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Lakhimpur Kheri News: 30 साल से अपराध में सक्रिय नकली नोट कांड का मास्टरमाइंड गुरचरन
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:59 AM IST
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निघासन। पड़ोसी जिला बहराइच में नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने के मामले में गिरफ्तार किए गए सिंगाही के दलराजपुर निवासी गुरचरन सिंह उर्फ विजय का करीब 30 साल पुराना आपराधिक इतिहास है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ सिंगाही थाने में गैंगस्टर एक्ट समेत ठगी, मारपीट, चोरी और गुंडागर्दी के 10 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गुरचरन के खिलाफ वर्ष 1995 में धारा 354, 506 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 1999 में धारा 324, 504, 506, जबकि 2014 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई। वर्ष 2016 में धारा 379, 411, 413, 414, 419, 420 के तहत कई मुकदमे दर्ज हुए। इसके अलावा 2017 में गैंगस्टर एक्ट (2/3) और 2019 में एनडीपीएस एक्ट (8/21) के तहत भी कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक वह करीब एक दर्जन मुकदमों में वांछित चल रहा था।
ग्रामीणों के मुताबिक गुरचरन लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता रहा है। उसकी इसी करतूत के चलते इलाके में लोग उसे ‘नटवरलाल’ के नाम से पुकारते हैं। बताया जा रहा है कि करीब चार महीने पहले वह बहराइच चला गया था, जिसके बाद उसकी गतिविधियां और तेज हो गई थीं।
गुरचरन के जेल जाने की खबर मिलते ही उसके परिजन घर छोड़कर रिश्तेदारी में चले गए। परिवार के लोगों ने उससे किनारा करते हुए कहा कि जैसा करेगा, वैसा भरेगा, हमें उससे कोई मतलब नहीं है।
पुलिस के अनुसार गुरचरन की उम्र करीब 50 वर्ष है। उसके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। फिलहाल घर पर केवल महिलाएं ही मौजूद हैं। संवाद
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गुरचरन के खिलाफ वर्ष 1995 में धारा 354, 506 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 1999 में धारा 324, 504, 506, जबकि 2014 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई। वर्ष 2016 में धारा 379, 411, 413, 414, 419, 420 के तहत कई मुकदमे दर्ज हुए। इसके अलावा 2017 में गैंगस्टर एक्ट (2/3) और 2019 में एनडीपीएस एक्ट (8/21) के तहत भी कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक वह करीब एक दर्जन मुकदमों में वांछित चल रहा था।
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ग्रामीणों के मुताबिक गुरचरन लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता रहा है। उसकी इसी करतूत के चलते इलाके में लोग उसे ‘नटवरलाल’ के नाम से पुकारते हैं। बताया जा रहा है कि करीब चार महीने पहले वह बहराइच चला गया था, जिसके बाद उसकी गतिविधियां और तेज हो गई थीं।
गुरचरन के जेल जाने की खबर मिलते ही उसके परिजन घर छोड़कर रिश्तेदारी में चले गए। परिवार के लोगों ने उससे किनारा करते हुए कहा कि जैसा करेगा, वैसा भरेगा, हमें उससे कोई मतलब नहीं है।
पुलिस के अनुसार गुरचरन की उम्र करीब 50 वर्ष है। उसके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। फिलहाल घर पर केवल महिलाएं ही मौजूद हैं। संवाद