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नेपाल : जवानों से मारपीट पर आईजी का अल्टीमेटम, बोले- दिलवाएंगे कड़ी सजा
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:32 AM IST
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धनगढ़ी (नेपाल)। कैलाली के अतरिया स्थित सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) की 7वीं वैद्यनाथ वाहिनी के 25वें स्थापना दिवस पर महानिरीक्षक राजू अर्याल ने खकरौला नाका पर जवानों के साथ हुई मारपीट की घटना पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्दीधारियों पर हाथ उठाने वाले अराजक तत्वों, तस्करों और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
आईजी अर्याल ने कहा कि सीमा पर तैनात एपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा की मजबूत दीवार है, लेकिन कभी-कभी जवानों को अपनी ही सुरक्षा को लेकर समझौता करना पड़ता है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने 18 मार्च की घटना का जिक्र करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाई जाए।
उन्होंने विभागीय अनुशासन पर भी सख्ती दिखाते हुए कहा कि घटना के दौरान ड्यूटी निभाने के बजाय मोबाइल फोन से फोटो और वीडियो बनाने वाले जवानों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे कर्मियों को निलंबित किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
गौरतलब है कि 18 मार्च को खकरौला नाका पर एपीएफ जवानों ने तस्करी का सामान बरामद किया था। इससे नाराज टीकापुर के कुछ व्यापारियों ने सामान को वैध बताते हुए गुल्म मुख्यालय में घुसकर जवानों से मारपीट की थी। मामले में अब तक एक आरोपी गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
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आईजी अर्याल ने कहा कि सीमा पर तैनात एपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा की मजबूत दीवार है, लेकिन कभी-कभी जवानों को अपनी ही सुरक्षा को लेकर समझौता करना पड़ता है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने 18 मार्च की घटना का जिक्र करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाई जाए।
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उन्होंने विभागीय अनुशासन पर भी सख्ती दिखाते हुए कहा कि घटना के दौरान ड्यूटी निभाने के बजाय मोबाइल फोन से फोटो और वीडियो बनाने वाले जवानों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे कर्मियों को निलंबित किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
गौरतलब है कि 18 मार्च को खकरौला नाका पर एपीएफ जवानों ने तस्करी का सामान बरामद किया था। इससे नाराज टीकापुर के कुछ व्यापारियों ने सामान को वैध बताते हुए गुल्म मुख्यालय में घुसकर जवानों से मारपीट की थी। मामले में अब तक एक आरोपी गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।