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Lakhimpur Kheri News: जंगल में छोड़ने से पहले गैंडों के स्वभाव का हो रहा वैज्ञानिक अध्ययन
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:25 PM IST
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) में गैंडा पुनर्वासन योजना के तहत करीब 42 वर्षों से बाड़ में रह रहे छह गैंडों को इस माह के अंत तक जंगल में नया घर देने की तैयारी तेज कर दी गई है। इन्हें जंगल में छोड़ने से पहले टाइगर रिजर्व प्रशासन उनकी गतिविधियों और स्वभाव पर वैज्ञानिक तरीके से नजर रख रहा है।
योजना के तहत पुनर्वासन क्षेत्र फेज-एक से चिह्नित 16 गैंडों में से चार मादा और दो नर गैंडों को कॉलर लगाकर विशेषज्ञों की निगरानी में चरणबद्ध तरीके से जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ा जाएगा। इससे पहले उनके व्यवहार और गतिविधियों का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि जंगल में छोड़े जाने के बाद वे आबादी की ओर रुख न करें।
इसके लिए प्रशिक्षित वनाधिकारी और फील्ड कर्मी लगातार गैंडों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) से डीएनए जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें छोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
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योजना के तहत पुनर्वासन क्षेत्र फेज-एक से चिह्नित 16 गैंडों में से चार मादा और दो नर गैंडों को कॉलर लगाकर विशेषज्ञों की निगरानी में चरणबद्ध तरीके से जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ा जाएगा। इससे पहले उनके व्यवहार और गतिविधियों का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि जंगल में छोड़े जाने के बाद वे आबादी की ओर रुख न करें।
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इसके लिए प्रशिक्षित वनाधिकारी और फील्ड कर्मी लगातार गैंडों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) से डीएनए जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें छोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।