{"_id":"6a540652e64c0fb39d0eb30b","slug":"negligence-is-claiming-lives-yet-bike-riders-remain-heedless-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-163573-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: लापरवाही ले रही जान फिर भी नहीं चेत रहे बाइक सवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: लापरवाही ले रही जान फिर भी नहीं चेत रहे बाइक सवार
Mon, 13 Jul 2026 02:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 13 Jul 2026 02:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। हेलमेट पहनने से गर्मी लगती है, थोड़ी ही दूर तो जाना है...इसी लापरवाही की कीमत लोगों को जान देकर चुकानी पड़ रही है। बीते 21 दिनों में हुए सड़क हादसे 22 लोगों की मौतें इसकी गवाही दे रही हैं। जान गंवाने वाले सभी बाइक सवारों की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई थी। पुलिस की जांच में ज्यादातर मृतक बिना हेलमेट के बाइक चला रहे थे। लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे यातायात नियमों की अनदेखी को ही उजागर कर रहे हैं।
तेज रफ्तार बाइक चलाने और हेलमेट नहीं पहनने की आदत जान पर भारी पड़ रही है। 20 जून से 11 जुलाई के बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में 22 बाइक सवारों ने दम तोड़ दिया। पुलिस और मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों के अनुसार, इन 22 में से 18 लोगों की मौत सिर में चोट लगने के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई है। दो लोगों की मौत ओवरटेक और टक्कर लगने से हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, ज्यादातर हादसे सुबह आठ से 11 बजे और शाम पांच से आठ बजे के बीच हुए थे। मृतकों में सबसे ज्यादा 18 से 35 साल के युवा थे। उनमें से किसी ने हेलमेट नहीं पहना था। यदि पहना होता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। सड़क दुघटनाओं में हो रही मौतों से भी लोग सबब नहीं ले रहे हैं। रविवार को अवकाश का दिन होने के चलते पूरे दिन शहर की सड़कों पर वाहनाें का आवागमन कम रहा। इसके बावजूद गलत तरीके से वाहन चलाने से शहर के सुभाष चौक, बस स्टेशन समेत अन्य स्थानों पर रुक-रुक कर जाम की स्थिति बनती रही। वहीं, शहर के रामकोला रोड, सुभाष चौक, कोतवाली रोड, गंडक नहर पुल समेत अन्य कई स्थानों पर बिना हेलमेट पहने लोग बाइक चलाते दिखे।
विज्ञापन
0
41 दिन में बिना हेलमेट के 5632 और राॅग साइड के 1104 का हुआ चालान
बीते 41 दिनों में यातायात पुलिस ने चेकिंग अभियान में बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले 56632 लोगों और रॉन्ग साइड वाहन चलाने वाले 1104 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन वाहन स्वामियों से 28,34,000 रुपये के ई-चालान की कार्रवाई की गई। इतनी बड़ी संख्या में चालान कटने और जुर्माना लगने के बाद भी रोजाना बड़ी संख्या में लोग बिना हेलमेट पहने और उल्टी दिशा में गाड़ी चलाते दिख रहे हैं। जानकार बताते हैं कि रॉन्ग साइड वाहन चलाना दुर्घटना को दावत देना है। इनमें बाइक सवार सबसे ज्यादा हैं। बस स्टैंड, तहसील तिराहा, सुभाष चौक, रामकोला रोड और रेलवे ढाला मार्ग पर लोग जाम से बचने के लिए उल्टी दिशा में वाहन दौड़ाते हैं।
0
केस एक
20 जून को विशुनपुरा थाना क्षेत्र के चाफ अहिरटोली निवासी बृजेश यादव (35) रात करीब आठ बजे घर का सामान खरीदने के लिए तिलक पट्टी चौराहे पर गए थे। वहां से लौटते समय दुदही की ओर से आ रहे किसी वाहन की चपेट में आने से घायल हो गए थे। सड़क पर सिर के बल गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं। मौजूद लोग उन्हें अस्पताल भिजवाया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
0
केस दो
बीते 27 जून को ग्राम सभा डुमरी स्वांगीपट्टी के विवेक सिंह (22) बाइक से माधुरी देवी (55) और शालू सिंह (30) को रिश्तेदारी से लेकर घर लौट रहे थे। अभी वे हाटा-पिपराईच मार्ग पर पहुंचे ही थे कि सामने से आ रही एक कार की चपेट में आकर बाइक सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया था।
0000000
बोले लोग
दुर्घटनाएं बताकर नहीं आतीं और हेलमेट पहनने से अनहोनी की स्थिति में जान जाने या कोमा में जाने का खतरा बहुत कम हो जाता है। इसलिए प्रत्येक बाइक चालक को हेलमेट पहन कर ही बाइक चलानी चाहिए। -रवि कुमार, राहगीर।
0
आम जनता अक्सर उन सख्त अभियानों का समर्थन करती है, जिसमें पुलिस नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाती है। पुलिस को चाहिए कि अभियान चलाकर बिना हेलमेट पहने बाइक चलाने वालों पर कार्रवाई करे। -मोहन भारती, राहगीर।
0
हेलमेट किसी भी दोपहिया वाहन चालक के लिए जीवन रक्षक कवच है। हेलमेट सिर में गंभीर चोट के जोखिम को काफी कम कर देता है। चालान से बचने के लिए नहीं, जान बचाने के लिए हेलमेट पहनें। सिर की चोट सबसे खतरनाक है। 10 मिनट में खून बहकर मरीज की हालत बिगड़ जाती है। हेलमेट 70 प्रतिशत तक जान बचाता है। रॉन्ग साइड चलना न सिर्फ आपके लिए बल्कि सामने वाले के लिए भी खतरनाक है। नियम तोड़ने पर अब कोई रियायत नहीं होगी। -अश्विनी कुमार राय, यातायात निरीक्षक, कुशीनगर।
विज्ञापन
तेज रफ्तार बाइक चलाने और हेलमेट नहीं पहनने की आदत जान पर भारी पड़ रही है। 20 जून से 11 जुलाई के बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में 22 बाइक सवारों ने दम तोड़ दिया। पुलिस और मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों के अनुसार, इन 22 में से 18 लोगों की मौत सिर में चोट लगने के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई है। दो लोगों की मौत ओवरटेक और टक्कर लगने से हुई थी।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, ज्यादातर हादसे सुबह आठ से 11 बजे और शाम पांच से आठ बजे के बीच हुए थे। मृतकों में सबसे ज्यादा 18 से 35 साल के युवा थे। उनमें से किसी ने हेलमेट नहीं पहना था। यदि पहना होता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। सड़क दुघटनाओं में हो रही मौतों से भी लोग सबब नहीं ले रहे हैं। रविवार को अवकाश का दिन होने के चलते पूरे दिन शहर की सड़कों पर वाहनाें का आवागमन कम रहा। इसके बावजूद गलत तरीके से वाहन चलाने से शहर के सुभाष चौक, बस स्टेशन समेत अन्य स्थानों पर रुक-रुक कर जाम की स्थिति बनती रही। वहीं, शहर के रामकोला रोड, सुभाष चौक, कोतवाली रोड, गंडक नहर पुल समेत अन्य कई स्थानों पर बिना हेलमेट पहने लोग बाइक चलाते दिखे।
विज्ञापन
0
41 दिन में बिना हेलमेट के 5632 और राॅग साइड के 1104 का हुआ चालान
बीते 41 दिनों में यातायात पुलिस ने चेकिंग अभियान में बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले 56632 लोगों और रॉन्ग साइड वाहन चलाने वाले 1104 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन वाहन स्वामियों से 28,34,000 रुपये के ई-चालान की कार्रवाई की गई। इतनी बड़ी संख्या में चालान कटने और जुर्माना लगने के बाद भी रोजाना बड़ी संख्या में लोग बिना हेलमेट पहने और उल्टी दिशा में गाड़ी चलाते दिख रहे हैं। जानकार बताते हैं कि रॉन्ग साइड वाहन चलाना दुर्घटना को दावत देना है। इनमें बाइक सवार सबसे ज्यादा हैं। बस स्टैंड, तहसील तिराहा, सुभाष चौक, रामकोला रोड और रेलवे ढाला मार्ग पर लोग जाम से बचने के लिए उल्टी दिशा में वाहन दौड़ाते हैं।
0
केस एक
20 जून को विशुनपुरा थाना क्षेत्र के चाफ अहिरटोली निवासी बृजेश यादव (35) रात करीब आठ बजे घर का सामान खरीदने के लिए तिलक पट्टी चौराहे पर गए थे। वहां से लौटते समय दुदही की ओर से आ रहे किसी वाहन की चपेट में आने से घायल हो गए थे। सड़क पर सिर के बल गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं। मौजूद लोग उन्हें अस्पताल भिजवाया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
0
केस दो
बीते 27 जून को ग्राम सभा डुमरी स्वांगीपट्टी के विवेक सिंह (22) बाइक से माधुरी देवी (55) और शालू सिंह (30) को रिश्तेदारी से लेकर घर लौट रहे थे। अभी वे हाटा-पिपराईच मार्ग पर पहुंचे ही थे कि सामने से आ रही एक कार की चपेट में आकर बाइक सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया था।
0000000
बोले लोग
दुर्घटनाएं बताकर नहीं आतीं और हेलमेट पहनने से अनहोनी की स्थिति में जान जाने या कोमा में जाने का खतरा बहुत कम हो जाता है। इसलिए प्रत्येक बाइक चालक को हेलमेट पहन कर ही बाइक चलानी चाहिए। -रवि कुमार, राहगीर।
0
आम जनता अक्सर उन सख्त अभियानों का समर्थन करती है, जिसमें पुलिस नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाती है। पुलिस को चाहिए कि अभियान चलाकर बिना हेलमेट पहने बाइक चलाने वालों पर कार्रवाई करे। -मोहन भारती, राहगीर।
0
हेलमेट किसी भी दोपहिया वाहन चालक के लिए जीवन रक्षक कवच है। हेलमेट सिर में गंभीर चोट के जोखिम को काफी कम कर देता है। चालान से बचने के लिए नहीं, जान बचाने के लिए हेलमेट पहनें। सिर की चोट सबसे खतरनाक है। 10 मिनट में खून बहकर मरीज की हालत बिगड़ जाती है। हेलमेट 70 प्रतिशत तक जान बचाता है। रॉन्ग साइड चलना न सिर्फ आपके लिए बल्कि सामने वाले के लिए भी खतरनाक है। नियम तोड़ने पर अब कोई रियायत नहीं होगी। -अश्विनी कुमार राय, यातायात निरीक्षक, कुशीनगर।