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Lakhimpur Kheri News: बाघों के घर से निकला बोल बम का कारवां
Sun, 09 Aug 2026 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:48 PM IST
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निघासन से बाबा लिलौटीनाथ के लिए जाती 21वीं विशाल कांवड़ पदयात्रा।संवाद
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लखीमपुर खीरी। सावन के दूसरे सोमवार को गोला गोकर्णनाथ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए रविवार को कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा। कुकरा-भीरा, गोला और ममरी के जंगल मार्गों से लेकर गोला रोड तक शिवभक्तों की कतारें दिखाई दीं।
शारदा नदी और घटिया घाट से गंगाजल लेकर पैदल चल रहे कांवड़ियों के जत्थों से जंगलों में भी हर-हर महादेव और बोल बम की गूंज सुनाई दी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा और गोला जंगल मार्ग पर कांवड़िये नंगे पांव चलते नजर आए। भीरा से गोला जंगल तक लंबी कतार में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। जंगल के आसपास बसे गांवों के शिवभक्तों ने बताया कि वे शारदा नदी से जल लेकर निकले हैं और सोमवार को गोला स्थित प्राचीन शिवालय में जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़िया अयोध्या प्रसाद, राम बचन, पिंटू और नैतिक ने बताया कि करीब 12 किलोमीटर चलने के बाद पैरों में छाले पड़ने लगते हैं। दर्द और थकान के बावजूद बोल बम का जयघोष उत्साह बढ़ाता है। कांवड़ यात्रा में छोटे बच्चे भी शामिल हैं और पैरों में छाले पड़ने के बावजूद नन्हे कदम आगे बढ़ रहे हैं।
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खमरिया, धौरहरा, सीतापुर और लहरपुर समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिवभक्त ट्रैक्टर-ट्रालियों और पैदल जत्थों में गोला की ओर रवाना हुए। कई श्रद्धालु 101 लीटर जल लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। कोई करीब 100 तो कोई 150 किलोमीटर की दूरी तय कर गोला पहुंच रहा है।
लंबी यात्रा के दौरान कांवड़िये पेट्रोल पंप और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुककर रात गुजार रहे हैं। लालपुर के पास रविवार को एक जत्थे ने कुछ देर विश्राम किया। श्रद्धालुओं ने वहीं खाना बनाया और भोजन के बाद फिर गोला की ओर रवाना हो गए। रास्ते में जगह-जगह सेवा शिविर लगाकर भोजन और जलपान की व्यवस्था भी की गई।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस ने गोला रोड पर जगह-जगह रूट डायवर्जन किया है। सीओ ट्रैफिक अभिमन्यु त्रिपाठी गोला रोड पर मौजूद रहे और डायवर्जन के अनुसार वाहनों को निकलवाते रहे।
बाघ प्रभावित जंगलों में वनकर्मियों की निगरानी
सावन के दूसरे सोमवार को गोला आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वन रेंज मोहम्मदी महेशपुर के वनकर्मियों की बाघ प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी लगाई गई है। रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि गोला-मोहम्मदी और मोहम्मदी-लखीमपुर मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ को सुरक्षित मंदिर तक पहुंचाने के लिए रेहरिया, महेशपुर और आंवला के जंगल में सशस्त्र वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
बाघ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क के आसपास लिखित बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं। वनकर्मी श्रद्धालुओं को वन्यजीवों से सतर्क रहने और जंगल में विश्राम न करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। सड़क पर दिन-रात गश्त के साथ वन्यजीवों की चहलकदमी पर नजर रखी जा रही है। हैदराबाद थाने की पुलिस भी सड़क पर गश्त कर रही है।
रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि कांवड़ियों की यात्रा सुगम बनाने के लिए जंगल मार्ग की लगातार निगरानी कराई जा रही है।
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गाजे-बाजे के साथ निकली 21वीं विशाल कांवड़ यात्रा
निघासन। रविवार को कस्बे से बाबा लिलौटीनाथ मंदिर के लिए 21वीं विशाल कांवड़ पदयात्रा रवाना हुई। कांवड़िये सिंगाही के मोटेबाबा स्थित पवित्र सरयू नदी से जल भरकर सिंगाही मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर पहुंचे। यहां से डीजे की धुन पर थिरकते हुए बाबा लिलौटीनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए। निघासन चौराहे पर समाजसेवी व व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता और आशीष कनौजिया ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। रकेहटी कस्बे में समाजसेवी दिग्विजय गुप्ता ने भी कांवड़ियों का स्वागत किया। इसी क्रम में कृपाकुंड से बाबा लिलौटीनाथ मंदिर के लिए 16वीं कांवड़ यात्रा भी रवाना हुई। संवाद
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डाक कांवड़ियों का जत्था गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना
ईसानगर। रविवार को ईसानगर से करीब 50 डाक कांवड़ियों का जत्था सरयू नदी से जल लेकर छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना हुआ। जत्थे में शामिल शिवभक्त दौड़ते हुए गोला पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। रवाना होने से पहले कांवड़ियों ने ईसानगर के प्रसिद्ध सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर यात्रा के सकुशल संपन्न होने की कामना की। संवाद
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कुकरा में कांवड़ियों के लिए भंडारा
बांकेगंज। कुकरा गांव के शिवभक्त युवाओं ने रविवार दोपहर भीरा जंगल मार्ग से गुजर रहे कांवड़ियों के लिए इंदिरा नगर गांव के पास भंडारा कराया। भगवा वस्त्रधारी श्रद्धालुओं ने पूड़ी और हलवा का प्रसाद ग्रहण किया और बोल बम का जयघोष करते हुए गोला की ओर रवाना हुए। खास बात रही कि आयोजन में मुस्लिम युवक जकीउल्ला बरकाती ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। इस मौके पर अशोक कुमार, सुरेश कुमार, मुन्नालाल, बिट्टू, चंद्रपाल, सुमित्रा देवी और राजेश आदि मौजूद रहे। संवाद
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पांचाल घाट के लिए डाक कांवड़ियों का जत्था रवाना
भीखमपुर। कस्बे से डाक कांवड़ यात्रा में 40 शिवभक्तों का जत्था पांचाल घाट के लिए रवाना हुआ। शनिवार को 13वीं ओम शिवशक्ति सेवा समिति कांवड़ यात्रा भी पांचाल घाट के लिए तिलक लगाकर रवाना हुई थी। पांचाल घाट, फर्रुखाबाद से डाक कांवड़ लाकर टेढ़ेनाथ के लिए पहली बार कस्बे से 40 शिवभक्तों का जत्था रविवार शाम तीन बजे बाइक से रवाना हुआ। इससे पहले शिवभक्तों ने मोहम्मदी-लखीमपुर मार्ग स्थित श्रीराम जानकी बालाजी मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया और तिलक लगवाया। इस मौके पर वीरेश पांडे, आशीष त्रिवेदी, अमन मिश्र, हिमांशु दीक्षित, आशीष शर्मा, पवन मिश्र और अवनीश अवस्थी समेत सैकड़ों शिवभक्त रवाना हुए। संवाद
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शारदा नदी और घटिया घाट से गंगाजल लेकर पैदल चल रहे कांवड़ियों के जत्थों से जंगलों में भी हर-हर महादेव और बोल बम की गूंज सुनाई दी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा और गोला जंगल मार्ग पर कांवड़िये नंगे पांव चलते नजर आए। भीरा से गोला जंगल तक लंबी कतार में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। जंगल के आसपास बसे गांवों के शिवभक्तों ने बताया कि वे शारदा नदी से जल लेकर निकले हैं और सोमवार को गोला स्थित प्राचीन शिवालय में जलाभिषेक करेंगे।
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कांवड़िया अयोध्या प्रसाद, राम बचन, पिंटू और नैतिक ने बताया कि करीब 12 किलोमीटर चलने के बाद पैरों में छाले पड़ने लगते हैं। दर्द और थकान के बावजूद बोल बम का जयघोष उत्साह बढ़ाता है। कांवड़ यात्रा में छोटे बच्चे भी शामिल हैं और पैरों में छाले पड़ने के बावजूद नन्हे कदम आगे बढ़ रहे हैं।
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खमरिया, धौरहरा, सीतापुर और लहरपुर समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिवभक्त ट्रैक्टर-ट्रालियों और पैदल जत्थों में गोला की ओर रवाना हुए। कई श्रद्धालु 101 लीटर जल लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। कोई करीब 100 तो कोई 150 किलोमीटर की दूरी तय कर गोला पहुंच रहा है।
लंबी यात्रा के दौरान कांवड़िये पेट्रोल पंप और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुककर रात गुजार रहे हैं। लालपुर के पास रविवार को एक जत्थे ने कुछ देर विश्राम किया। श्रद्धालुओं ने वहीं खाना बनाया और भोजन के बाद फिर गोला की ओर रवाना हो गए। रास्ते में जगह-जगह सेवा शिविर लगाकर भोजन और जलपान की व्यवस्था भी की गई।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस ने गोला रोड पर जगह-जगह रूट डायवर्जन किया है। सीओ ट्रैफिक अभिमन्यु त्रिपाठी गोला रोड पर मौजूद रहे और डायवर्जन के अनुसार वाहनों को निकलवाते रहे।
बाघ प्रभावित जंगलों में वनकर्मियों की निगरानी
सावन के दूसरे सोमवार को गोला आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वन रेंज मोहम्मदी महेशपुर के वनकर्मियों की बाघ प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी लगाई गई है। रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि गोला-मोहम्मदी और मोहम्मदी-लखीमपुर मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ को सुरक्षित मंदिर तक पहुंचाने के लिए रेहरिया, महेशपुर और आंवला के जंगल में सशस्त्र वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
बाघ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क के आसपास लिखित बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं। वनकर्मी श्रद्धालुओं को वन्यजीवों से सतर्क रहने और जंगल में विश्राम न करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। सड़क पर दिन-रात गश्त के साथ वन्यजीवों की चहलकदमी पर नजर रखी जा रही है। हैदराबाद थाने की पुलिस भी सड़क पर गश्त कर रही है।
रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि कांवड़ियों की यात्रा सुगम बनाने के लिए जंगल मार्ग की लगातार निगरानी कराई जा रही है।
गाजे-बाजे के साथ निकली 21वीं विशाल कांवड़ यात्रा
निघासन। रविवार को कस्बे से बाबा लिलौटीनाथ मंदिर के लिए 21वीं विशाल कांवड़ पदयात्रा रवाना हुई। कांवड़िये सिंगाही के मोटेबाबा स्थित पवित्र सरयू नदी से जल भरकर सिंगाही मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर पहुंचे। यहां से डीजे की धुन पर थिरकते हुए बाबा लिलौटीनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए। निघासन चौराहे पर समाजसेवी व व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता और आशीष कनौजिया ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। रकेहटी कस्बे में समाजसेवी दिग्विजय गुप्ता ने भी कांवड़ियों का स्वागत किया। इसी क्रम में कृपाकुंड से बाबा लिलौटीनाथ मंदिर के लिए 16वीं कांवड़ यात्रा भी रवाना हुई। संवाद
डाक कांवड़ियों का जत्था गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना
ईसानगर। रविवार को ईसानगर से करीब 50 डाक कांवड़ियों का जत्था सरयू नदी से जल लेकर छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना हुआ। जत्थे में शामिल शिवभक्त दौड़ते हुए गोला पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। रवाना होने से पहले कांवड़ियों ने ईसानगर के प्रसिद्ध सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर यात्रा के सकुशल संपन्न होने की कामना की। संवाद
कुकरा में कांवड़ियों के लिए भंडारा
बांकेगंज। कुकरा गांव के शिवभक्त युवाओं ने रविवार दोपहर भीरा जंगल मार्ग से गुजर रहे कांवड़ियों के लिए इंदिरा नगर गांव के पास भंडारा कराया। भगवा वस्त्रधारी श्रद्धालुओं ने पूड़ी और हलवा का प्रसाद ग्रहण किया और बोल बम का जयघोष करते हुए गोला की ओर रवाना हुए। खास बात रही कि आयोजन में मुस्लिम युवक जकीउल्ला बरकाती ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। इस मौके पर अशोक कुमार, सुरेश कुमार, मुन्नालाल, बिट्टू, चंद्रपाल, सुमित्रा देवी और राजेश आदि मौजूद रहे। संवाद
पांचाल घाट के लिए डाक कांवड़ियों का जत्था रवाना
भीखमपुर। कस्बे से डाक कांवड़ यात्रा में 40 शिवभक्तों का जत्था पांचाल घाट के लिए रवाना हुआ। शनिवार को 13वीं ओम शिवशक्ति सेवा समिति कांवड़ यात्रा भी पांचाल घाट के लिए तिलक लगाकर रवाना हुई थी। पांचाल घाट, फर्रुखाबाद से डाक कांवड़ लाकर टेढ़ेनाथ के लिए पहली बार कस्बे से 40 शिवभक्तों का जत्था रविवार शाम तीन बजे बाइक से रवाना हुआ। इससे पहले शिवभक्तों ने मोहम्मदी-लखीमपुर मार्ग स्थित श्रीराम जानकी बालाजी मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया और तिलक लगवाया। इस मौके पर वीरेश पांडे, आशीष त्रिवेदी, अमन मिश्र, हिमांशु दीक्षित, आशीष शर्मा, पवन मिश्र और अवनीश अवस्थी समेत सैकड़ों शिवभक्त रवाना हुए। संवाद

निघासन से बाबा लिलौटीनाथ के लिए जाती 21वीं विशाल कांवड़ पदयात्रा।संवाद

निघासन से बाबा लिलौटीनाथ के लिए जाती 21वीं विशाल कांवड़ पदयात्रा।संवाद

निघासन से बाबा लिलौटीनाथ के लिए जाती 21वीं विशाल कांवड़ पदयात्रा।संवाद

निघासन से बाबा लिलौटीनाथ के लिए जाती 21वीं विशाल कांवड़ पदयात्रा।संवाद