UP: लखीमपुर खीरी में तेल संकट से हाहाकार, भीड़ से पंप पर अफरा-तफरी; SDM बोले- जमाखोरों पर होगा एक्शन
लखीमपुर खीरी के धौरहरा कस्बे समेत आसपास के क्षेत्रों में ईंधन की भारी किल्लत के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं। टैंकर आते ही 3-4 घंटे में पेट्रोल-डीजल खत्म हो जा रहा है। किसानों की सिंचाई और सहालग की वजह से मांग बढ़ने के साथ कुछ लोग बड़े केनों में ईंधन भरकर गांवों में 150-200 रुपये ज्यादा दाम पर कालाबाजारी कर रहे हैं।
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विस्तार
कस्बे समेत ईसानगर, खमरिया, रामनगर लहबड़ी, कफारा, रमियाबेहड़, ढखेरवा और टहारा क्षेत्र में इन दिनों ईंधन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पेट्रोल पंपों पर टैंकर पहुंचते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ती है और महज तीन से चार घंटे में ही पेट्रोल-डीजल खत्म हो जाता है। इससे जहां एक ओर किसान फसलों की सिंचाई के लिए परेशान हैं, वहीं सहालग के चलते आम लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपूर्ति कम और मांग अधिक होने के बीच कुछ लोग आपदा में अवसर तलाशते हुए अवैध भंडारण कर पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी में जुट गए हैं।
पंपों से भरवाकर गांवों में ब्लैक में बेच रहे तेल
धौरहरा क्षेत्र के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर एक जैसे हालात हैं। मुनाफाखोर किसान बनकर किराए के लोगों को लाइन में खड़ा कर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक के केनों में पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। बाद में यही ईंधन गांवों में 150 से 200 रुपये अतिरिक्त कीमत पर बेचा जा रहा है। बताया जा रहा है कि टैंकर आने से पहले ही ये लोग अपने लोगों को लाइन में लगा देते हैं, जिससे आम उपभोक्ता घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।
हर पंप पर वही चेहरे, दोबारा लग रही लाइन
धौरहरा कस्बे के बीपी, इंडियन ऑयल और एचपी समेत सभी पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं। विश्वनाथ पेट्रोल पंप के संचालक अवनीश कुमार ने बताया कि रामनगर लहबड़ी पंप से ईंधन लेने वाले करीब 60 फीसदी लोग फिर धौरहरा में बड़े केनों के साथ लाइन में खड़े मिल रहे हैं। इससे वास्तविक जरूरतमंदों को ईंधन नहीं मिल पा रहा।
अवैध भंडारण पर पुलिस की सख्ती
पंपों पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक रवींद्र सोनकर लगातार मौके पर मौजूद रहकर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने और अवैध भंडारण न करने की अपील करते रहे।
टंकी निकालकर पेट्रोल लेने पहुंचा युवक
कस्बे के एक एचपी पेट्रोल पंप पर उस समय अजीब स्थिति बन गई जब एक युवक अपनी बाइक की टंकी निकालकर पेट्रोल लेने पहुंच गया। युवक का कहना था कि बोतल में पेट्रोल नहीं दिया जा रहा, इसलिए मजबूरी में टंकी निकालकर लाना पड़ा।
फायर ब्रिगेड को भी नहीं मिला आसानी से डीजल
ईंधन संकट के बीच संवेदनहीनता भी देखने को मिली। बृहस्पतिवार रात फायर ब्रिगेड की गाड़ी जब डीजल लेने पंप पर पहुंची तो भीड़ के चलते उसे सड़क पर ही खड़ा रहना पड़ा। कर्मचारी जब केन लेकर डीजल लेने पहुंचे तो लोग उनसे उलझ पड़े। बाद में एसओ रवींद्र सोनकर को स्वयं हस्तक्षेप कर फायर ब्रिगेड को डीजल दिलाना पड़ा।
सवाल यह है…
आखिर कब तक ईंधन की किल्लत से जूझते रहेंगे ग्रामीण?
अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी?
प्रशासन मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित क्यों नहीं कर पा रहा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
जितनी खपत थी, उससे ज्यादा ईधन सप्लाई आ चुकी है, लोग जमाखोरी में जुटे हैं, व्यवस्था बनाने में जुटी पुलिस से भी लोग भिड़ जा रहे हैं , सरकारी गाड़ियों में भी ईधन डालने नहीं दे रहे। जबकि ईधन की कोई कमी नहीं है, बस लोग अफवाहों के चलते पैनिक हो रहे हैं, जमाखोरी के विरूद्ध अभियान चलाकर कार्यवाई कराएंगे - शशिकांत मणि एसडीएम धौरहरा।

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