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Kushinagar News: बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकपी, रात भी रही सर्द

संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 08 Jan 2026 01:56 AM IST
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The icy winds intensified the chill, and the night remained cold.
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पडरौना। जिले में चल रही बर्फीली हवाएं सितम ढा रही हैं। बुधवार को दोपहर बाद धूप खिली, लेकिन वह राहत नहीं दे सकी। ठिठुरन बढ़ने से लोग अलाव के पास बैठे नजर आए। ठंड की वजह से अंगुलियां और हाथ-पैर भी सुन्न हो रहे हैं। दिन और रात के तापमान में अंतर ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। शाम होते ही गलन भरी ठंड बढ़ने से शहर के अधिकतर सड़कें सूनी हो जा रही हैं।
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सर्द पछुआ हवा चलने से बुधवार की रात इस सर्दी के सीजन का सबसे ठंडी रात रही। इस दिन अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापामान पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के मौसम वैज्ञानिक श्रुति वी सिंह ने बताया कि बुधवार को जिले में अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया है।
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जिले में बुधवार की सुबह करीब आठ बजे तक जिले में घना कोहरा छाया रहा और करीब 11 बजे तक बदली छाई रही। कोहरा व सर्द हवाओं के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब 12 बजे धूप निकली तो लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी।
धूप खिलने से बाजार चहल-पहल बढ़ी, लेकिन चल रही सर्द पछुआ हवा के थपेड़ों ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। शाम गहराते ही सर्द हवा ने लोगों को घरों में सिमटने पर मजबूर कर दिया। मौसम का यह उतार-चढ़ाव खासतौर पर कमजोर वर्ग और बुजुर्गों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।


किसानों को फसल बर्बाद होने की सता रही चिंता
बढ़ती ठंड से किसानों की चिंता गहराने लगी है। आलू, सरसों, मटर और सब्जी की फसलों पर पाले का खतरा बना हुआ है। सुबह-शाम खेतों में ठंड और नमी के कारण फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। किसान विपिन कुशवाहा, बिरझन प्रसाद, ओमप्रकाश पटेल, रामाकांत प्रसाद, उपकेंद्र गुप्ता, रामप्रीत, राजदेव आदि का कहना है कि तापमान में गिरावट से उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। जिला कृषि अधिकारी डाॅ. मेनका ने बताया कि किसान पाले से बचाव के लिए फसल की हल्की सिंचाई करें। इसके अलावा खेतों में धुआं करने और अन्य देसी उपाय कर सकते हैं। दोपहर की धूप से फसलों को कुछ राहत मिल रही है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता से किसान परेशान हैं।
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