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Lakhimpur Kheri News: जंगल किनारे गन्ने की जगह दलहनी फसलों पर विचार
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:04 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले में बढ़ रहे वन्यजीव हमलों को रोकने के लिए जंगल से सटे क्षेत्रों में गन्ने की खेती सीमित करने पर मंथन शुरू हो गया है। वनमंत्री डॉ. अरुण सक्सेना के निर्देश के बाद विभागीय स्तर पर वैकल्पिक फसलों को लेकर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, गन्ने की जगह दलहनी फसलों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
खीरी प्रदेश का प्रमुख गन्ना उत्पादक जिला है। जिले में करीब 3.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती होती है। इनमें से सात हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र जंगलों से सटा हुआ है। वन विभाग का मानना है कि ऊंची और घनी गन्ने की फसल बाघ, तेंदुआ समेत अन्य वन्यजीवों के लिए अस्थायी ठिकाने का काम करती है। कई बार वन्यजीव जंगल से निकलकर गन्ने के खेतों में छिप जाते हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों पर हमलों की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
पिछले कुछ वर्षों में पलिया, भीरा, निघासन, गोला और दक्षिण खीरी क्षेत्र में वन्यजीव हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। गन्ने की कटाई के दौरान भी बाघ और तेंदुए के सामने आने की घटनाएं होती रही हैं।
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वन्यजीव घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से सोमवार को पलिया में आयोजित कार्यशाला में वनमंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने जंगल से सटे खेतों में गन्ने के स्थान पर अन्य फसलें उगाने पर जोर दिया था। इसके बाद विभागीय स्तर पर संभावित विकल्पों पर चर्चा शुरू हुई है।
जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। शासन स्तर से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में गन्ना सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है।
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बाघ-तेंदुए के हमलों की घटनाएं
-18 अप्रैल 2026 को निबौरिया के नयापुरवा निवासी उम्मेद अली के चार वर्षीय बेटे दिलशाद को तेंदुआ घर के सामने से उठा ले गया था। देर रात करीब एक बजे उसका अधखाया शव मिला था।
25 मार्च 2026 को सिंगाही क्षेत्र के फुटहा फार्म में किसान जोगा सिंह की सात वर्षीय बेटी सिमरन को तेंदुआ घर से उठा ले गया था। हमले में बच्ची की मौत हो गई थी।
22 जुलाई 2025 को लक्खनपुरवा निवासी किसान सोबरनलाल केवट मल्लाह की बेहड़ क्षेत्र में खेत पर काम करते समय बाघ के हमले में मौत हो गई थी।
5 जनवरी 2025 को बाबापुरवा निवासी पप्पू (45) बांध पर शौच के लिए गए थे। तेंदुए के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
4 जनवरी 2025 को दुमेंड़ा निवासी परस राम को नानकपुर जंगल में बाघ ने मार डाला था।
14 मार्च 2024 को खमरिया कोईलार निवासी किसान शिवचरण को खैरटिया के पास बांध किनारे जंगल में घास लेने के दौरान बाघ ने हमला कर मार डाला था।
7 दिसंबर 2023 को खैरटिया ग्राम पंचायत के नया पिंड निवासी भोला सिंह की मवेशी चराते समय बाघ के हमले में मौत हो गई थी।
8 जून 2023 को औधसिया निवासी शिवकुमार को गन्ने के खेत में घास काटते समय बाघ ने मार डाला था।
23 अप्रैल 2023 को सनखेड़ा निवासी आकाश की बाघ के हमले में जान चली गई थी।
18 अप्रैल 2023 को खैरटिया निवासी हरमीत सिंह को बाघ ने खेत में हमला कर मार डाला था।
31 मार्च 2023 को बाबापुरवा निवासी प्रीतम सिंह की खेत में बाघ के हमले में मौत हो गई थी।
खीरी प्रदेश का प्रमुख गन्ना उत्पादक जिला है। जिले में करीब 3.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती होती है। इनमें से सात हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र जंगलों से सटा हुआ है। वन विभाग का मानना है कि ऊंची और घनी गन्ने की फसल बाघ, तेंदुआ समेत अन्य वन्यजीवों के लिए अस्थायी ठिकाने का काम करती है। कई बार वन्यजीव जंगल से निकलकर गन्ने के खेतों में छिप जाते हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों पर हमलों की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
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पिछले कुछ वर्षों में पलिया, भीरा, निघासन, गोला और दक्षिण खीरी क्षेत्र में वन्यजीव हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। गन्ने की कटाई के दौरान भी बाघ और तेंदुए के सामने आने की घटनाएं होती रही हैं।
वन्यजीव घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से सोमवार को पलिया में आयोजित कार्यशाला में वनमंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने जंगल से सटे खेतों में गन्ने के स्थान पर अन्य फसलें उगाने पर जोर दिया था। इसके बाद विभागीय स्तर पर संभावित विकल्पों पर चर्चा शुरू हुई है।
जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। शासन स्तर से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में गन्ना सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है।
बाघ-तेंदुए के हमलों की घटनाएं
-18 अप्रैल 2026 को निबौरिया के नयापुरवा निवासी उम्मेद अली के चार वर्षीय बेटे दिलशाद को तेंदुआ घर के सामने से उठा ले गया था। देर रात करीब एक बजे उसका अधखाया शव मिला था।
25 मार्च 2026 को सिंगाही क्षेत्र के फुटहा फार्म में किसान जोगा सिंह की सात वर्षीय बेटी सिमरन को तेंदुआ घर से उठा ले गया था। हमले में बच्ची की मौत हो गई थी।
22 जुलाई 2025 को लक्खनपुरवा निवासी किसान सोबरनलाल केवट मल्लाह की बेहड़ क्षेत्र में खेत पर काम करते समय बाघ के हमले में मौत हो गई थी।
5 जनवरी 2025 को बाबापुरवा निवासी पप्पू (45) बांध पर शौच के लिए गए थे। तेंदुए के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
4 जनवरी 2025 को दुमेंड़ा निवासी परस राम को नानकपुर जंगल में बाघ ने मार डाला था।
14 मार्च 2024 को खमरिया कोईलार निवासी किसान शिवचरण को खैरटिया के पास बांध किनारे जंगल में घास लेने के दौरान बाघ ने हमला कर मार डाला था।
7 दिसंबर 2023 को खैरटिया ग्राम पंचायत के नया पिंड निवासी भोला सिंह की मवेशी चराते समय बाघ के हमले में मौत हो गई थी।
8 जून 2023 को औधसिया निवासी शिवकुमार को गन्ने के खेत में घास काटते समय बाघ ने मार डाला था।
23 अप्रैल 2023 को सनखेड़ा निवासी आकाश की बाघ के हमले में जान चली गई थी।
18 अप्रैल 2023 को खैरटिया निवासी हरमीत सिंह को बाघ ने खेत में हमला कर मार डाला था।
31 मार्च 2023 को बाबापुरवा निवासी प्रीतम सिंह की खेत में बाघ के हमले में मौत हो गई थी।