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Lakhimpur Kheri News: सुरक्षा उपकरणों से परहेजी... हाथों में दस्तानों की जगह जान
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:56 PM IST
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शहर में बिना सुरक्षा उपकरण काम करते लाइनमैन। फाइल फोटो
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लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी में बिजली का लोड बढ़ने से फॉल्ट, तार टूटने, ट्रांसफाॅर्मर खराब होने की घटनाओं संग लाइनमैनों का भी काम बढ़ गया है। काम करने के दौरान लाइनमैन कितने सुरक्षित हैं, इसकी हकीकत जानने के लिए बुधवार और बृहस्पतिवार को शहर में पड़ताल की गई।काफी कर्मचारी हेलमेट तो लगाए मिले, लेकिन दस्ताने, जूते, सेफ्टी बेल्ट, डिस्चार्ज रॉड का इस्तेमाल नहीं करते दिखे। जबकि बिना इसके हमेशा जान का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके लाइनमैन गंभीर न ही विभागीय अफसर।
लखीमपुर डिविजन में 65 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। भीषण गर्मी में इन दिनों 24 घंटे में 70 से 80 फॉल्ट हैं। ऐसे में लाइनमैन भी जल्द से जल्द व्यवस्था बनाने में जुट जाते हैं। विभागीय अफसरों का दावा है कि पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं और प्रत्येक लाइनमैन को दिए भी गए हैं। इसे पहनने को दबाव भी बनाया जाता है। अब सवाल है कि काम के दौरान कर्मी सुरक्षा उपकरण के साथ नजर क्यों नहीं आते। विभाग में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं है या फिर लाइनमैन खुद ही नहीं इस्तेमाल करते हैं।
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सुरक्षा उपकरण के साथ काम करने में होती दिक्कतें
-नाम न छापने की शर्त पर एक लाइनमैन ने बताया कि सुरक्षा उपकरण तो मिले हैं, लेकिन काम के दौरान उनको पहने रखना मुश्किल रहता है। लंबे समय से वे काम करते आ रहे। अब बिना सुरक्षा उपकरण काम करना आसान रहता है।
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शहर में 85 लाइनमैन, 100 से अधिक सुरक्षा उपकरण
लखीमपुर डिविजन में नई बस्ती, गढ़ी, कलक्ट्रेट, खीरी टाउन, छाउछ और न्यूज छाउछ उपकेंद्र हैं। विभागीय अफसरों के मुताबिक, प्रत्येक बिजलीघर पर 14 से 15 लाइनमैन हैं। पूरे डिविजन में 85 से अधिक लाइनमैन हैं और 100 से अधिक सुरक्षा उपकरण है।
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डिस्चार्ज रॉड को लेकर असमंजस
-विभागीय अफसरों का दावा है कि सभी लाइनमैनों के पास सुरक्षा उपकरण के साथ ही डिस्चार्ज रॉड भी दिए गए हैं। यह उपकरण लाइन बंद करने के बाद बचे हुए करंट को अर्थ करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम करता है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि विभाग में डिस्चार्ज रॉड कम है। जो हैं, उनको भी इस्तेमाल नहीं किया जाता।
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सभी लाइनमैनों को नए सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं। साथ ही उनको इस्तेमाल करने की चेतावनी भी दी गई है। बिना सुरक्षा उपकरण कोई भी काम करता मिला तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सेवा से भी हटाया जा सकता है। लाइनमैन को खुद की जिंदगी सुरक्षित रखने को सुरक्षा उपकरण इस्तेमाल करें। - शैलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, लखीमपुर डिविजन
लखीमपुर डिविजन में 65 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। भीषण गर्मी में इन दिनों 24 घंटे में 70 से 80 फॉल्ट हैं। ऐसे में लाइनमैन भी जल्द से जल्द व्यवस्था बनाने में जुट जाते हैं। विभागीय अफसरों का दावा है कि पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं और प्रत्येक लाइनमैन को दिए भी गए हैं। इसे पहनने को दबाव भी बनाया जाता है। अब सवाल है कि काम के दौरान कर्मी सुरक्षा उपकरण के साथ नजर क्यों नहीं आते। विभाग में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं है या फिर लाइनमैन खुद ही नहीं इस्तेमाल करते हैं।
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सुरक्षा उपकरण के साथ काम करने में होती दिक्कतें
-नाम न छापने की शर्त पर एक लाइनमैन ने बताया कि सुरक्षा उपकरण तो मिले हैं, लेकिन काम के दौरान उनको पहने रखना मुश्किल रहता है। लंबे समय से वे काम करते आ रहे। अब बिना सुरक्षा उपकरण काम करना आसान रहता है।
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लखीमपुर डिविजन में नई बस्ती, गढ़ी, कलक्ट्रेट, खीरी टाउन, छाउछ और न्यूज छाउछ उपकेंद्र हैं। विभागीय अफसरों के मुताबिक, प्रत्येक बिजलीघर पर 14 से 15 लाइनमैन हैं। पूरे डिविजन में 85 से अधिक लाइनमैन हैं और 100 से अधिक सुरक्षा उपकरण है।
डिस्चार्ज रॉड को लेकर असमंजस
-विभागीय अफसरों का दावा है कि सभी लाइनमैनों के पास सुरक्षा उपकरण के साथ ही डिस्चार्ज रॉड भी दिए गए हैं। यह उपकरण लाइन बंद करने के बाद बचे हुए करंट को अर्थ करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम करता है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि विभाग में डिस्चार्ज रॉड कम है। जो हैं, उनको भी इस्तेमाल नहीं किया जाता।
सभी लाइनमैनों को नए सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं। साथ ही उनको इस्तेमाल करने की चेतावनी भी दी गई है। बिना सुरक्षा उपकरण कोई भी काम करता मिला तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सेवा से भी हटाया जा सकता है। लाइनमैन को खुद की जिंदगी सुरक्षित रखने को सुरक्षा उपकरण इस्तेमाल करें। - शैलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, लखीमपुर डिविजन