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Kushinagar News: जमानत के बाद गैंगस्टर एक्ट में वांछित था सॉल्वर सौरभ
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संतकबीरनगर। फरवरी 2024 में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में कोतवाली क्षेत्र के भुजैनी स्थित सेंटर पर दूसरे की जगह पेपर देते पकड़ा गया बिहार के मुंगेर निवासी सौरभ शर्मा एक साल बाद जमानत पर छूट गया था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी जिसमें वह वांछित चल रहा था। पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था। शनिवार को पुलिस ने उसे दुधारा क्षेत्र के सालेहपुर से गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कांटे चौकी क्षेत्र के सत्यब्रत शर्मा जनक दुलारी इंटर कॉलेज भुजैनी में 18 फरवरी 2024 को यूपी पुलिस भर्ती की परीक्षा चल रही थी। केंद्र व्यवस्थापक रीना तिवारी के मोबाइल पर कंट्रोल रूम लखनऊ से एक संदिग्ध के बारे में सूचना मिली। इसके बाद शुरू हुई जांच ने केंद्र पर कक्ष संख्या-6 से सौरभ शर्मा को पकड़ा। फाेटो आईडी और प्रवेश पत्र मिलाने का मिलान कराया गया इसमें गड़बड़ी मिली। दोबारा कराई गई बायोमेट्रिक जांच से भी सौरभ संदेह के घेरे में आ गया। पता चला कि वह खलीलाबाद क्षेत्र के भरपुरवा पड़रिया निवासी संजय कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था।
इसके बाद कोतवाली खलीलाबाद में केंद्र व्यवस्थापक रीना तिवारी की शिकायत पर सौरभ शर्मा निवासी निवासी खैरा, थाना हवेली खड़गपुर, जनपद मुंगेर, बिहार और खलीलाबाद क्षेत्र के संजय कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। करीब एक साल बाद दोनों आरोपी जमानत पर छूट गए थे। 31 अगस्त 2025 को गैंगचार्ट अनुमोदन होने के बाद तत्कालीन कोतवाल सतीश कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम के तहत सौरभ और संजय पर प्राथमिकी दर्ज की। इस मामले में सौरभ की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। शनिवार को पुलिस टीम ने सौरभ को दुधारा क्षेत्र के सालेहपुर से दबोच लिया और जेल भिजवा दिया।
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दो लाख रुपये में पास कराने की ली थी जिम्मेदारी
पुलिस जांच में पता चला था कि पुलिस भर्ती परीक्षा में कोतवाली क्षेत्र के भरपुरवा गांव निवासी संजय कुमार को पास कराने के लिए सौरभ शर्मा ने दो लाख रुपये में जिम्मेदारी ली थी। बिहार के मुंगेर निवासी राजीव ने यह सौदा तय कराया था। इसके बाद पुलिस भर्ती परीक्षा से पहले सौरभ को खलीलाबाद लाकर सेंटर पर पहुंचा दिया गया था। बाद में कंट्रोल रूम की सूचना पर सौरभ पुलिस के हत्थे चढ़ा। वहीं संजय भी दबोच लिया गया था।
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पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कांटे चौकी क्षेत्र के सत्यब्रत शर्मा जनक दुलारी इंटर कॉलेज भुजैनी में 18 फरवरी 2024 को यूपी पुलिस भर्ती की परीक्षा चल रही थी। केंद्र व्यवस्थापक रीना तिवारी के मोबाइल पर कंट्रोल रूम लखनऊ से एक संदिग्ध के बारे में सूचना मिली। इसके बाद शुरू हुई जांच ने केंद्र पर कक्ष संख्या-6 से सौरभ शर्मा को पकड़ा। फाेटो आईडी और प्रवेश पत्र मिलाने का मिलान कराया गया इसमें गड़बड़ी मिली। दोबारा कराई गई बायोमेट्रिक जांच से भी सौरभ संदेह के घेरे में आ गया। पता चला कि वह खलीलाबाद क्षेत्र के भरपुरवा पड़रिया निवासी संजय कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था।
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इसके बाद कोतवाली खलीलाबाद में केंद्र व्यवस्थापक रीना तिवारी की शिकायत पर सौरभ शर्मा निवासी निवासी खैरा, थाना हवेली खड़गपुर, जनपद मुंगेर, बिहार और खलीलाबाद क्षेत्र के संजय कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। करीब एक साल बाद दोनों आरोपी जमानत पर छूट गए थे। 31 अगस्त 2025 को गैंगचार्ट अनुमोदन होने के बाद तत्कालीन कोतवाल सतीश कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम के तहत सौरभ और संजय पर प्राथमिकी दर्ज की। इस मामले में सौरभ की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। शनिवार को पुलिस टीम ने सौरभ को दुधारा क्षेत्र के सालेहपुर से दबोच लिया और जेल भिजवा दिया।
दो लाख रुपये में पास कराने की ली थी जिम्मेदारी
पुलिस जांच में पता चला था कि पुलिस भर्ती परीक्षा में कोतवाली क्षेत्र के भरपुरवा गांव निवासी संजय कुमार को पास कराने के लिए सौरभ शर्मा ने दो लाख रुपये में जिम्मेदारी ली थी। बिहार के मुंगेर निवासी राजीव ने यह सौदा तय कराया था। इसके बाद पुलिस भर्ती परीक्षा से पहले सौरभ को खलीलाबाद लाकर सेंटर पर पहुंचा दिया गया था। बाद में कंट्रोल रूम की सूचना पर सौरभ पुलिस के हत्थे चढ़ा। वहीं संजय भी दबोच लिया गया था।