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Lakhimpur Kheri News: कार्रवाई में ढील से बाजार में चीनी मांझे की पकड़ रही मजबूत
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 15 Jan 2026 11:18 PM IST
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निर्देश शुक्ला
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लखीमपुर खीरी। मकर संक्रांति के मौके पर बृहस्पतिवार को शहर से लेकर कस्बों और गांवों तक पतंगबाजी का उत्साह चरम पर रहा। इस दौरान प्रतिबंधित चीनी मांझा मोनू कटर और गट्टू के नाम से खूब बिका। प्रशासन की ओर से इसकी बिक्री और उपयोग पर रोक लगी है। इसके बावजूद बाजार में इसका खुलेआम इस्तेमाल किया गया।
बीते कुछ समय पहले शाहजहांपुर में प्रतिबंधित चीनी मांझा से एक युवक की मौत हो गई। इसको लेकर जिले में बृहस्पतिवार को पड़ताल की गई तो पतंग विक्रेताओं ने बताया कि वह पिछले साल शाहजहांपुर में ही प्रतिबंधित मांझा से हुई सिपाही की मौत की बाद से यह मांझा नहीं बेच रहे हैं। शहर में पतंग विक्रेताओं की करीब एक दर्जन बड़ी दुकानें हैं। इसमें शहर की बक्सा मार्केट, कचहरी रोड व इमली चौराहा सहित अन्य जगह पर बड़े दुकानदार हैं। शाहजहांपुर में प्रतिबंधित मांझा में फंसकर बाइक सवार रवि शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई थी।
शहर की कई दुकानों पर भले ही चीनी मांझा प्रतिबंध होने के स्टीकर लगे दिखे, लेकिन हकीकत में चोरी-छिपे इसकी बिक्री होती रही। शहर में कुछ दुकानदारों में कार्रवाई का डर जरूर नजर आया, जबकि कस्बों और गांवों में बिना किसी भय के चीनी मांझा बेचा गया। प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से दुकानदारों के हौसले बढ़े हुए दिखे।
गौरतलब है कि चीनी मांझा बेहद खतरनाक होता है। इससे पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं। कई मामलों में बाइक से गुजरते समय मांझा गर्दन में फंसने से गंभीर चोटें आई हैं। इन्हीं हादसों को देखते हुए प्रशासन ने चीनी मांझा पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन मकर संक्रांति पर यह रोक कागजों तक ही सीमित नजर आई।
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ये लोग हुए घायल
मैं बाइक से जा रहा था, तभी अचानक गर्दन में चीनी मांझा फंस गया। पलभर में सांस रुकने जैसी हालत हो गई और मैं सड़क पर गिरते-गिरते बचा। गनीमत रही कि आसपास के लोगों ने तुरंत मदद की। चीनी मांझा बहुत खतरनाक है, इस पर पूरी तरह सख्ती होनी चाहिए।
- निर्देश शुक्ला, बाबू राम सर्राफ नगर
रास्ते में अचानक मांझा गर्दन में उलझ गया, जिससे गहरी चोट आई। दर्द के साथ डर भी लग गया था। प्रशासन ने इसे बैन किया है, फिर भी चोरी-छिपे बिक रहा है। ऐसे मांझे से जान भी जा सकती है, इसकी बिक्री पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
- गफ्फार अली, हिदायतनगर
वर्जन
समय-समय पर अभियान चलाकर दुकानों पर छापेमारी की जाती है। अभी तक कहीं से भी चीनी मांझा नहीं बरामद हुआ है। अभियान फिर से चलाया जाएगा।
संकल्प शर्मा, एसपी
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बीते कुछ समय पहले शाहजहांपुर में प्रतिबंधित चीनी मांझा से एक युवक की मौत हो गई। इसको लेकर जिले में बृहस्पतिवार को पड़ताल की गई तो पतंग विक्रेताओं ने बताया कि वह पिछले साल शाहजहांपुर में ही प्रतिबंधित मांझा से हुई सिपाही की मौत की बाद से यह मांझा नहीं बेच रहे हैं। शहर में पतंग विक्रेताओं की करीब एक दर्जन बड़ी दुकानें हैं। इसमें शहर की बक्सा मार्केट, कचहरी रोड व इमली चौराहा सहित अन्य जगह पर बड़े दुकानदार हैं। शाहजहांपुर में प्रतिबंधित मांझा में फंसकर बाइक सवार रवि शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई थी।
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शहर की कई दुकानों पर भले ही चीनी मांझा प्रतिबंध होने के स्टीकर लगे दिखे, लेकिन हकीकत में चोरी-छिपे इसकी बिक्री होती रही। शहर में कुछ दुकानदारों में कार्रवाई का डर जरूर नजर आया, जबकि कस्बों और गांवों में बिना किसी भय के चीनी मांझा बेचा गया। प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से दुकानदारों के हौसले बढ़े हुए दिखे।
गौरतलब है कि चीनी मांझा बेहद खतरनाक होता है। इससे पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं। कई मामलों में बाइक से गुजरते समय मांझा गर्दन में फंसने से गंभीर चोटें आई हैं। इन्हीं हादसों को देखते हुए प्रशासन ने चीनी मांझा पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन मकर संक्रांति पर यह रोक कागजों तक ही सीमित नजर आई।
ये लोग हुए घायल
मैं बाइक से जा रहा था, तभी अचानक गर्दन में चीनी मांझा फंस गया। पलभर में सांस रुकने जैसी हालत हो गई और मैं सड़क पर गिरते-गिरते बचा। गनीमत रही कि आसपास के लोगों ने तुरंत मदद की। चीनी मांझा बहुत खतरनाक है, इस पर पूरी तरह सख्ती होनी चाहिए।
- निर्देश शुक्ला, बाबू राम सर्राफ नगर
रास्ते में अचानक मांझा गर्दन में उलझ गया, जिससे गहरी चोट आई। दर्द के साथ डर भी लग गया था। प्रशासन ने इसे बैन किया है, फिर भी चोरी-छिपे बिक रहा है। ऐसे मांझे से जान भी जा सकती है, इसकी बिक्री पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
- गफ्फार अली, हिदायतनगर
वर्जन
समय-समय पर अभियान चलाकर दुकानों पर छापेमारी की जाती है। अभी तक कहीं से भी चीनी मांझा नहीं बरामद हुआ है। अभियान फिर से चलाया जाएगा।
संकल्प शर्मा, एसपी

निर्देश शुक्ला

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