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Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में ठंड से सांस के मरीज बढ़े
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पडरौना। दिन में हल्की धूप और सुबह-शाम की बढ़ती ठंड ने सांस, दमा और एलर्जी से पीड़ित लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। तापमान में लगातार गिरावट के कारण मेडिकल कॉलेज और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
मेडिकल कॉलेज के छाती रोग विभाग में रोजाना 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 40 से अधिक मरीज सांस की तकलीफ और 15 से अधिक मरीज दमा व सीने में जकड़न की शिकायत लेकर उपचार के लिए आ रहे हैं। इलाज के लिए पहुंचे राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सुबह-शाम की ठंडी हवा से सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है, इसलिए उन्हें बार-बार अस्पताल आना पड़ रहा है। इसी तरह सुभाष यादव ने कहा कि ठंड बढ़ते ही सीने में जकड़न और खांसी इतनी बढ़ जाती है कि बिना दवा राहत नहीं मिलती।
डॉक्टर ने ठंड के मौसम में बुजुर्गों और दमा व एलर्जी के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। ओपीडी में मौजूद चेस्ट फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि मौसम बदलने पर नसें सिकुड़ जाती हैं, इससे सांस से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। इसलिए मरीजों को उपचार के साथ विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने गर्म कपड़े पहनने, ठंडी हवा से बचने, भाप लेने और दवाएं नियमित लेने की सलाह दी जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज के छाती रोग विभाग में रोजाना 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 40 से अधिक मरीज सांस की तकलीफ और 15 से अधिक मरीज दमा व सीने में जकड़न की शिकायत लेकर उपचार के लिए आ रहे हैं। इलाज के लिए पहुंचे राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सुबह-शाम की ठंडी हवा से सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है, इसलिए उन्हें बार-बार अस्पताल आना पड़ रहा है। इसी तरह सुभाष यादव ने कहा कि ठंड बढ़ते ही सीने में जकड़न और खांसी इतनी बढ़ जाती है कि बिना दवा राहत नहीं मिलती।
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डॉक्टर ने ठंड के मौसम में बुजुर्गों और दमा व एलर्जी के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। ओपीडी में मौजूद चेस्ट फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि मौसम बदलने पर नसें सिकुड़ जाती हैं, इससे सांस से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। इसलिए मरीजों को उपचार के साथ विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने गर्म कपड़े पहनने, ठंडी हवा से बचने, भाप लेने और दवाएं नियमित लेने की सलाह दी जा रही है।
