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Lakhimpur Kheri News: शव पहुंचे तो रो पड़ा बेला, मुआवजे पर अड़े परिजन
Thu, 20 Aug 2026 12:52 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:52 AM IST
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हादसे में घायल अरविंद । संवाद
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लखीमपुर खीरी/मोहम्मदी। मध्य प्रदेश के भिंड में ट्रक और पिकअप की टक्कर में मारे गए मजदूरों के शव बुधवार सुबह मोहम्मदी के बेला गांव पहुंचे तो पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर अंतिम संस्कार से इनकार कर हंगामा किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बाद दोपहर बाद पुलिस की मौजूदगी में शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
हादसे में उपदेश (22), सुखदेव (50), अमर सिंह (40), रजनीश (25), भूरेलाल (20), पसगवां के किशुनपुर अजीत निवासी गुड्डू और हरना नारायणपुर के सुभाष (30) की मौत हो गई थी। मंगलवार रात घायल सर्वेश कुमार ने भी दम तोड़ दिया।
हादसे में सोमपाल, रमाकांत और पिंकू भी घायल हुए हैं। कंचन और सुखदेव सगे भाई हैं। कंचन के दोनों बेटे और सुखदेव का बेटा हादसे में घायल हुए हैं। गांव के घायल अरविंद, शिवकुमार और बेचेलाल एंबुलेंस से गांव पहुंचे। हालत नाजुक होने पर उन्हें सीएचसी भेजा गया।
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चेना गांव के पंचराम और गौंटिया गांव के सोमपाल के रिश्तेदार भी हादसे में घायल हुए थे। वे भी उनके साथ बेला पहुंचे। मृतक उपदेश के भाई अनिल का अकेला साला था, जो भटोरा गांव में धान लगाने गया था।
सुरक्षा के मद्देनजर एक ट्रक पीएसी भी गांव में तैनात रही। सीओ अरुण कुमार सिंह, इंस्पेक्टर उमेश चंद्र चौरसिया और तहसीलदार गरिमा वर्मा परिजनों से अंतिम संस्कार कराने के लिए बातचीत करते रहे, लेकिन परिजन तैयार नहीं हुए। काफी देर तक गांव में हंगामे और गहमागहमी का माहौल रहा।
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32 मजदूर सवार थे, सामने से आए ट्रक ने मारी टक्कर
हादसे में घायल शिवकुमार ने बताया कि ढवारा गांव से बेला आने के लिए छोटा हाथी वाहन 500 रुपये में किराये पर किया गया था। चालक से गांव तक पहुंचाने की बात हुई थी। वाहन में करीब 32 लोग सवार थे। रास्ते में सामने से आ रहे ट्रक ने वाहन में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मजदूरों के पास मौजूद रुपये और मोबाइल फोन भी नहीं मिले।
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ग्रामीणों ने बढ़ाया मदद का हाथ
हादसे की सूचना मिलते ही उसी इलाके में काम करने गए बेला गांव के कुछ लोग घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाने, दवा और इलाज की व्यवस्था कराने में मदद की। ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भी दौड़-धूप की। हादसे के बाद गांव में नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया। सपा के जयकरन बाजपेयी, क्रांति कुमार सिंह, आरए उस्मानी, असफाक उल्ला और अनिल राठौर ने गांव पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
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दुर्घटना में मारे गए गुड्डू का हुआ अंतिम संस्कार
पसगवां। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के ग्राम चिमटा में सड़क दुर्घटना में मारे गए ग्राम किशुनपुर अजीत निवासी गुड्डू का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्नि उनके पुत्र ने दी। ग्राम प्रधान गौरव सिंह ने अंतिम संस्कार की सामग्री उपलब्ध कराई। अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय गुड्डू की पत्नी माया देवी और पुत्र-पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल था। उधर, पसगवां और किशुनपुर अजीत के घायलों का उपचार शुरू कर दिया गया है। राजस्व टीम शासकीय सहायता दिलाने के लिए अभिलेख तैयार करने में जुटी है।
किशुनपुर अजीत निवासी मृतक गुड्डू के पास डेढ़ एकड़ जमीन है, जिस पर उनके सात परिजन आश्रित हैं। एक अन्य घायल के पास मात्र दो बीघा जमीन है। पसगवां के तीन घायलों के पास नाममात्र की जमीन है। जीविका का मुख्य आधार मजदूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीरामजी योजना संचालित है, लेकिन मजदूरी कम और समय से नहीं मिलने की शिकायत है। दुर्घटना के बाद प्रशासन ने तीस करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। संवाद
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इन मांगों को लेकर अड़े रहे परिजन
परिजनों ने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये नकद मुआवजा देने की मांग रखी। करीब दो घंटे की बातचीत के बाद तहसीलदार ने मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री तत्काल योजना के तहत दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ, विधवा पेंशन, त्वरित मुख्यमंत्री आवास योजना और अंत्योदय राशन कार्ड दिए जाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद भी परिजन अंतिम संस्कार को लेकर मांग पर अड़े रहे, हालांकि समझाने के बाद मान गए।
बुधवार सुबह विधायक पुत्र वैभव प्रताप सिंह, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आलोक सिंह, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र बाजपेयी, ग्राम प्रधान, तहसीलदार और लेखपाल ने ग्रामीणों से वार्ता की।
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मृतक सर्वेश का गांव नहीं पहुंचा शव
मोहम्मदी के बेला गांव निवासी सर्वेश कुमार की मौत के बाद गांव के मृतकों की संख्या छह हो गई है। सर्वेश का शव अभी गांव नहीं पहुंचा है। देर शाम तक शव पहुंचने की संभावना है। उनकी पत्नी भी रात में ग्वालियर पहुंच गई थीं। मृतक की बेटी काजल का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने कहा, पापा घर में अकेले कमाकर पूरे परिवार का खर्च उठाते थे। अब हमारा खर्च कौन उठाएगा?
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हादसे में उपदेश (22), सुखदेव (50), अमर सिंह (40), रजनीश (25), भूरेलाल (20), पसगवां के किशुनपुर अजीत निवासी गुड्डू और हरना नारायणपुर के सुभाष (30) की मौत हो गई थी। मंगलवार रात घायल सर्वेश कुमार ने भी दम तोड़ दिया।
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हादसे में सोमपाल, रमाकांत और पिंकू भी घायल हुए हैं। कंचन और सुखदेव सगे भाई हैं। कंचन के दोनों बेटे और सुखदेव का बेटा हादसे में घायल हुए हैं। गांव के घायल अरविंद, शिवकुमार और बेचेलाल एंबुलेंस से गांव पहुंचे। हालत नाजुक होने पर उन्हें सीएचसी भेजा गया।
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चेना गांव के पंचराम और गौंटिया गांव के सोमपाल के रिश्तेदार भी हादसे में घायल हुए थे। वे भी उनके साथ बेला पहुंचे। मृतक उपदेश के भाई अनिल का अकेला साला था, जो भटोरा गांव में धान लगाने गया था।
सुरक्षा के मद्देनजर एक ट्रक पीएसी भी गांव में तैनात रही। सीओ अरुण कुमार सिंह, इंस्पेक्टर उमेश चंद्र चौरसिया और तहसीलदार गरिमा वर्मा परिजनों से अंतिम संस्कार कराने के लिए बातचीत करते रहे, लेकिन परिजन तैयार नहीं हुए। काफी देर तक गांव में हंगामे और गहमागहमी का माहौल रहा।
32 मजदूर सवार थे, सामने से आए ट्रक ने मारी टक्कर
हादसे में घायल शिवकुमार ने बताया कि ढवारा गांव से बेला आने के लिए छोटा हाथी वाहन 500 रुपये में किराये पर किया गया था। चालक से गांव तक पहुंचाने की बात हुई थी। वाहन में करीब 32 लोग सवार थे। रास्ते में सामने से आ रहे ट्रक ने वाहन में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मजदूरों के पास मौजूद रुपये और मोबाइल फोन भी नहीं मिले।
ग्रामीणों ने बढ़ाया मदद का हाथ
हादसे की सूचना मिलते ही उसी इलाके में काम करने गए बेला गांव के कुछ लोग घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाने, दवा और इलाज की व्यवस्था कराने में मदद की। ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भी दौड़-धूप की। हादसे के बाद गांव में नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया। सपा के जयकरन बाजपेयी, क्रांति कुमार सिंह, आरए उस्मानी, असफाक उल्ला और अनिल राठौर ने गांव पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
दुर्घटना में मारे गए गुड्डू का हुआ अंतिम संस्कार
पसगवां। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के ग्राम चिमटा में सड़क दुर्घटना में मारे गए ग्राम किशुनपुर अजीत निवासी गुड्डू का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्नि उनके पुत्र ने दी। ग्राम प्रधान गौरव सिंह ने अंतिम संस्कार की सामग्री उपलब्ध कराई। अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय गुड्डू की पत्नी माया देवी और पुत्र-पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल था। उधर, पसगवां और किशुनपुर अजीत के घायलों का उपचार शुरू कर दिया गया है। राजस्व टीम शासकीय सहायता दिलाने के लिए अभिलेख तैयार करने में जुटी है।
किशुनपुर अजीत निवासी मृतक गुड्डू के पास डेढ़ एकड़ जमीन है, जिस पर उनके सात परिजन आश्रित हैं। एक अन्य घायल के पास मात्र दो बीघा जमीन है। पसगवां के तीन घायलों के पास नाममात्र की जमीन है। जीविका का मुख्य आधार मजदूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीरामजी योजना संचालित है, लेकिन मजदूरी कम और समय से नहीं मिलने की शिकायत है। दुर्घटना के बाद प्रशासन ने तीस करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। संवाद
इन मांगों को लेकर अड़े रहे परिजन
परिजनों ने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये नकद मुआवजा देने की मांग रखी। करीब दो घंटे की बातचीत के बाद तहसीलदार ने मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री तत्काल योजना के तहत दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ, विधवा पेंशन, त्वरित मुख्यमंत्री आवास योजना और अंत्योदय राशन कार्ड दिए जाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद भी परिजन अंतिम संस्कार को लेकर मांग पर अड़े रहे, हालांकि समझाने के बाद मान गए।
बुधवार सुबह विधायक पुत्र वैभव प्रताप सिंह, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आलोक सिंह, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र बाजपेयी, ग्राम प्रधान, तहसीलदार और लेखपाल ने ग्रामीणों से वार्ता की।
मृतक सर्वेश का गांव नहीं पहुंचा शव
मोहम्मदी के बेला गांव निवासी सर्वेश कुमार की मौत के बाद गांव के मृतकों की संख्या छह हो गई है। सर्वेश का शव अभी गांव नहीं पहुंचा है। देर शाम तक शव पहुंचने की संभावना है। उनकी पत्नी भी रात में ग्वालियर पहुंच गई थीं। मृतक की बेटी काजल का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने कहा, पापा घर में अकेले कमाकर पूरे परिवार का खर्च उठाते थे। अब हमारा खर्च कौन उठाएगा?

हादसे में घायल अरविंद । संवाद

हादसे में घायल अरविंद । संवाद

हादसे में घायल अरविंद । संवाद

हादसे में घायल अरविंद । संवाद