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Kushinagar News: मनमानी नहीं कर सकेंगे निजी स्कूल संचालक, निगरानी करेगी टीम
Mon, 06 Jul 2026 02:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 06 Jul 2026 02:19 AM IST
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पडरौना। शुल्क, यूनिफॉर्म और किताब-कॉपी में निजी स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी। निजी स्कूलों को यूनिफॉर्म, जूते, बैग, किताब-कॉपी और स्टेशनरी कहां से मिलेगी, इसकी पूरी जानकारी अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर देना अनिवार्य कर दिया गया है। बीएसए और डीआईओएस की तरफ से संयुक्त मॉनिटरिंग टीम भी गठित की जाएगी। यह टीम निरीक्षण करेगी और नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करेगी।
हर साल अप्रैल में स्कूल खुलने से पहले अभिभावक महंगी यूनिफॉर्म और एक खास दुकान से किताब-कॉपी लेने का दबाव जैसे परेशानी से जूझते हैं। कई स्कूल 800 की यूनिफॉर्म 2000 में और 150 की कॉपी 400 में बेचते हैं। इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। जिले के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल अपनी वेबसाइट पर अभिभावक सूचना सेक्शन बनाएंगे।
उसमें यूनिफार्म के कपड़े का रंग, डिजाइन और बाजार में उपलब्ध 3-4 दुकानों के नाम-पते, जूते-मोजे व बेल्ट के ब्रांड और रेंज। एनसीईआरटी/ व अन्य बोर्ड की किताबें और स्टेशनरी किसी भी दुकान से ली जा सकती है, इसकी लिखित जानकारी। ट्यूशन फी, वार्षिक शुल्क, कंप्यूटर फी आदि का ब्रेकअप जैसी जानकारी अपलोड करेंगे।
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स्कूलों को ये भी लिखना होगा कि अभिभावक अपनी पसंद की दुकान से सामग्री खरीद सकते हैं। स्कूल किसी एक दुकान को बाध्य नहीं करेगा।
नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, यह देखने के लिए बीएसए अनिल कुमार सिंह और डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्त संयुक्त रूप से एक मॉनिटरिंग टीम गठित करेंगे। इस टीम में खंड शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बाबू और अभिभावक संघ का एक सदस्य रहेगा।
टीम स्कूलों में निरीक्षण करेगी। स्कूल बैग चेक करेंगे, दुकानों पर रेट लिस्ट मिलाएंगे और अभिभावकों से गुप्त फीडबैक लेंगे। बीएसए ने कहा यदि कोई स्कूल एक दुकान से खरीदारी के लिए दबाव बनाता पकड़ा गया तो पहली बार चेतावनी, दूसरी बार 50 हजार का जुर्माना और तीसरी बार मान्यता रद्द करने की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।
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हर साल अप्रैल में स्कूल खुलने से पहले अभिभावक महंगी यूनिफॉर्म और एक खास दुकान से किताब-कॉपी लेने का दबाव जैसे परेशानी से जूझते हैं। कई स्कूल 800 की यूनिफॉर्म 2000 में और 150 की कॉपी 400 में बेचते हैं। इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। जिले के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल अपनी वेबसाइट पर अभिभावक सूचना सेक्शन बनाएंगे।
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उसमें यूनिफार्म के कपड़े का रंग, डिजाइन और बाजार में उपलब्ध 3-4 दुकानों के नाम-पते, जूते-मोजे व बेल्ट के ब्रांड और रेंज। एनसीईआरटी/ व अन्य बोर्ड की किताबें और स्टेशनरी किसी भी दुकान से ली जा सकती है, इसकी लिखित जानकारी। ट्यूशन फी, वार्षिक शुल्क, कंप्यूटर फी आदि का ब्रेकअप जैसी जानकारी अपलोड करेंगे।
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स्कूलों को ये भी लिखना होगा कि अभिभावक अपनी पसंद की दुकान से सामग्री खरीद सकते हैं। स्कूल किसी एक दुकान को बाध्य नहीं करेगा।
नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, यह देखने के लिए बीएसए अनिल कुमार सिंह और डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्त संयुक्त रूप से एक मॉनिटरिंग टीम गठित करेंगे। इस टीम में खंड शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बाबू और अभिभावक संघ का एक सदस्य रहेगा।
टीम स्कूलों में निरीक्षण करेगी। स्कूल बैग चेक करेंगे, दुकानों पर रेट लिस्ट मिलाएंगे और अभिभावकों से गुप्त फीडबैक लेंगे। बीएसए ने कहा यदि कोई स्कूल एक दुकान से खरीदारी के लिए दबाव बनाता पकड़ा गया तो पहली बार चेतावनी, दूसरी बार 50 हजार का जुर्माना और तीसरी बार मान्यता रद्द करने की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।