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Kushinagar News: अधिग्रहित भूमि पर कब्जेे को लेकर मिल प्रबंधक और किसान फिर आमने-सामने
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 04 May 2026 02:48 AM IST
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सुकरौली। क्षेत्र के हरपुर गांव में फिर भूमि अधिग्रहण का मामला सुर्खियों में आ गया है। शनिवार शाम ढाढ़ा चीनी मिल की ओर से अधिग्रहित जमीन पर पिलर लगाने का कार्य किया जा रहा था। इसको लेकर किसानों और मिलकर्मियों में विवाद हो गया।
मिलकर्मियों ने पिलर तथा तार फेंसिंग को उखाड़ देने का आरोप लगाया। मिल के उपमहाप्रबंधक प्रांशु शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मिलकर्मियों का आरोप है कि पिलर लगाने के दौरान हरपुर गांव के कुछ किसान पहुंच गए और पिलर तथा तार फेंसिंग को उखाड़ दिया। दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी।
इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। दूसरी ओर, गांव के लोगों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ग्रामीणों का कहना है कि ढाढ़ा चीनी मिल की ओर से किसानों पर दबाव बनाने की काशिश की जा रही है।
चीनी प्रबंधन जिस जमीन पर पिलर लगाने की बात कर रहा है, उसका मुद्दा अभी विवादित है। मुआवजे का मामला जबतक सुलझ न जाए तब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। बिना अंतिम निर्णय के इस तरह का कार्य कराना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मिल प्रबंधन झूठे आरोप लगाकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि करीब पांच महीने बाद एक बार फिर हरपुर गांव और चीनी मिल के बीच भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद सामने आया है।
इससे पहले भी यह मुद्दा चर्चा में रहा था। ताजा घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही हैंं और लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
56 किसानों के खिलाफ दर्ज हुई थी प्राथमिकी : मिल प्रबंधन,प्रशासन व पुलिस के बीच हुए विवाद में पुलिस ने 56 किसानों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। कुछ को शांति भंग की आशंका में चालान कर जेल भेज दिया गया था। बाद में जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से वार्ता की कोशिशें भी हुई थीं, लेकिन विवाद बना रहा और मिल की ओर से किसानों पर प्राथमिकी दर्ज होती रही।
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मिलकर्मियों ने पिलर तथा तार फेंसिंग को उखाड़ देने का आरोप लगाया। मिल के उपमहाप्रबंधक प्रांशु शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मिलकर्मियों का आरोप है कि पिलर लगाने के दौरान हरपुर गांव के कुछ किसान पहुंच गए और पिलर तथा तार फेंसिंग को उखाड़ दिया। दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी।
इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। दूसरी ओर, गांव के लोगों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ग्रामीणों का कहना है कि ढाढ़ा चीनी मिल की ओर से किसानों पर दबाव बनाने की काशिश की जा रही है।
चीनी प्रबंधन जिस जमीन पर पिलर लगाने की बात कर रहा है, उसका मुद्दा अभी विवादित है। मुआवजे का मामला जबतक सुलझ न जाए तब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। बिना अंतिम निर्णय के इस तरह का कार्य कराना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मिल प्रबंधन झूठे आरोप लगाकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि करीब पांच महीने बाद एक बार फिर हरपुर गांव और चीनी मिल के बीच भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद सामने आया है।
इससे पहले भी यह मुद्दा चर्चा में रहा था। ताजा घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही हैंं और लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
56 किसानों के खिलाफ दर्ज हुई थी प्राथमिकी : मिल प्रबंधन,प्रशासन व पुलिस के बीच हुए विवाद में पुलिस ने 56 किसानों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। कुछ को शांति भंग की आशंका में चालान कर जेल भेज दिया गया था। बाद में जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से वार्ता की कोशिशें भी हुई थीं, लेकिन विवाद बना रहा और मिल की ओर से किसानों पर प्राथमिकी दर्ज होती रही।
