{"_id":"6a8601c7acfdd8215c0026a7","slug":"the-contractor-disappeared-after-digging-the-drain-in-front-of-the-houses-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-182807-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: घरों के सामने नाले की खोदाई कर ठेकेदार नदारद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: घरों के सामने नाले की खोदाई कर ठेकेदार नदारद
Thu, 20 Aug 2026 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
सतीश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। शहर से सटे सुआगाड़ा गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए मुख्य सड़क पर करीब 100 मीटर लंबा और चार फुट गहरा नाला खोद दिया गया, लेकिन काम बीच में रुकने से ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ गई हैं।
घरों के सामने खुली खाई से आवागमन प्रभावित है और रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जेसीबी मशीन से सोमवार को नाला खोदकर कुछ हिस्से में पाइपलाइन डाली गई। इसके बाद काम रुक गया। ग्रामीणों के मुताबिक, पहले दिन जनरेटर खराब होने से कई घंटे काम बंद रहा। दूसरा जनरेटर मंगाकर काम शुरू कराया गया, लेकिन वह भी कुछ देर बाद खराब हो गया। हालांकि बुधवार शाम चार बजे के बाद पाइपलाइन डालने का काम फिर शुरू कराया गया।
मुख्य सड़क होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी ठेला, लोडर और टैक्सी चालकों को हो रही है। दर्जनों परिवारों का काम प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नाला खोदने से पहले कोई सूचना नहीं दी गई। खोदाई के बाद बैरिकेडिंग भी नहीं कराई गई और चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया गया। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
नाला खोदकर काम बंद, विभागीय अफसरों ने जताई नाराजगी
जल जीवन मिशन के तहत यह काम कार्यदायी संस्था बीपीएल कंपनी करा रही है। काम रुकने की जानकारी ठेकेदार ने विभागीय अफसरों को नहीं दी। इसकी जानकारी जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता मनोज मौर्य तक पहुंची तो उन्होंने जिम्मेदारों पर नाराजगी जताई। उनकी सख्ती के करीब एक घंटे बाद गांव में पाइपलाइन डालने का काम शुरू कराया गया।
अधिशासी अभियंता मनोज मौर्य ने बताया कि जनरेटर खराब होने की वजह से काम प्रभावित होने की बात कही गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-- -
मैं छोटा हाथी वाहन से माल ढुलाई का काम करता हूं। रास्ता बंद होने से वाहन नहीं निकल पा रहा है। दो ऑर्डर आए, लेकिन दोनों कैंसिल करने पड़े।
-सतीश अर्कवंशी
-- -- -- -- --
मैं ठेलिया चलाता हूं, लेकिन दो दिनों से मुख्य मार्ग पर नाला खोदा होने से काम पर नहीं जा पा रहा हूं। जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए।
-रंजीत सिंह
विज्ञापन
घरों के सामने खुली खाई से आवागमन प्रभावित है और रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जेसीबी मशीन से सोमवार को नाला खोदकर कुछ हिस्से में पाइपलाइन डाली गई। इसके बाद काम रुक गया। ग्रामीणों के मुताबिक, पहले दिन जनरेटर खराब होने से कई घंटे काम बंद रहा। दूसरा जनरेटर मंगाकर काम शुरू कराया गया, लेकिन वह भी कुछ देर बाद खराब हो गया। हालांकि बुधवार शाम चार बजे के बाद पाइपलाइन डालने का काम फिर शुरू कराया गया।
विज्ञापन
मुख्य सड़क होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी ठेला, लोडर और टैक्सी चालकों को हो रही है। दर्जनों परिवारों का काम प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नाला खोदने से पहले कोई सूचना नहीं दी गई। खोदाई के बाद बैरिकेडिंग भी नहीं कराई गई और चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया गया। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
नाला खोदकर काम बंद, विभागीय अफसरों ने जताई नाराजगी
जल जीवन मिशन के तहत यह काम कार्यदायी संस्था बीपीएल कंपनी करा रही है। काम रुकने की जानकारी ठेकेदार ने विभागीय अफसरों को नहीं दी। इसकी जानकारी जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता मनोज मौर्य तक पहुंची तो उन्होंने जिम्मेदारों पर नाराजगी जताई। उनकी सख्ती के करीब एक घंटे बाद गांव में पाइपलाइन डालने का काम शुरू कराया गया।
अधिशासी अभियंता मनोज मौर्य ने बताया कि जनरेटर खराब होने की वजह से काम प्रभावित होने की बात कही गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मैं छोटा हाथी वाहन से माल ढुलाई का काम करता हूं। रास्ता बंद होने से वाहन नहीं निकल पा रहा है। दो ऑर्डर आए, लेकिन दोनों कैंसिल करने पड़े।
-सतीश अर्कवंशी
मैं ठेलिया चलाता हूं, लेकिन दो दिनों से मुख्य मार्ग पर नाला खोदा होने से काम पर नहीं जा पा रहा हूं। जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए।
-रंजीत सिंह

सतीश

सतीश