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Kushinagar News: लूना हॉस्पिटल में ऑपरेशन पर रोक, चल रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:07 AM IST
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पडरौना। कसया नगर के लूना हॉस्पिटल में पित की थैली के ऑपरेशन के लिए ओटी में गई युवती की दो जून को मौत हो गई थी। इसके बाद संचालक और कर्मचारी हॉस्पिटल बंद कर भाग गए थे।
स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए गई तो मुख्य दरवाजे पर नोटिस चस्पा कर लौट आई। कुछ दिन पहले हॉस्पिटल का संचालन शुरू हो गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ व निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ. आरडी कुशवाहा पहुंचे और ओटी को बंद करा दिया। जांच पूरा नहीं होने तक ऑपरेशन करने से मना कर दिया है। वहीं परिजन अस्पताल संचालक को बचाने और जांच में लीपापोती का आरोप लगा रहे हैं। भरौली निवासी 26 वर्षीय नरगिस पित्त की थैली का ऑपरेशन कराने दो जून को परिजनों के साथ लूना हॉस्पिटल में आई थी। परिजनों के अनुसार ओटी में ऑपरेशन के लिए डाक्टर ले गए, ऑपरेशन से पहले ही उसकी लापरवाही पूर्वक बेहोशी का इंजेक्शन लगाने से मौत होने का आरोप लगाया।
युवती की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान संचालक और वर्कर हॉस्पिटल बंद कर फरार हो गए। सीएमओ ने नोडल अफसर को जांच का निर्देश दिया।
कसया सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी अपनी टीम के साथ पहुंचे तो हॉस्पिटल बंद मिला, बाहर दीवार पर नोटिस चस्पा कर लौट आए। कुछ दिन पहले हॉस्पिटल खुला तो नोडल अफसर टीम के साथ पहुंचे और ओटी बंद करा दिया।
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जांच प्रक्रिया पूरी नहीं होने ऑपरेशन करने से मना कर दिया है, सिर्फ ओपीडी संचालित करने का निर्देश दिया है। वहीं नरगिस के परिजनों की तहरीर पर अब तक प्राथमिकी दर्ज हो सकी। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि जांच चल रही है। हॉस्पिटल की ओटी को सील करा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संचालक पर आगे की कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए गई तो मुख्य दरवाजे पर नोटिस चस्पा कर लौट आई। कुछ दिन पहले हॉस्पिटल का संचालन शुरू हो गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ व निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ. आरडी कुशवाहा पहुंचे और ओटी को बंद करा दिया। जांच पूरा नहीं होने तक ऑपरेशन करने से मना कर दिया है। वहीं परिजन अस्पताल संचालक को बचाने और जांच में लीपापोती का आरोप लगा रहे हैं। भरौली निवासी 26 वर्षीय नरगिस पित्त की थैली का ऑपरेशन कराने दो जून को परिजनों के साथ लूना हॉस्पिटल में आई थी। परिजनों के अनुसार ओटी में ऑपरेशन के लिए डाक्टर ले गए, ऑपरेशन से पहले ही उसकी लापरवाही पूर्वक बेहोशी का इंजेक्शन लगाने से मौत होने का आरोप लगाया।
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युवती की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान संचालक और वर्कर हॉस्पिटल बंद कर फरार हो गए। सीएमओ ने नोडल अफसर को जांच का निर्देश दिया।
कसया सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी अपनी टीम के साथ पहुंचे तो हॉस्पिटल बंद मिला, बाहर दीवार पर नोटिस चस्पा कर लौट आए। कुछ दिन पहले हॉस्पिटल खुला तो नोडल अफसर टीम के साथ पहुंचे और ओटी बंद करा दिया।
जांच प्रक्रिया पूरी नहीं होने ऑपरेशन करने से मना कर दिया है, सिर्फ ओपीडी संचालित करने का निर्देश दिया है। वहीं नरगिस के परिजनों की तहरीर पर अब तक प्राथमिकी दर्ज हो सकी। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि जांच चल रही है। हॉस्पिटल की ओटी को सील करा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संचालक पर आगे की कार्रवाई होगी।