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Kushinagar News: बिना एनओसी नहर की पटरी पर करा दी इंटरलॉकिंग, उठे सवाल
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कसया। नगर पालिका परिषद कुशीनगर के एक वार्ड में नहर की पटरी पर बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कराया जा रहा है, जबकि कुछ माह पूर्व पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास सड़क के अंदर लगे पानी का पाइप लीकेज हो गया था तो कई दिन तक लोग परेशान रहे और नगर पालिका प्रशासन एनएचआई से एनओजी नहीं मिलने का तर्क देकर टाल मटोल करता रहा। अफसरों तक मामला पहुंचा तो पानी का लीकेज ठीक कराया गया। लोगों का आरोप है कि अपने कुछ चहेतों को लाभ देने के लिए मानकों को दरकिनार कर सिंचाई विभाग के नहर पटरी पर इंटरलाकिंग कराई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, नगर के सपहा मार्ग स्थित नहर बाईपास पर पुल के पश्चिमी छोर से नहर की पटरी पर नगरपालिका परिषद की ओर से करीब 10 लाख रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया गया है। जबकि नहर की भूमि सिंचाई विभाग के अधीन आती है और किसी भी निर्माण कार्य से पहले विभाग से एनओसी लेना जरूरी होता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। कस्बे के लोगों का आरोप है कि कई नवसृजित वार्डों में मांग करने के बावजूद सड़कों का निर्माण नगर पालिका प्रशासन की ओर से नहीं कराया जा रहा है। चुनाव नजदीक आता देख नियम को दरकिनार कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग के नहर पटरी पर इंटरलाकिंग कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग की अनुमति के बिना कराए गए निर्माण कार्य को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकारी भूमि पर बिना विभागीय सहमति के कार्य कैसे करा दिया गया। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी या एनएसआई की सड़कों के नीचे लगी पानी का पाइप लाइन फट जाती है तो एनओसी नहीं मिलने का बहाना बनाकर कई दिनों तक नगर पालिका के जिम्मेदार टाल मटोल करते हैं। एक दिन पूर्व फल मंडी के पास एक महिला की सड़क हादसे में मौत हो गई, इसके पूर्व भी कई बाइक सवार यहां पर हादसे के शिकार हो चुके हैं। पानी जाम होने के बाद पुलिया तोड़कर साइफन पाइप डाला गया और गिट्टी भरकर छोड़ दिया गया है, आज तक इसे ठीक नहीं कराया जा सका है।
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सिंचाई विभाग की नहर पटरी की पर लोगों की मांग पर इंटरलाकिंग कराई जा रही होगी। मुझे इसकी पूर्ण रूप से जानकारी नहीं है। अगर सिंचाई विभाग का नहर है तो एनओसी लेना अनिवार्य होता है। इसकी जानकारी कराती हूं।
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अंकिता शुक्ला ईओ नगर पालिका कुशीनगर
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नहर की पटरी पर इंटरलाकिंग कराने के लिए नगर पालिका की ओर से एनओजी नहीं ली गई है। नहर में इन दिनों पानी भरा है। बिना अनुमति का इंटरलाकिंग कराना नियम के खिलाफ है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।
बोधई राम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
जानकारी के अनुसार, नगर के सपहा मार्ग स्थित नहर बाईपास पर पुल के पश्चिमी छोर से नहर की पटरी पर नगरपालिका परिषद की ओर से करीब 10 लाख रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया गया है। जबकि नहर की भूमि सिंचाई विभाग के अधीन आती है और किसी भी निर्माण कार्य से पहले विभाग से एनओसी लेना जरूरी होता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। कस्बे के लोगों का आरोप है कि कई नवसृजित वार्डों में मांग करने के बावजूद सड़कों का निर्माण नगर पालिका प्रशासन की ओर से नहीं कराया जा रहा है। चुनाव नजदीक आता देख नियम को दरकिनार कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग के नहर पटरी पर इंटरलाकिंग कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग की अनुमति के बिना कराए गए निर्माण कार्य को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकारी भूमि पर बिना विभागीय सहमति के कार्य कैसे करा दिया गया। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी या एनएसआई की सड़कों के नीचे लगी पानी का पाइप लाइन फट जाती है तो एनओसी नहीं मिलने का बहाना बनाकर कई दिनों तक नगर पालिका के जिम्मेदार टाल मटोल करते हैं। एक दिन पूर्व फल मंडी के पास एक महिला की सड़क हादसे में मौत हो गई, इसके पूर्व भी कई बाइक सवार यहां पर हादसे के शिकार हो चुके हैं। पानी जाम होने के बाद पुलिया तोड़कर साइफन पाइप डाला गया और गिट्टी भरकर छोड़ दिया गया है, आज तक इसे ठीक नहीं कराया जा सका है।
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सिंचाई विभाग की नहर पटरी की पर लोगों की मांग पर इंटरलाकिंग कराई जा रही होगी। मुझे इसकी पूर्ण रूप से जानकारी नहीं है। अगर सिंचाई विभाग का नहर है तो एनओसी लेना अनिवार्य होता है। इसकी जानकारी कराती हूं।
अंकिता शुक्ला ईओ नगर पालिका कुशीनगर
नहर की पटरी पर इंटरलाकिंग कराने के लिए नगर पालिका की ओर से एनओजी नहीं ली गई है। नहर में इन दिनों पानी भरा है। बिना अनुमति का इंटरलाकिंग कराना नियम के खिलाफ है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।
बोधई राम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग