{"_id":"69b6f51c82a73d40bf0f6cc3","slug":"india-nepal-joint-strategy-on-trans-border-wildlife-protection-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1010-170495-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: सीमा पार वन्यजीव सुरक्षा पर भारत-नेपाल की संयुक्त रणनीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: सीमा पार वन्यजीव सुरक्षा पर भारत-नेपाल की संयुक्त रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:36 PM IST
विज्ञापन
दुधवा की गौरीफंटा रेंज में भारत नेपाल बैठक में बोलते डिप्टी डायरेक्टर। स्रोत: दुधवा
विज्ञापन
पलियाकलां। दुधवा की गौरीफंटा रेंज में भारत-नेपाल ट्रांसबाउंड्री समन्वय बैठक एवं संयुक्त कार्यशाला आयोजित हुई। बैठक में सीमावर्ती जंगलों में वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने और विशेष रूप से एक सींग वाले भारतीय गैंडे की सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति पर चर्चा की गई। साथ ही वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी रोकने के लिए दोनों देशों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में सीमावर्ती वन क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण, संयुक्त गश्त, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और वन्यजीव अपराध नियंत्रण जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने कहा कि तराई क्षेत्र के संरक्षित वन और घासभूमियां कई महत्वपूर्ण प्रजातियों के लिए साझा पारिस्थितिकी तंत्र बनाती हैं, इसलिए इनके संरक्षण के लिए सीमा पार सहयोग जरूरी है।
नेपाल की ओर से कैलाली और कंचनपुर के डिविजनल डीएफओ सहित कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने गैंडा संरक्षण, आवास प्रबंधन, मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और सीमा पार वन्यजीव अपराधों की रोकथाम के प्रयासों की जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि गैंडे, हाथी, बाघ सहित कई प्रजातियां प्राकृतिक रूप से दोनों देशों के जंगलों में आवाजाही करती हैं, इसलिए उनके संरक्षण के लिए निरंतर संवाद और समन्वित कार्रवाई जरूरी है।
भारत की ओर से डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर, प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी अक्षय साउथ सोनारीपुर रेंज, एसडीओ बेलरायां दीपक पांडेय, दुधवा वार्डन महावीर सिंह, विभिन्न वन क्षेत्राधिकारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सीमा शुल्क विभाग और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
संरक्षण सहयोगी संस्था डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के ईस्टर्न तराई आर्क लैंडस्केप प्रमुख डॉ. मुदित गुप्ता ने कहा कि तराई आर्क लैंडस्केप विश्व के महत्वपूर्ण संरक्षण क्षेत्रों में से एक है, जहां भारत और नेपाल के संरक्षित वन मिलकर समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान, निगरानी प्रणाली, सामुदायिक सहभागिता और संरक्षण रणनीतियों को मजबूत करने पर जोर दिया।
बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने गैंडा, बाघ, हाथी सहित अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए संयुक्त रूप से काम करने का संकल्प व्यक्त किया।
Trending Videos
बैठक में सीमावर्ती वन क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण, संयुक्त गश्त, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और वन्यजीव अपराध नियंत्रण जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने कहा कि तराई क्षेत्र के संरक्षित वन और घासभूमियां कई महत्वपूर्ण प्रजातियों के लिए साझा पारिस्थितिकी तंत्र बनाती हैं, इसलिए इनके संरक्षण के लिए सीमा पार सहयोग जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नेपाल की ओर से कैलाली और कंचनपुर के डिविजनल डीएफओ सहित कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने गैंडा संरक्षण, आवास प्रबंधन, मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और सीमा पार वन्यजीव अपराधों की रोकथाम के प्रयासों की जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि गैंडे, हाथी, बाघ सहित कई प्रजातियां प्राकृतिक रूप से दोनों देशों के जंगलों में आवाजाही करती हैं, इसलिए उनके संरक्षण के लिए निरंतर संवाद और समन्वित कार्रवाई जरूरी है।
भारत की ओर से डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर, प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी अक्षय साउथ सोनारीपुर रेंज, एसडीओ बेलरायां दीपक पांडेय, दुधवा वार्डन महावीर सिंह, विभिन्न वन क्षेत्राधिकारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सीमा शुल्क विभाग और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
संरक्षण सहयोगी संस्था डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के ईस्टर्न तराई आर्क लैंडस्केप प्रमुख डॉ. मुदित गुप्ता ने कहा कि तराई आर्क लैंडस्केप विश्व के महत्वपूर्ण संरक्षण क्षेत्रों में से एक है, जहां भारत और नेपाल के संरक्षित वन मिलकर समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान, निगरानी प्रणाली, सामुदायिक सहभागिता और संरक्षण रणनीतियों को मजबूत करने पर जोर दिया।
बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने गैंडा, बाघ, हाथी सहित अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए संयुक्त रूप से काम करने का संकल्प व्यक्त किया।