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Lakhimpur Kheri News: मलेरिया-डेंगू के मामले घटे, खतरा बरकरार
Thu, 20 Aug 2026 12:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:47 AM IST
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लखीमपुर खीरी। विश्व मच्छर दिवस पर मच्छरों से होने वाली बीमारियों के मोर्चे पर जिले के आंकड़े राहत देने वाले हैं। इस साल अब तक मलेरिया के 69 और डेंगू के सात मरीज मिले हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम हैं। हालांकि बारिश के बीच खतरा अभी टला नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 में मलेरिया के 115 और डेंगू के 58, 2022 में 103 और 85, 2023 में 298 और 179 तथा 2024 में 614 और 305 मरीज मिले थे। 2025 में मलेरिया के 445 और डेंगू के 68 मरीज मिले थे।
जिले में कई प्रमुख नदियां हैं। अत्यधिक बारिश में शारदा सहित अन्य नदियों में बाढ़ के बाद निचले इलाकों में पानी जमा रहता है, जो मच्छरों के प्रजनन का केंद्र बनता है।
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जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर ने बताया कि तेज बारिश में मच्छरों का लार्वा पनप नहीं पाता। विभाग ने तालाबों में गम्बूजिया मछलियां डलवाई हैं, जो लार्वा खाकर नष्ट करती हैं। संचारी रोग नियंत्रण अभियान का भी असर रहा है। हालांकि, रुक-रुककर हो रही बारिश से खतरा बढ़ रहा है। लोगों से घरों के आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की गई है।
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साल
मलेरिया
डेंगू
2021
115
58
2022
103
85
2023
298
179
2024
614
305
2025
445
68
2026 (अब तक)
69
7
नोट : ये आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं।
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ऐसे करें बचाव
घर, आसपास व नालियों में पानी जमा न होने दें। पानी से भरे गड्ढों में मिट्टी भरें। पानी के बर्तन व टंकियां ढककर रखें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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ये हैं लक्षण
सर्दी-कंपकंपी के साथ बुखार, तेज बुखार, उल्टी, सिरदर्द, बुखार उतरने पर पसीना, थकावट और कमजोरी हो सकती है। बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह से रक्त की जांच कराएं। मलेरिया की पुष्टि होने पर नियमित दवा लें। खाली पेट दवा न खाएं। एक वर्ष से छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं बिना चिकित्सकीय सलाह दवा न लें।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 में मलेरिया के 115 और डेंगू के 58, 2022 में 103 और 85, 2023 में 298 और 179 तथा 2024 में 614 और 305 मरीज मिले थे। 2025 में मलेरिया के 445 और डेंगू के 68 मरीज मिले थे।
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जिले में कई प्रमुख नदियां हैं। अत्यधिक बारिश में शारदा सहित अन्य नदियों में बाढ़ के बाद निचले इलाकों में पानी जमा रहता है, जो मच्छरों के प्रजनन का केंद्र बनता है।
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जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर ने बताया कि तेज बारिश में मच्छरों का लार्वा पनप नहीं पाता। विभाग ने तालाबों में गम्बूजिया मछलियां डलवाई हैं, जो लार्वा खाकर नष्ट करती हैं। संचारी रोग नियंत्रण अभियान का भी असर रहा है। हालांकि, रुक-रुककर हो रही बारिश से खतरा बढ़ रहा है। लोगों से घरों के आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की गई है।
साल
मलेरिया
डेंगू
2021
115
58
2022
103
85
2023
298
179
2024
614
305
2025
445
68
2026 (अब तक)
69
7
नोट : ये आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं।
ऐसे करें बचाव
घर, आसपास व नालियों में पानी जमा न होने दें। पानी से भरे गड्ढों में मिट्टी भरें। पानी के बर्तन व टंकियां ढककर रखें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
ये हैं लक्षण
सर्दी-कंपकंपी के साथ बुखार, तेज बुखार, उल्टी, सिरदर्द, बुखार उतरने पर पसीना, थकावट और कमजोरी हो सकती है। बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह से रक्त की जांच कराएं। मलेरिया की पुष्टि होने पर नियमित दवा लें। खाली पेट दवा न खाएं। एक वर्ष से छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं बिना चिकित्सकीय सलाह दवा न लें।