कसया। बुद्ध स्थली कुशीनगर में वर्षावास के लिए ठहरे थाई बौद्ध भिक्षुओं ने शुक्रवार को महापरिनिर्वाण मंदिर में तथागत बुद्ध का दर्शन-पूजन कर विश्व कल्याण और शांति की कामना की। इसके बाद भिक्षुओं ने अनिरुद्धवा और बुद्ध मार्ग पर भिक्षाटन कर श्रद्धालुओं से दान ग्रहण किया। शाम को थाई मॉनेस्ट्री के प्रमुख भंते डॉ. सोम पोंग के निर्देशन में भिक्षुओं ने महापरिनिर्वाण मंदिर में धम्मपाठ किया और चीवर अर्पित किया। इस अवसर पर भंते डॉ. सोम पोंग ने कहा कि आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन ही तथागत बुद्ध ने सारनाथ में अपना प्रथम उपदेश दिया था। उन्होंने कहा कि बुद्ध की करुणा, अहिंसा और शांति का संदेश आज भी विश्व कल्याण के लिए उतना ही प्रासंगिक है। भिक्षु सों क्रान ने बताया कि वर्षावास तीन माह का होता है। इस अवधि में भिक्षु एक ही स्थान पर रहकर धम्म साधना, अध्ययन और अनुशासित जीवन का पालन करते हैं। भिक्षाटन के दौरान उपासक मोहन सिंह, शिवम यादव, अभिषेक गुप्ता, राम सुरेन, शुकदेव गुप्ता, महंथ कुशवाहा, गौतम शर्मा, गोलू यादव, आनंद यादव, रामवती देवी, रीना देवी, संजू देवी, अनीता और सत्तन शर्मा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भिक्षुओं को खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान दिया। इस दौरान डॉ. कितिफान, भिक्षु पी. पविन, महा नाट सहित अन्य थाई बौद्ध भिक्षु मौजूद रहे।