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धौरहरा में बाढ़ से हालात बेकाबू, कटे समदहा तटबंध को बचाने की कवायद
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धौरहरा के समदहा में कटे तटबंध को बोरियों के जरिये बचाने की कवायद।
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बृहस्पतिवार देर रात तक 71 लोग बचाए गए, धौरहरा कस्बे में भी पानी पहुंचा
ईसानगर क्षेत्र के ऐरा तटबंध पर भी पहुंचा पानी, 100 गांव के 200 मजरे प्रभावित
लखीमपुर खीरी। घाघरा और शारदा में आई बाढ़ से सबसे ज्यादा धौरहरा तहसील इलाके का बुरा हाल है। रैनी गांव में समदहा तटबंध करीब 50 मीटर तक बृहस्पतिवार को ही कट चुका है, जिसके बाद अब उसे बचाने की कवायद जारी है। करीब 50 मीटर कट चुके बंधे को प्लास्टिक की बोरियों से पाटा जा रहा है। बृहस्पतिवार देर रात तक चले रेस्क्यू में कुल 71 लोगों को बचाया गया है। उधर, देर शाम धौरहरा कस्बे में भी पानी भरना शुरू हो गया है। इससे नाव पलटने से हुए हादसे में तहसील क्षेत्र में एक की मौत हो चुकी है, जबकि आठ अभी भी लापता हैं।
घाघरा और शारदा नदी के बीच स्थित धौरहरा तहसील क्षेत्र भीषण बाढ़ की वजह से इस बार बुरी स्थिति में है। एक तरफ शारदा तो दूसरी और घाघरा के पानी ने तहसील क्षेत्र के लोगों के लिए मुश्किल पैदा कर दी है। तहसील क्षेत्र के 100 गांव के 200 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि करीब 50 हजार आबादी समेत 7500 हेक्टेयर फसल भी बाढ़ से प्रभावित हुई है। लोगों का जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया है।
शारदा नदी में बाढ़ से समर्दा बदाल, खरवहिया, लोधपुरवा, भौवापुर, पहडियापुर, करौंहा, हरदी, चहमलपुर, चिकनाजती, समदहा, रैनी, बम्हौरी, केशवापुरकलां, गुदरिया, महाराजनगर, बेहननपुरवा, कोईलीपुरवा, नयापुरवा, अदलीसपुर, नयागांव आदि धौरहरा ब्लॉक के गांव प्रभावित हैँ। उधर, रमियाबेहड़ के रामनगर बगहा, मोटेबाबा, सुजानपुर, परौरी, अगघरा, गुलरिया परौरी, बिंजहा, हरिसिंहपुर, सुनारनपुरवा, पंडितपुरवा आदि गांव घाघरा की भीषण बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि ईसानगर क्षेत्र में ऐरा तटबंध पर भी पानी पहुंच गया है और बसढ़िया चौराहा समेत लकड़िहा पुल, खमरिया आदि गांवों में भी पानी भरने लगा है।
तटबंध कटने से समदहा और चहमलपुर जंगल नंबर तीन के गांव जलमग्न
धौरहरा में इस बार सबसे बुरा हाल क्षेत्र के रैनी, समदहा गांव का है। जहां बृहस्पतिवार ही मंदिर के पास करीब 50 मीटर तक समदहा तटबंध कट चुका है, जिसे शुक्रवार से बोरियों के जरिये पाटने की कवायद शुरू कर दी गई है। तटबंध कटने से समदहा और चहमलपुर जंगल नंबर तीन के गांव में पानी भर गया है। इन गांवों के करीब 200 परिवार गांव में फंस गए थे, जिनमें से कुछ लोगों को बृहस्पतिवार की रात दो बजे तक चले रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ की टीम ने कुल 71 लोगों को निकाल लिया है। देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान में समदहा से 21 और जंगल नंबर तीन से दो राउंड में 50 लोगों को निकाला गया है, जबकि कई परिवार अभी भी अपने घरों की छतों पर डटे हुए हैं, जबकि समदहा के 160 लोगों को निकालकर बम्हौरी प्राथमिक स्कूल में रखा गया है।
एसडीएम रेनू ने बताया कि, बाढ़ लगातार बढ़ती जा रही है। बांध के पटान की व्यवस्था की जा रही है। समदहा गांव को बृहस्पतिवार को ही खाली कराया गया था, जिसमें से 160 लोगों को बम्हौरी के प्राथमिक स्कूल में रखा गया है, जबकि देर रात में 71 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। एसडीएम का कहना है कि अभी भी कई लोग गांव में मौजूद हैं और वह अपने घर की छत पर ही रहना चाहते हैं। ऐसे में उनकी प्राथमिकता है कि जो लोग अपने घरों में हैं, उन तक खाने-पीने का सही बंदोबस्त हो सके।
भदफर में पीलीभीत बस्ती मार्ग पर कटने लगी सड़क, आवागमन बंद
लखीमपुर खीरी। पीलीभीत बस्ती मार्ग पर सीतापुर जिले के अंतर्गत आने वाली भदफर चौकी के पास बृहस्पतिवार रात को हाईवे पर पानी की मोटी धार बहने लगी। धार इतनी तेज थी कि हाइवे किनारे सड़क और पुलिया कटने लगी है। सड़क पर दो से ढाई फुट तक पानी बहने लगा, जिसके बाद सतर्कता बरतते हुए खीरी और सीतापुर के प्रशासन ने उधर से छोटे वाहनों के निकलने पर रोक लगा दी, जिससे लखीमपुर से बहराइच की ओर जाने वालों को बीच रास्ते से ही वापस होने पड़ा और शारदानगर होते हुए निकलना पड़ा।
लखीमपुर से बहराइच की ओर राजमार्ग पर नकहा ब्लॉक के तहत सैंकड़ों गांव में पानी भरा है। हाईवे किनारे के गांव नौवापुर, रमुआपुर, रेहरिया, डंडपुरवा, बेलवा, खनियापुर, देवरिया, जुलाहनपुरवा समेत हाइवे सटे नकहा बाजार में भी पानी भर गया। आलम यह था कि लोग खुद ही अपनी गृहस्थी और जो बचा सके वो बचाकर सड़क पर आ गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई गांव के लोग अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। कोई नाव की व्यवस्था हो सके तो वह बाहर निकल सकते है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी भरा है। वह बहुत मुश्किल में हैं। क्योंकि, खेतो में तारों की बाड़ लगी है। पानी भरा होने की वजह से कटीली बाड़ का पता नहीं चलता और वह जख्मी हो रहे हैं।
नौवापुर में डूबी नाव से लापता दो लोगों का नहीं चला पता
लखीमपुर खीरी। नकहा के नौवापुर गांव में बृहस्पतिवार को डूबी नाव से हुए हादसे के बाद लापता एक महिला और बच्चे का दूसरे दिन भी पता नहीं चला, जबकि एनडीआरएफ की टीम ने अलग-अलग गांवों से शुक्रवार को कुल 62 लोगों का रेस्क्यू किया।
एनडीआरएफ टीम कमांडर इंस्पेक्टर सभाजीत यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को डूबी नाव से लापता महिला और बच्चे की तलाश की गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। पीलीभीत बस्ती हाईवे से सटे कई गांवों से कुल 62 लोगों का शुक्रवार को रेस्क्यू किया गया है। उन्होंने बताया कि नौवापुर गांव में फंसे 42 लोगों का रेस्क्यू किया गया है, जबकि घोसियाना गांव से 20 लोगों का रेस्क्यू किया गया। इस तरह कुल 62 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी है।
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ईसानगर क्षेत्र के ऐरा तटबंध पर भी पहुंचा पानी, 100 गांव के 200 मजरे प्रभावित
लखीमपुर खीरी। घाघरा और शारदा में आई बाढ़ से सबसे ज्यादा धौरहरा तहसील इलाके का बुरा हाल है। रैनी गांव में समदहा तटबंध करीब 50 मीटर तक बृहस्पतिवार को ही कट चुका है, जिसके बाद अब उसे बचाने की कवायद जारी है। करीब 50 मीटर कट चुके बंधे को प्लास्टिक की बोरियों से पाटा जा रहा है। बृहस्पतिवार देर रात तक चले रेस्क्यू में कुल 71 लोगों को बचाया गया है। उधर, देर शाम धौरहरा कस्बे में भी पानी भरना शुरू हो गया है। इससे नाव पलटने से हुए हादसे में तहसील क्षेत्र में एक की मौत हो चुकी है, जबकि आठ अभी भी लापता हैं।
घाघरा और शारदा नदी के बीच स्थित धौरहरा तहसील क्षेत्र भीषण बाढ़ की वजह से इस बार बुरी स्थिति में है। एक तरफ शारदा तो दूसरी और घाघरा के पानी ने तहसील क्षेत्र के लोगों के लिए मुश्किल पैदा कर दी है। तहसील क्षेत्र के 100 गांव के 200 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि करीब 50 हजार आबादी समेत 7500 हेक्टेयर फसल भी बाढ़ से प्रभावित हुई है। लोगों का जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया है।
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शारदा नदी में बाढ़ से समर्दा बदाल, खरवहिया, लोधपुरवा, भौवापुर, पहडियापुर, करौंहा, हरदी, चहमलपुर, चिकनाजती, समदहा, रैनी, बम्हौरी, केशवापुरकलां, गुदरिया, महाराजनगर, बेहननपुरवा, कोईलीपुरवा, नयापुरवा, अदलीसपुर, नयागांव आदि धौरहरा ब्लॉक के गांव प्रभावित हैँ। उधर, रमियाबेहड़ के रामनगर बगहा, मोटेबाबा, सुजानपुर, परौरी, अगघरा, गुलरिया परौरी, बिंजहा, हरिसिंहपुर, सुनारनपुरवा, पंडितपुरवा आदि गांव घाघरा की भीषण बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि ईसानगर क्षेत्र में ऐरा तटबंध पर भी पानी पहुंच गया है और बसढ़िया चौराहा समेत लकड़िहा पुल, खमरिया आदि गांवों में भी पानी भरने लगा है।
तटबंध कटने से समदहा और चहमलपुर जंगल नंबर तीन के गांव जलमग्न
धौरहरा में इस बार सबसे बुरा हाल क्षेत्र के रैनी, समदहा गांव का है। जहां बृहस्पतिवार ही मंदिर के पास करीब 50 मीटर तक समदहा तटबंध कट चुका है, जिसे शुक्रवार से बोरियों के जरिये पाटने की कवायद शुरू कर दी गई है। तटबंध कटने से समदहा और चहमलपुर जंगल नंबर तीन के गांव में पानी भर गया है। इन गांवों के करीब 200 परिवार गांव में फंस गए थे, जिनमें से कुछ लोगों को बृहस्पतिवार की रात दो बजे तक चले रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ की टीम ने कुल 71 लोगों को निकाल लिया है। देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान में समदहा से 21 और जंगल नंबर तीन से दो राउंड में 50 लोगों को निकाला गया है, जबकि कई परिवार अभी भी अपने घरों की छतों पर डटे हुए हैं, जबकि समदहा के 160 लोगों को निकालकर बम्हौरी प्राथमिक स्कूल में रखा गया है।
एसडीएम रेनू ने बताया कि, बाढ़ लगातार बढ़ती जा रही है। बांध के पटान की व्यवस्था की जा रही है। समदहा गांव को बृहस्पतिवार को ही खाली कराया गया था, जिसमें से 160 लोगों को बम्हौरी के प्राथमिक स्कूल में रखा गया है, जबकि देर रात में 71 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। एसडीएम का कहना है कि अभी भी कई लोग गांव में मौजूद हैं और वह अपने घर की छत पर ही रहना चाहते हैं। ऐसे में उनकी प्राथमिकता है कि जो लोग अपने घरों में हैं, उन तक खाने-पीने का सही बंदोबस्त हो सके।
भदफर में पीलीभीत बस्ती मार्ग पर कटने लगी सड़क, आवागमन बंद
लखीमपुर खीरी। पीलीभीत बस्ती मार्ग पर सीतापुर जिले के अंतर्गत आने वाली भदफर चौकी के पास बृहस्पतिवार रात को हाईवे पर पानी की मोटी धार बहने लगी। धार इतनी तेज थी कि हाइवे किनारे सड़क और पुलिया कटने लगी है। सड़क पर दो से ढाई फुट तक पानी बहने लगा, जिसके बाद सतर्कता बरतते हुए खीरी और सीतापुर के प्रशासन ने उधर से छोटे वाहनों के निकलने पर रोक लगा दी, जिससे लखीमपुर से बहराइच की ओर जाने वालों को बीच रास्ते से ही वापस होने पड़ा और शारदानगर होते हुए निकलना पड़ा।
लखीमपुर से बहराइच की ओर राजमार्ग पर नकहा ब्लॉक के तहत सैंकड़ों गांव में पानी भरा है। हाईवे किनारे के गांव नौवापुर, रमुआपुर, रेहरिया, डंडपुरवा, बेलवा, खनियापुर, देवरिया, जुलाहनपुरवा समेत हाइवे सटे नकहा बाजार में भी पानी भर गया। आलम यह था कि लोग खुद ही अपनी गृहस्थी और जो बचा सके वो बचाकर सड़क पर आ गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई गांव के लोग अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। कोई नाव की व्यवस्था हो सके तो वह बाहर निकल सकते है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी भरा है। वह बहुत मुश्किल में हैं। क्योंकि, खेतो में तारों की बाड़ लगी है। पानी भरा होने की वजह से कटीली बाड़ का पता नहीं चलता और वह जख्मी हो रहे हैं।
नौवापुर में डूबी नाव से लापता दो लोगों का नहीं चला पता
लखीमपुर खीरी। नकहा के नौवापुर गांव में बृहस्पतिवार को डूबी नाव से हुए हादसे के बाद लापता एक महिला और बच्चे का दूसरे दिन भी पता नहीं चला, जबकि एनडीआरएफ की टीम ने अलग-अलग गांवों से शुक्रवार को कुल 62 लोगों का रेस्क्यू किया।
एनडीआरएफ टीम कमांडर इंस्पेक्टर सभाजीत यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को डूबी नाव से लापता महिला और बच्चे की तलाश की गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। पीलीभीत बस्ती हाईवे से सटे कई गांवों से कुल 62 लोगों का शुक्रवार को रेस्क्यू किया गया है। उन्होंने बताया कि नौवापुर गांव में फंसे 42 लोगों का रेस्क्यू किया गया है, जबकि घोसियाना गांव से 20 लोगों का रेस्क्यू किया गया। इस तरह कुल 62 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी है।

पीलीभीत बस्ती मार्ग पर भदफर चौकी के पास तेज धार में कट रही पुलिया। संवाद

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