Lakhimpur Kheri: दुधवा से तेंदुए का 350 किलोमीटर का सफर, वन विभाग की टीम ने रानीपुर टाइगर रिजर्व में छोड़ा
लखीमपुर खीरी के मूर्तिहा गांव में पकड़ी गई एक मादा तेंदुआ को बृहस्पतिवार को 350 किलोमीटर दूर चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया। यह तेंदुआ आबादी क्षेत्र में दहशत फैला रहा था और पालतू पशुओं का शिकार कर रहा था। वन विभाग ने मंगलवार को उसे पिंजरे में कैद किया था।
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लखीमपुर खीरी के उत्तर निघासन रेंज के बेलरायां वन क्षेत्र के मूर्तिहा गांव में मंगलवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान पकड़ी गई मादा तेंदुआ को बृहस्पतिवार सुबह करीब 350 किलोमीटर दूर चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में सुरक्षित छोड़ दिया गया। आबादी क्षेत्र में लगातार आवाजाही और पालतू पशुओं का शिकार करने से ग्रामीणों में फैली दहशत के बाद वन विभाग ने उसे पिंजरे में कैद किया था।
वन विभाग के अनुसार, मादा तेंदुआ पिछले करीब एक माह से मूर्तिहा और आसपास के गांवों में घूम रही थी। इस दौरान उसने कई पालतू पशुओं को अपना शिकार बनाया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग ने मंगलवार को पिंजरे में बकरी बांधकर रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसमें तेंदुआ सुरक्षित पकड़ लिया गया। बकरी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
बृहस्पतिवार तड़के उत्तर निघासन के क्षेत्रीय वनाधिकारी भूपेंद्र सिंह और दुधवा नेशनल पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर की देखरेख में तेंदुए को विशेष वाहन से चित्रकूट ले जाया गया। वहां रानीपुर टाइगर रिजर्व के मानिकपुर प्रथम के क्षेत्रीय वनाधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने कल्याणपुर बीट के जंगल में उसे सुरक्षित छोड़ दिया।
वन अधिकारियों ने बताया कि रानीपुर टाइगर रिजर्व में कैमरा ट्रैप के जरिए अब तक 82 तेंदुओं की मौजूदगी दर्ज की गई थी। इस मादा तेंदुए के छोड़े जाने के बाद संख्या बढ़कर 83 हो गई है। इससे क्षेत्र की जैव विविधता को मजबूती मिलने के साथ वन्यजीव पर्यटन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि गांव के आसपास कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो उससे दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। किसी भी स्थिति में वन्यजीव को पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें।
एक महीने से बना था दहशत का कारण
मादा तेंदुआ लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रही थी और कई पालतू पशुओं को शिकार बना चुकी थी। इसके चलते ग्रामीणों में भय का माहौल था। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू में कई अधिकारी रहे शामिल
रेस्क्यू और स्थानांतरण अभियान में उत्तर निघासन के क्षेत्रीय वनाधिकारी भूपेंद्र सिंह, डॉ. दयाशंकर, रानीपुर टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय वनाधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, बीट प्रभारी उदय कुमार समेत वन विभाग की टीम शामिल रही।