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Lakhimpur Kheri News: एआई आधारित एक्सरे मशीनों से 378 संदिग्ध टीबी मरीज मिले
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 15 May 2026 12:34 AM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले में चल रहे सौ दिवसीय टीबी रोगी खोजो अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग आधुनिक तकनीक के जरिये मरीजों की पहचान में जुटा है। 24 मार्च से शुरू हुए अभियान के 50वें दिन तक एआई आधारित चार एक्सरे मशीनों से 15,203 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जांच के दौरान अब तक 378 संदिग्ध टीबी मरीज चिह्नित किए गए हैं। यह अभियान एक जुलाई तक चलेगा।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों और शहरी क्षेत्रों में लगातार कैंप लगाकर लोगों की जांच कर रही हैं। लंबे समय से खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षण वाले लोगों का एक्सरे और अन्य परीक्षण कराया जा रहा है। एआई तकनीक से लैस मशीनें एक्सरे रिपोर्ट का तेजी से विश्लेषण कर संभावित मरीजों की पहचान करने में मदद कर रही हैं।
जिले में अब तक 176 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। संदिग्ध मरीजों की आगे ट्रू-नॉट और बलगम जांच कराई जा रही है, ताकि टीबी की पुष्टि होने पर उनका उपचार शुरू कराया जा सके।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि विभाग के पास चार आधुनिक एक्सरे मशीनें हैं, जिनसे स्क्रीनिंग कर संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा रही है। चारों मशीनों का रोस्टर तैयार किया गया है, ताकि जिलेभर के लोगों की जांच हो सके। अभियान का उद्देश्य छिपे हुए मरीजों की पहचान कर जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम करना है।
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टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी
सीएमओ ने बताया कि अभियान के दौरान आशा और स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। मरीजों को नियमित दवा लेने, पोषण और सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज समय पर जांच कराकर नियमित उपचार लें।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों और शहरी क्षेत्रों में लगातार कैंप लगाकर लोगों की जांच कर रही हैं। लंबे समय से खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षण वाले लोगों का एक्सरे और अन्य परीक्षण कराया जा रहा है। एआई तकनीक से लैस मशीनें एक्सरे रिपोर्ट का तेजी से विश्लेषण कर संभावित मरीजों की पहचान करने में मदद कर रही हैं।
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जिले में अब तक 176 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। संदिग्ध मरीजों की आगे ट्रू-नॉट और बलगम जांच कराई जा रही है, ताकि टीबी की पुष्टि होने पर उनका उपचार शुरू कराया जा सके।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि विभाग के पास चार आधुनिक एक्सरे मशीनें हैं, जिनसे स्क्रीनिंग कर संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा रही है। चारों मशीनों का रोस्टर तैयार किया गया है, ताकि जिलेभर के लोगों की जांच हो सके। अभियान का उद्देश्य छिपे हुए मरीजों की पहचान कर जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम करना है।
टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी
सीएमओ ने बताया कि अभियान के दौरान आशा और स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। मरीजों को नियमित दवा लेने, पोषण और सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज समय पर जांच कराकर नियमित उपचार लें।