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Lakhimpur Kheri News: पेंशन में आधार से नहीं चलेगा काम, अब आयु के लिए देना होगा परिवार रजिस्टर
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:54 AM IST
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लखीमपुर खीरी। पेंशन योजनाओं में अब आयु प्रमाणपत्र के लिए आधार कार्ड मान्य नहीं होगा। नई व्यवस्था के तहत आवेदकों को परिवार रजिस्टर (फैमिली रजिस्टर) की नकल या शैक्षणिक प्रमाणपत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है।
जिले में 80 हजार से अधिक बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है। प्रत्येक लाभार्थी को एक हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से तीन माह में तीन हजार रुपये खाते में भेजे जाते हैं। हर वर्ष पांच से सात हजार नए लाभार्थी जुड़ते हैं। इस वर्ष आवेदन करने वालों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।
समाज कल्याण विभाग में पांच हजार से अधिक आवेदन पहले ही आ चुके हैं, जिनमें आयु प्रमाणपत्र के रूप में आधार कार्ड लगाया गया था। अब ऐसे आवेदकों से परिवार रजिस्टर या शैक्षणिक प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा है। इनमें से कोई एक दस्तावेज न देने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। यह बदलाव केवल वृद्धावस्था पेंशन ही नहीं, बल्कि निराश्रित महिला और दिव्यांग पेंशन पर भी लागू होगा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था लागू की गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लग सके।
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लोगों की बढ़ी परेशानी:
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई लोगों को परिवार रजिस्टर की नकल निकलवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत और नगर निकाय कार्यालयों में लंबी लाइनें लग रही हैं, जिससे आवेदकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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जिले में 80 हजार से अधिक बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है। प्रत्येक लाभार्थी को एक हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से तीन माह में तीन हजार रुपये खाते में भेजे जाते हैं। हर वर्ष पांच से सात हजार नए लाभार्थी जुड़ते हैं। इस वर्ष आवेदन करने वालों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।
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समाज कल्याण विभाग में पांच हजार से अधिक आवेदन पहले ही आ चुके हैं, जिनमें आयु प्रमाणपत्र के रूप में आधार कार्ड लगाया गया था। अब ऐसे आवेदकों से परिवार रजिस्टर या शैक्षणिक प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा है। इनमें से कोई एक दस्तावेज न देने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। यह बदलाव केवल वृद्धावस्था पेंशन ही नहीं, बल्कि निराश्रित महिला और दिव्यांग पेंशन पर भी लागू होगा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था लागू की गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लग सके।
लोगों की बढ़ी परेशानी:
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई लोगों को परिवार रजिस्टर की नकल निकलवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत और नगर निकाय कार्यालयों में लंबी लाइनें लग रही हैं, जिससे आवेदकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।