पत्नी और तीन बेटों का कत्ल: चारों को सोते समय उतारा था मौत के घाट, फिर खुद खाया जहर, अब कानून ने दी मौत की सजा
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश परमेश्वर प्रसाद की अदालत ने जितेंद्र कुशवाहा को पत्नी लीलावती व तीन बेटों की हत्या का दोषी माना। उसे मृत्युदंड और दो लाख एक हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश परमेश्वर प्रसाद की अदालत ने तीन मासूम बेटों व पत्नी की हत्या के मामले में पति को दोषी करार दिया। मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' करार देते हुए अभियुक्त को मृत्युदंड और दो लाख के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने कहा है कि दोषी को तब तक फंदे पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाए।
कसया थाना क्षेत्र के कुड़वा दिलीप नगर गांव के गुरमिया गोपाल टोला निवासी जितेंद्र कुशवाहा की शादी मठिया माधोपुर के रामजीत कुशवाहा की बेटी लीलावती से हुई थी। रामजीत कुशवाहा ने 26 अगस्त 2021 को तहरीर दी कि 25 अगस्त 2021 की रात जितेंद्र ने अपनी पत्नी 31 वर्षीय लीलावती, बेटे आकाश (8), विकास (6) तथा रिंकू (4) की सोते समय धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद जितेंद्र ने खुद जहर खा लिया था। दरवाजा अंदर से बंद था।
ग्रामीणों से जानकारी मिलने के बाद रामजीत खुद मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शवों को कब्जे में लिया था। तहरीर के आधार पर कसया थाने में जितेंद्र कुशवाहा के खिलाफ हत्या व आत्महत्या की कोशिश की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस कस्टडी में आरोपी का अस्पताल में इलाज कराया गया। स्वस्थ होने के बाद उसे जेल भिजवा दिया गया।
विवेचक ने जितेंद्र के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाह परीक्षित कराए गए। इनमें हत्यारोपी के पिता व भाई की गवाही भी महत्वपूर्ण रही। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त जितेंद्र कुशवाहा को हत्या व आत्महत्या की कोशिश का दोषी करार दिया। उसे फांसी की सजा सुनाई और दो लाख एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियुक्त गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही जेल में है। जेल से ही उसे पेशी पर लाया गया था। सजा सुनाने के बाद फिर उसे जेल भेज दिया गया।