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Lakhimpur Kheri News: निर्धारित समय सीमा बीती, अब अप्रैल तक पूरा होगा शिव कॉरिडोर
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:35 PM IST
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गोला गोकर्णनाथ। कस्बे में बन रहे शिव मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के अधिकारी व कर्मचारी दावा कर रहे हैं कि कॉरिडोर का निर्माण अप्रैल माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
हालांकि, परियोजना की निर्धारित समय सीमा मार्च 2026 के अंत तक थी, लेकिन विभिन्न अड़चनों के कारण कार्य में देरी हुई। दिसंबर 2024 में करीब 69.15 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुए इस कॉरिडोर निर्माण की प्रगति की समीक्षा छह फरवरी को अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने जिला प्रशासन के साथ की थी। उस दौरान निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे।
कॉरिडोर परिसर में यात्री हाल की तीसरी मंजिल का काम, परिक्रमा पथ के कुछ हिस्सों की छत और अन्य मंदिरों की पुनर्स्थापना का कार्य शेष है। इन कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए मजदूरों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है।
-- -रिटेनिंग दीवार पर उकेरी जा रहीं शिव से जुड़ी कलाकृतियां-- -
कॉरिडोर के मुख्य द्वार से लगी रिटेनिंग दीवार पर भगवान शिव से संबंधित कलाकृतियां उकेरी जा रही हैं। राजस्थान से आए शिल्पकार इन म्यूरल को तैयार कर रहे हैं। जेई अजय प्रताप सिंह ने बताया कि म्यूरल के नीचे दृश्य के अनुरूप उभरे हुए अक्षरों में मंत्र और स्तोत्र भी अंकित किए जाएंगे। कॉरिडोर के मुख्य द्वार से यात्री हाल परिसर का धरातल एक समान रहेगा। यहां से तीन सीढ़ियां उतरकर श्रद्धालु कॉरिडोर परिसर में प्रवेश करेगा। परिक्रमा पथ का स्तर शिव मंदिर के बरामदे के बराबर रहेगा। वहीं कॉरिडोर परिसर से तीन सीढ़ियां नीचे उतरकर श्रद्धालु गोकर्ण तीर्थ के पाथवे तक पहुंच सकेंगे। पौराणिक शिव मंदिर के पीछे परिक्रमा पथ में अन्य मंदिरों की स्थापना की जाएगी और इनके पीछे हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
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हालांकि, परियोजना की निर्धारित समय सीमा मार्च 2026 के अंत तक थी, लेकिन विभिन्न अड़चनों के कारण कार्य में देरी हुई। दिसंबर 2024 में करीब 69.15 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुए इस कॉरिडोर निर्माण की प्रगति की समीक्षा छह फरवरी को अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने जिला प्रशासन के साथ की थी। उस दौरान निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे।
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कॉरिडोर परिसर में यात्री हाल की तीसरी मंजिल का काम, परिक्रमा पथ के कुछ हिस्सों की छत और अन्य मंदिरों की पुनर्स्थापना का कार्य शेष है। इन कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए मजदूरों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है।
कॉरिडोर के मुख्य द्वार से लगी रिटेनिंग दीवार पर भगवान शिव से संबंधित कलाकृतियां उकेरी जा रही हैं। राजस्थान से आए शिल्पकार इन म्यूरल को तैयार कर रहे हैं। जेई अजय प्रताप सिंह ने बताया कि म्यूरल के नीचे दृश्य के अनुरूप उभरे हुए अक्षरों में मंत्र और स्तोत्र भी अंकित किए जाएंगे। कॉरिडोर के मुख्य द्वार से यात्री हाल परिसर का धरातल एक समान रहेगा। यहां से तीन सीढ़ियां उतरकर श्रद्धालु कॉरिडोर परिसर में प्रवेश करेगा। परिक्रमा पथ का स्तर शिव मंदिर के बरामदे के बराबर रहेगा। वहीं कॉरिडोर परिसर से तीन सीढ़ियां नीचे उतरकर श्रद्धालु गोकर्ण तीर्थ के पाथवे तक पहुंच सकेंगे। पौराणिक शिव मंदिर के पीछे परिक्रमा पथ में अन्य मंदिरों की स्थापना की जाएगी और इनके पीछे हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा।