{"_id":"69e90b2b648fc4bf9d038ed8","slug":"petrol-diesel-crisis-deepens-only-three-out-of-eight-pumps-in-the-city-have-stock-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-173454-2026-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, शहर में आठ में तीन पंपों पर ही स्टॉक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, शहर में आठ में तीन पंपों पर ही स्टॉक
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 22 Apr 2026 11:23 PM IST
विज्ञापन
अलीगंज के इंडियन ऑयल पर पसरा सन्नाटा। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जिले में पेट्रोल-डीजल का संकट गहराने से शहर के आठ पंपों में से केवल तीन पर ही ईंधन उपलब्ध रहा। बाकी पंपों पर स्टॉक खत्म होने से लोग एक से दूसरे पंप भटकते रहे। जहां ईंधन मिला, वहां लंबी कतारें लगी रहीं।
भीड़ को देखते हुए कई पंपों पर पेट्रोल-डीजल की लिमिट तय कर दी गई है। पुलिस की निगरानी में वितरण कराया जा रहा है। जिले में कुल 286 पेट्रोल पंप हैं। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित पंप पर मांग के अनुसार, ईंधन दिया जा रहा था, जबकि संकटा देवी चौराहे के लक्ष्मी पंप पर बाइक को 200 रुपये और बड़े वाहनों को 1000 रुपये तक डीजल देने की सीमा तय की गई। एलआरपी चौराहे के मूसाराम पेट्रोल पंप पर भी ईंधन उपलब्ध रहा।
खीरी टाउन, लगुचा और तिकुनिया में भी पेट्रोल-डीजल के लिए लंबी कतारें देखी गईं। तिकुनिया के किसान फिलिंग स्टेशन पर मंगलवार तक ईंधन मिलता रहा, लेकिन बुधवार को स्टॉक खत्म होने से खासकर किसानों को परेशानी हुई।
बरबर, अमीरनगर और मोहम्मदी में ईंधन उपलब्ध रहा, लेकिन भीड़ अधिक रही। अलीगंज के हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप पर कई दिनों से डीजल नहीं है, जबकि पेट्रोल 100-200 रुपये की लिमिट में दिया जा रहा है। इंडियन ऑयल पंप पर स्टॉक खत्म होने से सन्नाटा रहा।
जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि जिले में ईंधन पर्याप्त मात्रा में है। वर्तमान में 2045 किलोलीटर डीजल और 1490 किलोलीटर पेट्रोल उपलब्ध है। बुधवार शाम तक 1040 किलोलीटर डीजल और 468 किलोलीटर पेट्रोल का नया स्टॉक आने की बात कही गई है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
संचालकों ने बताई जमीनी हकीकत
जिले में जारी पेट्रोल-डीजल संकट के बीच पंप संचालकों ने स्थिति को लेकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि आपूर्ति हो रही है, लेकिन मांग और अफरा-तफरी के चलते हालात बिगड़े हैं।
शिवनारायण फिलिंग स्टेशन के संचालक राकेश चौरसिया ने बताया कि कंपनी को एडवांस भुगतान करने के बाद तीसरे दिन लोड आता है। टैंकर पहुंचते ही पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ती है। किसी को ईंधन देने से मना नहीं किया जा सकता, लेकिन लोगों में स्टॉक करने की होड़ दिख रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।
वहीं विश्वनाथ फिलिंग स्टेशन के संचालक अवनीश का कहना है कि हर दूसरे दिन पंपों पर लोड आ रहा है। अब तक स्थिति सामान्य हो जानी चाहिए थी, लेकिन बहराइच से आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने से ईंधन की खपत ज्यादा हो रही है। उनका कहना है कि दो-चार दिन में हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
धौरहरा क्षेत्र में सबसे अधिक किल्लत
धौरहरा। ईसानगर, खमरिया, रमियाबेहड़, ढखेरवा चौराहा और धौरहरा क्षेत्र के पंपों पर टैंकर पहुंचते ही भीड़ उमड़ पड़ती है। यहां एक सप्ताह से संकट बना हुआ है। लंबी कतारों के बीच धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन रही है।
एसओ रवींद्र सोनकर और एसओ निर्मल तिवारी फोर्स के साथ पंपों पर व्यवस्था संभाल रहे हैं। पंप संचालकों ने 500 और 1000 रुपये की लिमिट तय की है, लेकिन कुछ लोगों के बार-बार लाइन में लगने से समस्या बढ़ रही है। कालाबाजारी की आशंका भी जताई जा रही है।
किसान यूनियन तहसील अध्यक्ष पवन पाठक ने कहा कि डीजल की कमी से सिंचाई और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -
ईंधन की आपूर्ति लगातार हो रही है। सहालग और किसानों की जरूरत के कारण भीड़ बढ़ी है। भंडारण न करने की अपील की गई है। कुछ लोगों ने भंडारण की शिकायत की है। इस पर पुलिस व राजस्व टीम लगाई गई है।
-शशिकांत मणि, एसडीएम, धौरहरा
Trending Videos
भीड़ को देखते हुए कई पंपों पर पेट्रोल-डीजल की लिमिट तय कर दी गई है। पुलिस की निगरानी में वितरण कराया जा रहा है। जिले में कुल 286 पेट्रोल पंप हैं। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित पंप पर मांग के अनुसार, ईंधन दिया जा रहा था, जबकि संकटा देवी चौराहे के लक्ष्मी पंप पर बाइक को 200 रुपये और बड़े वाहनों को 1000 रुपये तक डीजल देने की सीमा तय की गई। एलआरपी चौराहे के मूसाराम पेट्रोल पंप पर भी ईंधन उपलब्ध रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
खीरी टाउन, लगुचा और तिकुनिया में भी पेट्रोल-डीजल के लिए लंबी कतारें देखी गईं। तिकुनिया के किसान फिलिंग स्टेशन पर मंगलवार तक ईंधन मिलता रहा, लेकिन बुधवार को स्टॉक खत्म होने से खासकर किसानों को परेशानी हुई।
बरबर, अमीरनगर और मोहम्मदी में ईंधन उपलब्ध रहा, लेकिन भीड़ अधिक रही। अलीगंज के हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप पर कई दिनों से डीजल नहीं है, जबकि पेट्रोल 100-200 रुपये की लिमिट में दिया जा रहा है। इंडियन ऑयल पंप पर स्टॉक खत्म होने से सन्नाटा रहा।
जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि जिले में ईंधन पर्याप्त मात्रा में है। वर्तमान में 2045 किलोलीटर डीजल और 1490 किलोलीटर पेट्रोल उपलब्ध है। बुधवार शाम तक 1040 किलोलीटर डीजल और 468 किलोलीटर पेट्रोल का नया स्टॉक आने की बात कही गई है।
संचालकों ने बताई जमीनी हकीकत
जिले में जारी पेट्रोल-डीजल संकट के बीच पंप संचालकों ने स्थिति को लेकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि आपूर्ति हो रही है, लेकिन मांग और अफरा-तफरी के चलते हालात बिगड़े हैं।
शिवनारायण फिलिंग स्टेशन के संचालक राकेश चौरसिया ने बताया कि कंपनी को एडवांस भुगतान करने के बाद तीसरे दिन लोड आता है। टैंकर पहुंचते ही पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ती है। किसी को ईंधन देने से मना नहीं किया जा सकता, लेकिन लोगों में स्टॉक करने की होड़ दिख रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।
वहीं विश्वनाथ फिलिंग स्टेशन के संचालक अवनीश का कहना है कि हर दूसरे दिन पंपों पर लोड आ रहा है। अब तक स्थिति सामान्य हो जानी चाहिए थी, लेकिन बहराइच से आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने से ईंधन की खपत ज्यादा हो रही है। उनका कहना है कि दो-चार दिन में हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
धौरहरा क्षेत्र में सबसे अधिक किल्लत
धौरहरा। ईसानगर, खमरिया, रमियाबेहड़, ढखेरवा चौराहा और धौरहरा क्षेत्र के पंपों पर टैंकर पहुंचते ही भीड़ उमड़ पड़ती है। यहां एक सप्ताह से संकट बना हुआ है। लंबी कतारों के बीच धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन रही है।
एसओ रवींद्र सोनकर और एसओ निर्मल तिवारी फोर्स के साथ पंपों पर व्यवस्था संभाल रहे हैं। पंप संचालकों ने 500 और 1000 रुपये की लिमिट तय की है, लेकिन कुछ लोगों के बार-बार लाइन में लगने से समस्या बढ़ रही है। कालाबाजारी की आशंका भी जताई जा रही है।
किसान यूनियन तहसील अध्यक्ष पवन पाठक ने कहा कि डीजल की कमी से सिंचाई और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ईंधन की आपूर्ति लगातार हो रही है। सहालग और किसानों की जरूरत के कारण भीड़ बढ़ी है। भंडारण न करने की अपील की गई है। कुछ लोगों ने भंडारण की शिकायत की है। इस पर पुलिस व राजस्व टीम लगाई गई है।
-शशिकांत मणि, एसडीएम, धौरहरा

अलीगंज के इंडियन ऑयल पर पसरा सन्नाटा। संवाद

अलीगंज के इंडियन ऑयल पर पसरा सन्नाटा। संवाद

कमेंट
कमेंट X