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Lakhimpur Kheri News: गेहूं की तौल में देरी और अव्यवस्था पर भड़के किसान
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:14 PM IST
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पलिया मंडी परिसर में धरना देते भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी और किसान। संवाद
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पलियाकलां। पलिया के गेहूं क्रय केंद्रों पर अनियमितता और किसानों के शोषण का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने जिलाध्यक्ष कुलवंत सिंह जोशन और युवा जिला अध्यक्ष सरबजीत सिंह सैनी के नेतृत्व में मंडी परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन देकर कई मांगें रखीं।
भाकियू नेताओं ने कहा कि किसान पिछले 10 से 15 दिनों से अपनी फसल लेकर मंडी में परेशान खड़े हैं। आरोप है कि केंद्र प्रभारी कभी बोरों की कमी तो कभी ज्यादा नमी का हवाला देकर तौल नहीं कर रहे हैं। इस देरी की आड़ में बिचौलियों का खेल चल रहा है, जो किसानों से 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की अवैध वसूली मांग रहे हैं।
नेताओं का कहना है कि जो किसान पैसा दे देता है, उसका गेहूं तुरंत तौला जा रहा है, जबकि अन्य किसान धूप में खड़े रहने के लिए मजबूर हैं। यूनियन ने आरोप लगाया कि सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद केंद्रों पर पीने के पानी और छाया जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि की मार झेल चुके किसानों को अब व्यवस्थागत खामियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ और पारदर्शी तरीके से तौल शुरू नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर जसपाल सिंह पल्ला, धर्मेश कुमार, प्रसन्न दीप सिंह, हरदयाल सिंह जोती, राहुल वर्मा, सतेन्द्र सिंह और धर्मेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान व पदाधिकारी मौजूद रहे।
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भाकियू नेताओं ने कहा कि किसान पिछले 10 से 15 दिनों से अपनी फसल लेकर मंडी में परेशान खड़े हैं। आरोप है कि केंद्र प्रभारी कभी बोरों की कमी तो कभी ज्यादा नमी का हवाला देकर तौल नहीं कर रहे हैं। इस देरी की आड़ में बिचौलियों का खेल चल रहा है, जो किसानों से 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की अवैध वसूली मांग रहे हैं।
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नेताओं का कहना है कि जो किसान पैसा दे देता है, उसका गेहूं तुरंत तौला जा रहा है, जबकि अन्य किसान धूप में खड़े रहने के लिए मजबूर हैं। यूनियन ने आरोप लगाया कि सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद केंद्रों पर पीने के पानी और छाया जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि की मार झेल चुके किसानों को अब व्यवस्थागत खामियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ और पारदर्शी तरीके से तौल शुरू नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर जसपाल सिंह पल्ला, धर्मेश कुमार, प्रसन्न दीप सिंह, हरदयाल सिंह जोती, राहुल वर्मा, सतेन्द्र सिंह और धर्मेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान व पदाधिकारी मौजूद रहे।
