व शांति संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। वहां से महापरिर्वाण स्थली का भ्रमण कर यहां की ऐतिहासिकता की जानकारी ली। कार्यक्रम के माध्यम से कुशीनगर से फिर विश्व को शांति, सह-अस्तित्व और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया गया।

भगवान बुद्ध की निर्वाणस्थली कुशीनगर में विश्व शांति संवाद कार्यक्रम में उपस्थित विश्व छात्र व