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Lakhimpur Kheri News: सदर मालखाने से जेवरात गायब होने के मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:07 AM IST
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लखीमपुर खीरी। शहर कोतवाली के सदर मालखाने से मुकदमे से संबंधित जेवरात गायब होने के मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी कर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दी है।
जांच में सामने आया कि मृतका के शव से मिले कपड़ों और जेवरात की पीएम पोटली तत्कालीन हेड मोहर्रिरों के कार्यकाल के दौरान मालखाने से गायब हुई थी। मामले में उत्तरदायी दोनों कर्मचारियों का निधन हो चुका है, इसलिए उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई संभव नहीं है।
अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने बताया कि तत्कालीन हेड मोहर्रिर सुधीर कुमार की तहरीर पर वर्ष 2025 में कोतवाली सदर में धारा 409 भादवि के तहत अज्ञात तत्कालीन हेड मोहर्रिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसकी विवेचना उपनिरीक्षक अरविंद कुमार तिवारी ने की।
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जांच में पता चला कि मामला वर्ष 2007 के मुकदमा संख्या 5143/2007 से जुड़ा है। इस मुकदमे में मृतका के शव से मिले कपड़ों और जेवरात की पीएम पोटली मालखाने में जमा कराई गई थी। उस समय मालखाने का प्रभार हेड मोहर्रिर चंद्रिका प्रसाद के पास था। वर्ष 2009 में उनकी मृत्यु हो गई। उनके बाद नियुक्त हेड मोहर्रिर रामबक्श पाल का भी निधन हो चुका है।
अभिलेखों के अनुसार, बाद में नियुक्त हेड मोहर्रिर संजय सिंह को उक्त पीएम पोटली का चार्ज प्राप्त नहीं हुआ था। विवेचना में यह प्रमाणित हुआ कि पीएम पोटली चंद्रिका प्रसाद और रामबक्श पाल के कार्यकाल के दौरान ही मालखाने से गायब हुई थी।
एएसपी पवन गौतम ने बताया कि दोनों कर्मचारियों के निधन के कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई संभव नहीं है। ऐसे में वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित कर विवेचना समाप्त कर दी गई है।
जांच में सामने आया कि मृतका के शव से मिले कपड़ों और जेवरात की पीएम पोटली तत्कालीन हेड मोहर्रिरों के कार्यकाल के दौरान मालखाने से गायब हुई थी। मामले में उत्तरदायी दोनों कर्मचारियों का निधन हो चुका है, इसलिए उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई संभव नहीं है।
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अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने बताया कि तत्कालीन हेड मोहर्रिर सुधीर कुमार की तहरीर पर वर्ष 2025 में कोतवाली सदर में धारा 409 भादवि के तहत अज्ञात तत्कालीन हेड मोहर्रिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसकी विवेचना उपनिरीक्षक अरविंद कुमार तिवारी ने की।
जांच में पता चला कि मामला वर्ष 2007 के मुकदमा संख्या 5143/2007 से जुड़ा है। इस मुकदमे में मृतका के शव से मिले कपड़ों और जेवरात की पीएम पोटली मालखाने में जमा कराई गई थी। उस समय मालखाने का प्रभार हेड मोहर्रिर चंद्रिका प्रसाद के पास था। वर्ष 2009 में उनकी मृत्यु हो गई। उनके बाद नियुक्त हेड मोहर्रिर रामबक्श पाल का भी निधन हो चुका है।
अभिलेखों के अनुसार, बाद में नियुक्त हेड मोहर्रिर संजय सिंह को उक्त पीएम पोटली का चार्ज प्राप्त नहीं हुआ था। विवेचना में यह प्रमाणित हुआ कि पीएम पोटली चंद्रिका प्रसाद और रामबक्श पाल के कार्यकाल के दौरान ही मालखाने से गायब हुई थी।
एएसपी पवन गौतम ने बताया कि दोनों कर्मचारियों के निधन के कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई संभव नहीं है। ऐसे में वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित कर विवेचना समाप्त कर दी गई है।